राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पहली दया याचिका खारिज की

नई दिल्‍ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने कार्यकाल की पहली दया याचिका को खारिज कर दिया है। यह याचिका 6 लोगों की हत्या के दोषी जगत राय ने दायर की थी। हत्या के मामले में उसे फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है। राय ने फांसी की सजा को आजीवन कारावास में बदलने की दरख्वास्त की थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट पांच साल पहले ही खारिज कर चुकी है।
इसके बाद जगत राय ने राष्ट्रपति भवन का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन वहां से भी उसे राहत नहीं मिली है। राय की अर्जी पर राष्ट्रपति सचिवालय ने करीब दस महीने तक विचार किया था।
गौरतलब है कि जगत राय पर विजेंद्र महतो नाम के एक व्यक्ति ने भैंस चोरी करने का आरोप लगाया था। घटना सन 2006 में बिहार के वैशाली जिले में हुई थी। इसके बाद विवाद इतना बढ़ा कि जगत राय ने महतो के घर में आग लगा दी, जिससे महतो की पत्नी और पांच बच्चे जलकर मौत के मुंह में समा गए थे। अदालत ने इस मामले को बेहद संगीन मानते हुए राय को सजा-ए-मौत सुनाई थी।
ये था पूरा मामला
भैंस चुराने के आरोप से शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि एक ही परिवार के छह लोगों की हत्या कर दी गई। जगत राय पर विजेंद्र महतो ने भैंस चुराने का आरोप लगाया था। यही नहीं उसने जगत के खिलाफ पुलिस केस वापस लेने से इंकार कर दिया था। इसके बाद विवाद इतना बढ़ गया कि जगत राय ने वैशाली जिले के रामपुर श्यामचंद गांव में रहने वाले मेहतो के घर में आग लगा दी। उस वक्त मेहतो का पूरा परिवार सो रहा था।
हमले में विजेंद्र महतो की पत्नी और उसके पांच बच्चे जलकर मर गए थे। यह घटना 1 जनवरी 2006 की है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने उसकी फांसी की सजा को बरकरार रखा था। कोर्ट इसे रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस मानते हुए फांसी की सजा को खत्म करने से इंकार कर दिया था। इसके बाद यह मामला दया याचिका के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा गया था।
-एजेंसी

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