ट्रिपल मर्डर मामले में राजनीति शुरू, गोपालगंज जाने की जिद पर अड़े तेजस्‍वी

पटना। आरजेडी विधायकों के गोपालगंज जाने की जिद के बाद अपने आवास से राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और तेजप्रताप यादव के साथ सभी विधायक बाहर निकले तो उन्हें पुलिस प्रशासन की ओर से आगे बढ़ने से रोक दिया गया।
इस क्रम में आरजेडी विधायकों की ओर से पुलिसकर्मियों के साथ धक्कामुक्की भी की गई लेकिन भारी पुलिस बंदोबस्त की वजह से आरजेडी का पुरा कुनबा आगे बढ़ने में नाकामय़ाब रहा।
तेजस्वी यादव ने कहा, गोपालगंज नहीं तो विधानसभा ही जाने दे सरकार
गोपालगंज जाने की जिद पर अड़े तेजस्वी यादव को जब गोपालगंज जाने की अनुमति नहीं मिली तो वे अब विधानसभा जाने की जिद पर अड़ गये हैं। तेजस्वी यादव ने कहा कि सरकार उन्हें विधान सभा जाने की तो इजाजत दे, ताकि वो विधानसभा के स्पीकर से मिलकर अपनी बात रख सकें।
उन्होंने सरकार से यह भी मांग की है कि सरकार को गोपालगंज मुद्दे पर विशेष सत्र बुलाए। बातचीत के क्रम में तेजस्वी यादव ने गोपालगंज मुद्दे के साथ अन्य मामलों में मीडिया की भूमिका पर भी सवाल खड़ा किया है। तेजस्वी यादव ने राबड़ी आवास से बाहर निकलने के बाद कहा कि अगर सरकार हमें रोक रही है तो समझिए सरकार अपराध की जननी है।
गोपालगंज रेड जोन में है लेकिन हम जबरदस्ती कहां कर रहे हैं। हमलोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए गोपालगंज जाना चाहते हैं लेकिन हमें रोका जा रहा है और अपराधियों को खुली छूट दे रखी है। तेजस्वी यादव ने कहा कि पुलिस के पास हाउस अरेस्ट करने का भी कागज नहीं है।
उन्होंने कहा कि वो किसी भी कीमत पर गोपालगंज जाएंगे। अगर सरकार को लगता है कि तेजस्वी यादव कुछ गलत कर रहा है तो सरकार उसे गिरफ्तार करे। राबड़ी आवास के घऱ बाहर तैनात पुलिस ने सभी को आगे बढ़ने से रोका। इस मौके पर सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ती भी दिखीं। वहीं तेजप्रताप यादव ने कहा कि नीतीश कुमार अपराधियों को संरक्षण दे रहे हैं। उनके द्वारा संरक्षण प्राप्त अपराधी खुलेआम सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ा रहे हैं और हमलोगों को रोका जा रहा है।
दरअसल, गोपालगंज के ट्रिपल मर्डर केस को लेकर बिहार में सियासी पारा चढ़ता जा रहा है। आरजेडी नेता जेपी यादव के घर पर हुए हमले को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ गोपालगंज कूच करने के लिए राबड़ी आवास से निकले। इस दौरान तेजस्वी यादव, राबड़ी देवी और तेजप्रताप यादव के काफिले को पुलिस ने रोक लिया। काफी देर तक सियासी हंगामा चलता रहा। करीब साढ़े 12 बजे राबड़ी देवी और तेज प्रताप यादव अपने आवास में लौट गए। तेजस्वी यादव के नेतृत्व में पार्टी के 9 नेताओं का प्रतिनिधिमंडल बिहार के राज्यपाल से मिलेगा। इसके बाद ही आगे की रणनीति तय होगी।
राबड़ी आवास पर हुई बैठक, 65 विधायक रहे मौजूद
इससे पहले गुरुवार सुबह राबड़ी आवास पर आरजेडी नेताओं की बैठक हुई, जिसमें पार्टी के करीब 65 विधायक शामिल हुए। इस बैठक में तेजस्वी यादव ने सभी विधायकों के साथ मामले को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा की। इसी बीच तेजस्वी यादव के नेतृत्व में पार्टी नेताओं का काफिला गोपालगंज जाने के लिए राबड़ी आवास से निकला। हालांकि, पुलिस बल की भारी तैनाती की वजह से तेजस्वी यादव को राबड़ी देवी के आवास के बाहर ही रोक दिया गया। करीब दोपहर साढ़े 12 बजे राबड़ी देवी और तेज प्रताप यादव आवास में वापस लौट गए।
लॉकडाउन के मद्देनजर प्रशासन ने नहीं दी मंजूरी
हालांकि, प्रशासन की ओर से तेजस्वी यादव को गोपालगंज की अनुमति नहीं दी गई है। जिला प्रशासन की ओर से इसको लेकर एक पत्र भी आरजेडी नेता के आवास पर भेजा गया पर ये पत्र स्वीकार नहीं किया गया। तेजस्वी यादव ने कहा था कि प्रशासन की ओर से अनुमति मिले या नहीं, वो पार्टी नेताओं के साथ गोपालगंज जरूर जाएंगे।
जानिए, क्या है पूरा मामला
गोपालगंज के हथुआ थाना इलाके के रुपनचक गांव में रविवार रात अपराधी आरजेडी नेता जेपी यादव के घर में घुस गए और उन्होंने जेपी यादव समेत उनके चार परिजनों को गोलियों से भून दिया था। अपराधियों की ताबड़तोड़ फायरिंग की वजह से आरजेडी नेता जेपी यादव के माता-पिता की मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल उनके एक भाई ने सोमवार की सुबह गोरखपुर के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया था। आरजेडी नेता जेपी यादव और उनके एक भाई अभी भी पटना के पीएमसीएच में इलाजरत हैं। तेजस्वी यादव मंगलवार को उनका हाल जानने पीएमसीएच भी गए थे।
मिली जानकारी के अनुसार घायल जेपी यादव ने बताया कि वो स्थानीय जिला पार्षद क्षेत्र से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। उन्हें हमले की आशंका थी, जिससे उन्होंने पुलिस को भी आगाह किया था लेकिन पुलिस ने ध्यान नहीं दिया। उन्‍होंने JDU के विधायक अमरेन्द्र कुमार पाण्डेय उर्फ़ पप्पू पांडेय, जिला परिषद अध्यक्ष मुकेश पांडेय और उनके पिता सतीश पांडेय पर मां और पिता की गोली मारकर हत्या करने का आरोप लगाया था।
-एजेंसियां

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *