यूनिवर्सिटीज क्‍लासेस शुरू करने के लिए UGC ने दिए दिशा-निर्देश

नई दिल्‍ली। कोरोना वायरस महामारी के कारण महीनों से बंद यूनिवर्सिटीज व कॉलेजों में अब क्लासेस शुरू करने की तैयारी चल रही है लेकिन महामारी के बीच यहां कक्षाएं किस तरह संचालित की जाएंगी, इसे लेकर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
यूजीसी द्वारा जारी इन दिशानिर्देशों को स्टूडेंट्स के साथ-साथ विश्वविद्यालयों के सभी कर्मचारियों, शिक्षकों को भी मानने होंगे। यूजीसी के दिशानिर्देश में 6-डे शेड्यूल से लेकर क्लास साइज कम करना व कैंपस में आइसोलेशन सेंटर बनाना तक शामिल है। इस बारे में अधिक जानकारी यहां दी जा रही है।
यूजीसी ने दिए हैं ये निर्देश
कैंपस में एंट्री से पहले सभी स्टूडेंट्स, फैकल्टीज व अन्य स्टाफ की स्क्रीनिंग जरूरी है। लक्षण पाए जाने पर मेडिकल जांच के बाद ही उन्हें कैंपस में प्रवेश की अनुमति मिलेगी।
जिनमें लक्षण पाए जाएंगे उनके लिए कैंपस में आइसोलेशन की सुविधा और जो कोविड पॉजिटिव व्यक्ति के संपर्क में आए हों, उनके लिए क्वारंटीन की सुविधा होनी चाहिए। अगर कैंपस में जगह न हो, तो किसी सरकारी अस्पताल या स्थानीय प्रशासन द्वारा स्वीकृत परिसर की व्यवस्था करनी होगी।
क्वारंटीन व आइसोलेशन में रहने वालों के लिए सुरक्षा, सफाई, स्वास्थ्य, खाना व पानी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
कॉलेज-विश्वविद्यालय 6-डे शेड्यूल का पालन करें ताकि फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए अलग-अलग फेज में क्लासेस संचालित की जा सकें।
क्लास की साइस कम कर उसे अलग-अलग टुकड़ों में बांटा जा सकता है। संस्थान के क्लासरूम के आकार के अनुसार एक बार में क्लास करने वाले स्टूडेंट्स की संख्या सुनिश्चित की जाए। 50 फीसदी तक स्टूडेंट्स कम किए जा सकते हैं। उन्हें रोटेशन के आधार पर क्लासेस करने के लिए बुलाया जा सकता है।
संस्थान की जरूरत के अनुसार प्रतिदिन टीचिंग के घंटे बढ़ाई भी जा सकते हैं।
यूजीसी ने यूनिवर्सिटीज व कॉलेजेज से कहा है कि वे चरणबद्ध तरीके से क्लासेस का संचालन शुरू करें। सिर्फ वही संस्थान खोले जा सकते हैं जो कंटेनमेंट जोन से बाहर होंगे।
कंटेनमेंट जोन्स में रहने वाले स्टूडेंट्स व स्टाफ्स को भी कॉलेज कैंपस में एंट्री की अनुमति नहीं होगी। न ही बाहर के स्टूडेंट्स या स्टाफ को कंटेनमेंट जोन में जाने की अनुमति होगी।
जरूरत के अनुसार छात्रावास खोले जा सकते हैं लेकिन सख्त देखरेख, सुरक्षा व स्वास्थ्य के मानकों का ख्याल रखते हुए। हालांकि किसी भी छात्रावास में फिलहाल कमरे की शेयरिंग की अनुमति नहीं होगी यानी एक कमरे में एक ही स्टूडेंट रह सकेगा। जिनमें लक्षण पाए जाएंगे, उन्हें किसी भी परिस्थिति में हॉस्टल में रहने की अनुमति नहीं होगी।
इन दिशा-निर्देशों के साथ यूजीसी ने यह भी कहा है कक्षाओं का संचालन कब से करना है, इसका निर्णय सभी केंद्रीय विवि व केंद्रीय सहायता प्राप्त विवि के कुलपति ले सकते हैं। वहीं, स्टेट यूनिवर्सिटीज व कॉलेजेज के मामले में यह फैसला संबंधित राज्य सरकार लेगी।
-एजेंसियां

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *