प्रद्युम्न हत्याकांड: रायन इंटरनेशनल स्कूल के बाहर आज भी विरोध प्रदर्शन

गुरुग्राम। रायन इंटरनेशनल स्कूल के अंदर हुए प्रद्युम्न हत्याकांड को लेकर अभिभावकों का गुस्सा शांत नहीं हो रहा है। आरोपी की गिरफ्तारी, स्कूल की प्रिंसिपल के निलंबन और सात दिन में चार्जशीट दायर करने के पुलिस के बयान से भी अभिभावक बिल्कुल संतुष्ट नहीं हैं। वे स्कूल के खिलाफ कड़ी कार्यवाही चाहते हैं। रविवार को बड़ी संख्या में पैरंट्स रायन स्कूल के बाहर जमा हुए और विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान स्कूल की कई खिड़कियां तोड़ दी गईं। अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
स्कूल में अंदर छात्र की हत्या की इस घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। खास तौर पर पैरंट्स में इसे लेकर जबरदस्त गुस्सा देखने को मिल रहा है। पुलिस जिस तरीके से इस मामले की जांच कर रही है, अभिभावक उससे भी संतुष्ट नहीं हैं। उन्हें पुलिस की थिअरी पर ही यकीन नहीं है। लोगों का कहना है कि पुलिस और प्रशासन के अधिकारी स्कूल प्रबंधन को बचाने का काम कर रहे हैं। ज्योति नाम की एक अभिभावक ने कहा, ‘हम मामले की जांच से संतुष्ट नहीं हैं। बस कंडक्टर को फंसाया जा रहा है। स्कूल को स्टूडेंट्स की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेनी ही चाहिए।’ रायन स्कूल में ही पढ़ने वाले एक बच्चे की मां ने कहा, ‘हम इस केस की सीबीआई जांच चाहते हैं। हम प्रद्युम्न के लिए इंसाफ चाहते हैं।’
इस बीच पीड़ित माता-पिता से मिलने के लिए नेता भी पहुंचने लगे हैं। बिहार के मधेपुरा से सांसद पप्पू यादव प्रद्युम्न के घर पहुंचे हैं। उनके अलावा हरियाणा के शिक्षा मंत्री रामविलास शर्मा के भी गुरुग्राम पहुंचने की खबर है। साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा के भी गुरुग्राम आने की बात कही जा रही है। बताया जा रहा है कि वह अभिभावकों से मिलकर बात करेंगे।
इसके पहले शनिवार को भी बड़ी संख्या में अभिभावकों ने घटना के विरोध में सड़क को जाम कर दिया था और स्कूल के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की थी।
दरअसल, अभी तक पुलिस और प्रशासन ने इस मामले में स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कोई सीधी कार्यवही नहीं की है। अभिभावक इसी बात से नाराज हैं। वे तो यहां तक आरोप लगा रहे हैं कि इस स्कूल प्रबंधन कंडक्टर को मोहरा बनाकर घटना के पीछे छुपे असली राज को दबाने की कोशिश कर रहा है। उनकी मांग है कि स्कूल की मान्यता रद्द की जाए और स्कूल की प्रिंसिपल के खिलाफ केस दर्ज किया जाए।
शनिवार को प्रद्युम्न की मां ने भी स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि हो सकता है कि उनके बच्चे ने स्कूल के बाथरूम में कुछ ऐसा देख लिया है, जिसे छुपाने के लिए उसकी हत्या कर दी गई।उन्होंने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर भी कह चुके हैं कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा लेकिन अभिभावक फिलहाल किसी की बात पर भरोसा करने को राजी नहीं है, वे स्कूल के खिलाफ तुरंत बड़ा ऐक्शन चाहते हैं।

मालिक और प्रबंधन के खिलाफ केस दर्ज, मान्यता रद्द नहीं होगी
गुरुग्राम पहुंचे प्रदेश के शिक्षा मंत्री रामविलास शर्मा ने बताया कि मालिक और प्रबंधन के खिलाफ केस दर्ज किया जा चुका है। हालांकि अन्य बच्चों के भविष्य का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि स्कूल की मान्यता रद्द नहीं की जाएगी।
शर्मा ने यह भी कहा कि अगर पूरी जांच से प्रद्युम्न के माता-पिता संतुष्ट नहीं होंगे तो सरकार किसी भी एजेंसी से मामले की जांच के लिए तैयार है।
अभिभावकों की नाराजगी और विरोध-प्रदर्शन के बीच शिक्षा मंत्री रामविलास शर्मा गुरुग्राम पहुंचे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए शर्मा ने साफ कहा कि बच्चे की सुरक्षा की जिम्मेदारी स्कूल की ही होती है। एक बार बच्चा स्कूल के अंदर गया तो उसकी पूरी जिम्मेदारी स्कूल की ही होगी। स्कूल प्रबंधन पर कार्यवाही का ऐलान करते हुए शर्मा ने कहा, ‘स्कूल मैनेजमेंट और मालिकों के खिलाफ कार्यवाही में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। कार्यवाही शुरू भी कर दी गई है। मैनेजमेंट और मालिक के खिलाफ केस दर्ज हो चुका है। बच्चे की कातिल को पूरी चार्जशीट के बाद कोर्ट में पेश किया जाएगा।’
स्कूल की मान्यता रद्द किए जाने के सवाल पर शिक्षा मंत्री ने कहा, ‘स्कूल में पढ़ रहे बच्चों के भविष्य के देखते हुए स्कूल की मान्यता रद्द नहीं की जाएगी। स्कूल में 1200 बच्चे हैं। बच्चों के अभिभावकों का कहना था कि मैनेजमेंट की सजा हमारे बच्चों को न दी जाए इसलिए मान्यता रद्द न किए जाने का फैसला किया गया है।’
-एजेंसी