मेरठ: चोरी की कारों का पोस्‍टमार्टम करने वाला मोस्ट वॉन्टेड अरेस्ट

नई दिल्ली। क्राइम ब्रांच ने चोरी की हजारों कार खरीदकर उन्हें मेरठ में कारों की मॉर्चरी के नाम से मशहूर मार्केट के अंदर ठिकाने लगाने वाले मोस्ट वॉन्टेड को अरेस्ट किया है। आरोपी की पहचान जिशान कुरैशी उर्फ पव्वा (32) के रूप में हुई। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर मेरठ से 2 लग्जरी कारें और बरामद कीं। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह दिल्ली-एनसीआर में ऐक्टिव लग्जरी कारें चोरी करने वाले बदमाशों से कार खरीदता था। वह अब तक कई हजार कारें ठिकाने लगा चुका है। उसके खिलाफ दिल्ली में 6, गुडगांव में 2, नोएडा और गाजियाबाद में एक-एक और मेरठ में 15 केस दर्ज हैं। चार केसों में उसे भगोड़ा घोषित किया जा चुका है।
जॉइंट सीपी आलोक कुमार ने बताया कि सितंबर 2017 में पुलिस ने कुख्यात कार चोर पवन उर्फ पुन्नू को अरेस्ट किया था। उसने पूछताछ में खुलासा किया कि वह जिशान को चोरी की लग्जरी कारें बेचता था। इसी तरह से जब दिसंबर 2017 में मोहित शर्मा उर्फ लंगड़ा को अरेस्ट किया गया तो उसने भी यही बताया था कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर जो कारें चोरी करता है, उन्हें जिशान को बेचता था। पुलिस ने इसी महीने प्रमोद उर्फ गंजा को अरेस्ट किया तो उसने खुलासा किया वह वह 30 लग्जरी कारें जिशान को बेच चुका है। इस खुलासे के बाद पुलिस ने जिशान को अरेस्ट करने के लिए डीसीपी भीष्म सिंह की देखरेख में एसीपी आदित्य गौतम और इंस्पेक्टर पीसी खंडूरी सहित करीब 20 पुलिस वालों की टीम बनाई।
पुलिस टीम ने जिशान के बारे में जानकारी जुटानी शुरू कर दी। तफ्तीश के दौरान एएसआई युद्धवीर सिंह और हेड कॉन्स्टेबल अजीत सिंह को सूचना मिली थी कि जिशान द्वारका में धुलसीरस गांव के पास आने वाला है। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने जिशान को चोरी की एक्सयूवी कार के साथ अरेस्ट कर लिया। तलाशी लेने पर पुलिस को उसके पास से पिस्टल भी बरामद हुई। पुलिस ने उससे मिली जानकारी के आधार पर मेरठ स्थित उसके गराज से चोरी की दो लग्जरी कारें और बरामद की। पूछताछ में इस बात का खुलासा हुआ कि शुरुआत में उसने कई गराज पर काम किया। 3-4 साल पहले उसने अपना गराज खोला था। धंधे की शुरुआत उसने वैगनआर कार और सेंट्रो जैसी कारें खरीदकर की, लेकिन कुछ समय बाद उसने सिर्फ लग्जरी कारें खरीदना शुरू कर दिया। पुलिस को उसके पास से कुछ कारों की चाबियां भी मिलीं। पॉश कॉलोनियों से कार की असली चाबी चोरी कर उनसे डुप्लीकेट चाबियां बना रखी थीं।
-एजेंसी

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