प्रद्युम्न हत्याकांड: कंडक्टर को जमानत मिली

गुरुग्राम। प्रद्युम्न हत्याकांड मामले में पुलिस की ओर से आरोपी बनाए गए कंडक्टर को जमानत मिल गई है। सोमवार को जिला अदालत ने जमानत याचिका पर सुनवाई करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। 8 सितंबर को हुए प्रद्युम्न हत्याकांड में आरोपी बनाए गए कंडक्टर अशोक के खिलाफ सीबीआई कोई सबूत पेश नहीं कर पाई थी।
भोंडसी के रायन इंटरनेशनल स्कूल में हुए इस हत्याकांड के कुछ ही घंटों बाद हरियाणा पुलिस ने बस कंडक्टर अशोक को आरोपी बनाया था, उसने हत्या का जुर्म कबूल भी कर लिया था लेकिन कुछ दिनों बाद उसने कहा था कि उसे फंसाया जा रहा है, उसने हत्या नहीं की है। उधर हरियाणा पुलिस की थिअरी पर प्रद्युम्न के पैरंट्स को भरोसा नहीं था लिहाजा उन्होंने सीबीआई जांच की मांग की थी।
15 सितंबर को केस सीबीआई को सौंप दिया गया था और हत्याकांड के ठीक 2 महीने बाद सीबीआई ने उसी के स्कूल में पढ़ने वाले सीनियर छात्र को आरोपी बताया।
सीबीआई के मुताबिक आरोपी छात्र ने एग्जाम और पीटीएम टलवाने के लिए प्रद्युम्न की हत्या की थी। छात्र को आरोपी बनाए जाने के बाद से समझा जा रहा था कि सीबीआई ने कंडक्टर को क्लीन चिट दे दी है, लेकिन ऐसा नहीं था।
सोमवार को सुनवाई पर पहुंचे अशोक के पिता अमीचंद इससे कुछ निराश हुए थे पर उन्होंने कहा था, ‘बेटे की रिहाई तो होनी है। उम्मीद है जल्द उसे छोड़ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सीबीआई की जांच के बाद कानून-व्यवस्था पर हमें भरोसा है। हमें पूरी उम्मीद है कि आज नहीं तो कल, अशोक बाहर आ ही जाएगा।’
FSL रिपोर्ट से भी अशोक को मिली थी राहत
अशोक के वकील मोहित वर्मा ने बताया था कि सीबीआई ने एफएसएल रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष पेश की और अभी तक की एफएसएल रिपोर्ट से अशोक के लिए राहत की खबर है। ब्लड सैंपल तो मैच हुआ नहीं, साथ ही साइट पर मिले फिंगर प्रिंट भी अशोक से मैच नहीं हुए। ऐसे में सीबीआई की अब तक की कार्यवाही अशोक के पक्ष में ही जाती नजर आ रही है।
-एजेंसी