वैज्ञानिकों की भविष्यवाणी: दो हिस्सों में टूट जाएगा अफ्रीकी महाद्वीप, हिमालय भी खिसकेगा

अफ्रीकी महाद्वीप दो हिस्सों में टूट जाएगा और हिमालय की तस्वीर भी बदल जाएगी…! धरती के अंदर जो उथल-पुथल मची है, उसको लेकर वैज्ञानिकों ने जो भविष्यवाणी की है वह बेहद हैरान-परेशान करने वाली है।
वैज्ञानिकों के मुताबिक जिन टैक्टॉनिक प्लेटों पर हमारे महाद्वीप स्थित हैं, वह धीरे-धीरे खिसक रहे हैं। यह हलचल एक दिन पृथ्वी की तस्वीर बदल सकती है। इस साल की शुरुआत में ही ईस्ट अफ्रीकन रिफ्ट वैली के केन्याई हिस्से की भूमि पर एक दरार आ गई है। हालांकि, इस दरार का टैक्टॉनिक प्लेटों की गतिविधि से कोई लेना-देना नहीं है लेकिन शोध से यह पता लगता है कि अगले 1 करोड़ सालों में अफ्रीका जबरदस्त रूप से बदल जाएगा, जिससे नए महाद्वीप और पर्वत श्रृंखलाओं का जन्म होगा।
आइए आपको बताते हैं पृथ्वी के लिए क्या है वैज्ञानिकों की भविष्यवाणी…
– एक करोड़ साल बाद पूर्वी अफ्रीका बाकी महाद्वीप से एकदम अलग हो जाएगा। पूर्वी अफ्रीकी रिफ्ट वैली के साथ, अफ्रीकी महाद्वीप दो हिस्सों में बंटेगा: सोमाली प्लेट और न्यूबियन प्लेट।
पश्चिमी एशिया में नए पर्वत
पूर्वी अफ्रीकी हिस्से के अलग होने के परिणामस्वरूप अफ्रीका के बंटने से अरेबियन प्लेट यूरेशियन प्लेट में जाएगा, जिससे सामान्य भूमि पर्वत का रूप ले लेगी।
हिंद महासागर में ज्यादा टापू
सोमाली और भारती-ऑस्ट्रेलियाई प्लेटों के टकराने से हिंद महासागर में नए टापू बनेंगे।
सरक जाएगा हिमालय
भारत-ऑस्ट्रेलियाई टैक्टॉनिक प्लेट अब उत्तर में यूरेशियन प्लेट की तरफ जाएंगे, जिससे हर साल हिमालय पर्वत श्रेणी 1 सेंटीमीटर बढ़ेगी और यह दक्षिण की तरफ फैलेगी।
-भारत-ऑस्ट्रेलियाई प्लेट के यूरेशियन प्लेट से टकराने के बाद हिमालय पर्वत श्रृंखला बनी थी। लेकिन साल 2012 में हुई एक स्टडी में पता लगा कि भारतीय प्लेट की उत्तरी दिशा में गतिविधि धीमी पड़ रही है और यह अगले 2 करोड़ सालों में रुक जाएगी।
ऐसे टूटकर अलग होगा पूर्वी अफ्रीकी वैली
– ईस्ट अफ्रीकन रिफ्ट वैली दो टैक्टॉनिक प्लेट्स के बीच है।
– आमतौर पर दरारें यानी रिफ्ट भविष्य में महाद्वीपों के टूटने का संकेत होती हैं। जैसे-जैसे दरारें बढ़ती हैं भूमि का ऊपरी हिस्सा पतला होता जाता है।
– एक बार दरार महाद्वीप को दो हिस्सों में बांट देता है, तो इसकी वजह से खाली हुई जगहों में महासागर का पानी भर जाएगा और हिंद महासागर में एक नए महाद्वीप का जन्म होगा।
– अगल 1 करोड़ सालों में सोमाली प्लेट के मुख्य अफ्रीकी प्लेट से अलग होने की आशंका है।
बता दें कि पूर्व अफ्रीकी रिफ्ट वैली जिम्बाब्वे से लेकर अदन की खाड़ी तक 3 हजार किलोमीटर के दायरे में फैला है, जहां से अफ्रीकी महाद्वीप दो टैक्टॉनिक प्लेटों में बंटने की प्रक्रिया में है।
-एजेंसी

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