TB से लड़ने में मददगार हो सकती है पॉपुलर एंटासिड

TB से लड़ने में मददगार हो सकती है पॉपुलर एंटासिड, एक अध्ययन में यह दावा किया गया है कि छाती में जलन, गैस्ट्रिटिस और अल्सर के इलाज के लिए व्यापक रूप से इ्स्तेमाल की जाने वाली कम दाम वाली एक दवा का प्रयोग TB (ट्यूबरकुलोसिस या तपेदिक) से लड़ने में भी किया जा सकता है। ये दवा उन बैक्टीरिया से लड़ने में काफी कारगर साबित हो सकती है जिनके कारण TB की बीमारी होती है।

यूके में यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (यूसीएल) के शोधकर्ताओं ने रिसर्च के दौरान पाया कि जिन लोगों ने ओमीप्रेजोल या पेंटोप्रेजोल की बजाय लेंसोप्रेजोल का इस्तेमाल किया, उनमें टीबी विकसित होने की आशंका एक तिहाई कम पाई गई।
शोधकर्ताओं ने बताया कि 2016 में टीबी से 10.4 मिलियन लोग ग्रसित हुए। दुनिया भर में हुई कुल मौतों की शीर्ष 10 वजहों में से टीबी भी एक थी। इतनी अधिक मौतें किसी अन्य संक्रामक रोग से नहीं हुईं।

यूसीएल इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल हेल्थ के टॉप येट्स ने कहा कि मायकोबेक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस के इलाज के लिए एक नई दवा का खोजा जाना एक बड़ी उपलब्धि है। खासतौर पर लेंसोप्रेजोल जैसी सस्ती दवा का पता लगाया जाना काफी अच्छा है।

पीएलओएस मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित शोध के पहले लेखक येट्स ने कहा कि हालांकि यह कहना बहुत जल्दबाजी होगी कि टीबी का इलाज लेंसोप्रेजोल से किया जा सकता है।

शोध के दौरान शोधकर्ताओं ने यूके के विभिन्न अस्पतालों से एकत्रित डाटा का विश्लेषण किया। इस दौरान TB से ग्रसित लोगों के लेंसोप्रेजोल और ओमीप्रेजोल या पेंटोप्रेजोल लेने की गतिविधियों का अध्ययन किया। उन्होंने पाया कि मायकोबेक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस को खत्म करने में लेंसोप्रेजोल काफी प्रभावकारी दवा रही। जबकि अन्य दवाएं बेअसर रहीं।

कुल 5,27,364 लोगों ने लेंसोप्रेजोल का इस्तेमाल किया जबकि 9,23,500 नए लोगों ने ओमीप्रेजोल या पेंटोप्रेजोल का इस्तेमाल किया।

अध्ययन में पाया गया कि लेंसोप्रेजोल ले रहे प्रति एक लाख लोगों में TB के 10 मामले थे जबकि ओमीप्रेजोल या पेंटोप्रेजोल ले रहे प्रति एक लाख लोगों में टीबी के 15.3 मामले थे।