मध्य प्रदेश और गुजरात में ”पद्मावत” की रिलीज पर रोक

भोपाल/ अहमदाबाद। सेंसर बोर्ड (सीबीएफसी) ने भले ही पद्मावती फिल्म को पद्मावत नाम से बदलकर रिलीज करने की अनुमति दे दी हो लेकिन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने ऐलान किया है कि वह अपने राज्य में फ़िल्म को रिलीज नहीं होने देंगे। भले ही नाम बदल दिया गया हो। इसके साथ ही गुजरात में भी फिल्म की रिलीज पर रोक लगा दी गई है।
शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को सुबह मीडिया से कहा, ‘जो कह दिया सो कह दिया। हम अपने यहां फिल्म रिलीज नहीं होने देंगे, तो नहीं होने देंगे।’
उल्लेखनीय है कि जब पद्मावत (पुराना नाम पद्मावती) को लेकर विवाद चरम पर था, तब शिवराज ने ऐलान किया था कि वह मध्य प्रदेश में फिल्म को रिलीज नहीं होने देंगे। तब उन्होंने चित्तौड़गढ़ की रानी पद्मावती को राजमाता का दर्जा भी दिया था। इसके साथ ही राज्य में पद्मावती का भव्य स्मारक बनाने की भी घोषणा की थी। यही नहीं प्रदेश रेप पीड़ितों के लिए पद्मावती सम्मान देने की भी घोषणा की गई थी।
इन घोषणाओं के लिए राजपूत समाज ने शिवराज सिंह चौहान का भव्य सम्मान भी किया था। शुक्रवार को उनकी घोषणा का राजपूत समाज ने स्वागत किया है।
गुजरात में भी बैन
इसके अलावा गुजरात सरकार ने भी फैसला किया है कि पद्मावत राज्य के सिनेमाघरों में नहीं प्रदर्शित की जाएगी। मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने ऐलान किया कि गुजरात में फिल्म को नहीं रिलीज किया जाएगा। राज्य के कई हिस्सों से भी इस फिल्म के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की खबरें आई थीं।
सेंसर बोर्ड के दफ्तर पर प्रदर्शन
बुधवार को करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने मुंबई में केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के दफ्तर पर विरोध प्रदर्शन की कोशिश की। हालांकि, इस दौरान वहां पहले से मौजूद पुलिसकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। मुंबई पुलिस ने छोटे-छोटे ग्रुप में सेंसर बोर्ड के कार्यालय के पास पहुंच रहे करणी सेना के कार्यकर्ताओं को बल प्रयोग करते हुए हंगामा करने से रोका। गामदेवी पुलिस ने इस सिलसिले में 96 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है।
-एजेंसी