अयोध्‍या में 28 वर्षों से बंद पड़े शिवलिंग का रुद्राभिषेक के साथ पूजा-पाठ प्रारंभ

अयोध्‍या। अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि परिसर के काफी बड़े क्षेत्रफल में कई प्राचीन धार्मिक स्थल मौजूद हैं, जो अब खंडहर में तब्दील हो चुके हैं। उसी श्रेणी में कुबेर टीला पर बना शिव का मंदिर है। इसमें 7 जनवरी 1993 को राम जन्मभूमि परिसर के अधिग्रहण के पहले क्षेत्रीय नागरिक अभिषेक पूजन करते थे लेकिन कुछ दिन बाद सुरक्षा कारणों के कारण इसे बंद कर दिया गया। श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्यों की नजर इस प्राचीन मंदिर पर पड़ी तो इसे पुनः जागृत करने का कार्य शुरू हो गया है। यही कारण रहा कि 28 वर्षों से बंद पड़े मंदिर के शिवलिंग का रुद्राभिषेक कर फिर से पूजा-पाठ प्रारंभ कर दी गई।

रामजन्मभूमि परिसर में कुबेर टीला पर कुबेरेश्वर शिवलिंग का रुद्राभिषेक किया गया। इसके लिए मणिराम छावनी के महंत और रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी कमल नयन दास कुबेर टीला पहुंचे और उनकी अगुवाई में करीब दो घंटे यह अनुष्ठान चला। इसमें भगवान शिव के रूद्राभिषेक और उनका पूजन किया गया।

इसकी तैयारियां उसी दिन से शुरु हो गई थी जिस दिन समतलीकरण के दौरान पाषाण खंड के पुरावशेषों के मध्य विशालकाय शिवलिंग भी प्राप्त हुए थे। इसी के बाद रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महामंत्री चंपत राय ने परिसर के अधिकारियों के साथ सीधे कुबेर टीला गये और वहां पड़ताल की तो उन्हें एहसास हुआ कि टीले पर प्रतिष्ठित शिवलिंग व समतलीकरण में मिले शिवलिंग में काफी समानता है। इसके बाद उन्हें अपनी भूल पर पछतावा हुआ और उन्हें लगा कि इस दैव संयोग का अवश्य कोई अदृश्य संकेत है। इसी के चलते उन्होंने कारसेवकपुरम में संचालित श्रीराम वेद विद्यालय के प्राचार्य एवं अन्य आचार्यों से देवाधिदेव की प्रसन्नता के अनुष्ठान का श्रीगणेश कराया। इसी कड़ी में रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया है।

उल्लेखनीय है कि कुबेर टीला राम जन्मभूमि परिसर में स्थित है जो भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग(ASI) का संरक्षित स्थल है।

शिलान्यास के लिए पीएम मोदी को निमंत्रण

भगवान श्री राम के मंदिर के औपचारिक निर्माण कार्य की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों से कराने पर विचार चल रहा है। ट्रस्ट के सदस्यों के बीच इस विषय पर चर्चा भी हुई। दिल्ली में राममंदिर ट्रस्ट के सदस्यों की बैठक हुई जिसमें यह निर्णय लिया गया है कि शिलान्यास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अयोध्या आने का आमंत्रण दिया जाएगा।

-एजेंसियां

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *