पोप फ्रांसिस ने पीएम मोदी द्वारा दिए गए भारत आने के न्योते को स्वीकार किया

कैथोलिक चर्च के प्रमुख पोप फ्रांसिस ने पीएम मोदी के भारत आने का न्योता स्वीकार कर लिया है. पीएम मोदी ने बीते शनिवार पोप फ्रांसिस के साथ हुई बैठक में उनसे भारत आने का अनुरोध किया था.
भारतीय विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने बताया है कि पोप फ्रांसिस ने इस निमंत्रण को “सबसे बेहतरीन तोहफ़ा” बताया है.
पीएम मोदी ने इस मुलाक़ात के बाद सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा था, “पोप फ्रांसिस के साथ एक बेहद आत्मीय बैठक हुई. मुझे उनके साथ कई मुद्दों पर चर्चा करने का अवसर मिला और मैंने उन्हें भारत आने का निमंत्रण दिया.”
श्रृंगला ने कहा कि बैठक 20 मिनट तक चलने वाली थी लेकिन ये बैठक एक घंटे तक चलती रही.
पीएम मोदी और पोप ने अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की, जिनमें जलवायु परिवर्तन का सामना करने और ग़रीबी मिटाने जैसे इस दुनिया को बेहतर बनाने वाले मुद्दे शामिल थे.
इस मुलाक़ात के दौरान पीएम मोदी ने पोप फ्रांसिस को एक चांदी का कैंडल स्टैंड दिया और पोप फ्रांसिस ने मोदी को एक ब्रॉन्ज पट्टिका दी, जिसमें ओल्ड टेस्टामेंट की एक पंक्ति लिखी है.
इस बैठक के बाद वेटिकन से जारी एक बयान में कहा गया है, “एक संक्षिप्त वार्ता के दौरान, होली सी और भारत के बीच रिश्तों पर चर्चा की गई”
इस दौरान पीएम मोदी ने कार्डिनल सेक्रेटरी ऑफ स्टेट पिएट्रो परोलिन और सेक्रेटरी फॉर रिलेशंस विद स्टेट्स आर्चविशप पॉल रिचर्ड गेलहर से भी मुलाक़ात की थी.
इस दौरान पीएम मोदी के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला भी थे.
श्रृंगला ने कहा है कि ये प्रधानमंत्री मोदी और पोप फ्रांसिस के बीच एक व्यक्तिगत बैठक थी.
पोप फ्रांसिस जलवायु परिवर्तन का सामना करने की ज़रूरत पर ज़ोर देते रहे हैं. इससे पहले वह सीरिया और अफगानिस्तान में जारी संघर्षों के ख़िलाफ़ भी बोलते रहे हैं.
इसके अलावा उन्होंने कई देशों से अफ़गान शरणार्थियों को शरण देने का आह्वान किया है एवं नस्लवाद तथा अन्य प्रकार के घृणा से जुड़े अपराधों के ख़िलाफ़ बात की है.
पोप फ्रांसिस ने दुनिया भर के देशों से जलवायु परिवर्तन के मुद्दे से निपटने के लिए तत्काल कार्रवाई करने का आह्वान किया है.
पिछले बीस सालों में पहली पोप यात्रा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रोम में शिखर सम्मेलन के मौके पर पोप से मिलने वाले G20 नेताओं में से एक बन गए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने शुक्रवार को पोप से मुलाकात की थी.
इससे पहले साल 1999 में पोप जॉन पॉल द्वितीय भारत आए थे.
पोप फ्रांसिस ने 2015 में श्रीलंका का दौरा किया था और 2017 में उनकी मेजबानी म्यांमार और बांग्लादेश ने की थी, लेकिन दोनों ही मौकों पर, वह भारत नहीं आए थे.
पोप ने इस साल की शुरुआत में अपनी इराक यात्रा के साथ इतिहास रच दिया है, जो कि किसी युद्धग्रस्त देश की उनकी पहली यात्रा थी. इससे पहले उन्होंने 2019 में संयुक्त अरब अमीरात का भी दौरा किया.
-एजेंसियां

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