‘धर्मनिरपेक्षता’ जैसे मूर्खतापूर्ण शब्द प्रयोग करके हमारी दिशाभूल कर रहे हैं राजनेता- Dr. Charudatt Pingale

आगरा। २० मई २०१८ आगरा में हिंदू धर्मजगृति सभा संपन्न हुई, जिसमें हिन्दू जनजागृती समिती के राष्ट्रीय मर्गदर्शक सदगुरु Dr. Charudatt Pingale वर्तमान की दुस्थिति का संदर्भ देकर लोकतंत्र की विफलता विषद करते हुए सदगुरु Dr. Charudatt Pingale जी ने कहा राजनेता ‘धर्मनिरपेक्षता’ ऐसे मूर्खतापूर्ण शब्द प्रयोग करके हमारी दिशाभूल कर रहे है। संविधान में सेक्युलर इस शब्द का अनुवाद ‘पंथ निरपेक्ष’ ऐसे किया है। एक ही देश में दो संविधान होनेवाला भारत एक मात्र देश है। जम्मू कश्मीर इस्लामिक स्टेट है और भारत पंथ निरपेक्ष ! कुछ दिन पहले हुए कर्नाटक राज्य के चुनावों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा की केवल १७ प्रतिशत सीट मिलनेवाले पक्ष का अगर मुख्यमंत्री बन सकता है तो यह लोकतंत्र है ऐसे हम कैसे कह सकते है? इससे प्रतित होता है लोकतंत्र आज केवल छलावा हुआ है।

Hindu janjaruti samaiti
‘धर्मनिरपेक्षता’ जैसे मूर्खतापूर्ण शब्द प्रयोग करके हमारी दिशाभूल कर रहे हैं राजनेता- Dr. Charudatt Pingale

आज संसदमें केवल एक ही बात में नेताओं में एक मत होता है ‘स्वयं की वेतन वृद्धि’

समाज के समस्याओं के ऊपर सभी नेताओं का एकमत हुआ ऐसा एक भी उदाहरण नही मिलता। यह परिस्थिति बदलने के लिए आज कौन क्या कर रहा है, कौन क्या करेगा, हम संख्या में कितने है ? यह सब भूलकर सभी ने एक हृदय से, संघटित रूपसे हिन्दू राष्ट्र की और क़दम उठाना आवश्यक है। संतोने बताए अनुसार २०२३ में हिंदू राष्ट्र आने ही वाला है। हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के लिए आज हमें बाहुबल, मनोबल के साथ अध्यात्मिक बल बढ़ाना सबसे ज्यादा जरूरी है।

हिंदू धर्म रक्षा के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वाले बजरंग दल के आग्रा संयोजक श्री बंटी ठाकुर जी का सम्मान हिन्दू जनजागृती समिती ने किया। उन्होंने पाँचसो से अधिक धर्मान्तरित हिंदुओंका शुद्धीकरण करवा कर पुन: हिंदू धर्म में लाने का कार्य किया है। धर्मसभा का सूत्रसंचालन समिती के शुभम सोनी जी ने किया।

हिन्दू राष्ट्र के स्थापना के लिए आंतरिक सुरक्षा पे ध्यान देना अधिक महत्वपूर्ण है – अमित चौधरी, हिन्दू जागरण मंच, प्रदेश अध्यक्ष

हिंदुओं की स्थिति के बारे में उन्होंने कहा हिन्दू आज हर जगह मार खा रहा है, हिंदुओं को अपनी जगह छोडकर पलायन करना पड रहा है। उत्तरप्रदेश के ही कुछ उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा अलीगढ, कैराना, आग्रा जैसे इलाक़ों में हिंदू असुरक्षित महसूस करते है। इन सब प्रसंगों से यह ध्यान में आता है की धर्मांध कोई भी घटना में तुरंत इकट्ठा आकर विरोध करने के लिए सज्ज रहते है। आज हम हिन्दूओं को भी अंतर्गत सुरक्षा बढ़ाने के लिए प्रयास करने की बहोत अधिक आवश्यकता है।

हिंदुओं, आत्मरक्षा के लिए ‘शौर्य से श्रेष्ठ कुछ भी नही’ – कार्तिक सालूंके, हिन्दू जनजागृती समिती

अब आतंकवाद केवल बंबविस्फोट अथवा हत्या तक सीमित नही रहा है। धर्मांध मुसलमानों द्वारा ‘लैंड जिहाद’, ‘फ़तवा जिहाद’, ‘लव जिहाद’, ‘फ़िल्म जिहाद’, ‘सेक्स जिहाद’ जैसे १४ प्रकार के जिहाद किए जाते है। प्रेम के जाल में फँसाकर हिन्दू युवतीयोंका, महिलाओंका शोषण करनेवाले ‘लव जिहाद’ ने लाखों हिन्दू युवतीयों का जीवन नष्ट किया जा रहा है। निर्भया कांड के बाद क़ानून और भी कडे किए गए परंतु महिलाओं के ऊपर के अत्याचार बढ़ ही रहे हाई। प्रतिकारक्षमता निर्माण होने हेतु हमें स्वरक्षा सिखनी चाहिए। इससे ही दुष्प्रवृतियोंसे लगनेवाला भय नष्ट होता है और व्यक्ती का आत्मविश्वास एवं शारीरिक क्षमता बढ़ती है।

हिंदू संस्कृति की रक्षा के लिए धर्म आचरण और साधना आवश्यक – श्रीमती मोनिका सिंह , सनातन संस्था

धर्माचरण और साधना के कारण छत्रपति शिवाजी महाराज जैसा चरित्र निर्माण होता है। धर्माचरण एवं साधना के बल पर महाराज ने राजधर्म का पालन करते प्रजा का रक्षण किया। महाराज ने गौ माता, मंदिर और धर्मशास्त्रों का रक्षण कर धर्मरक्षा का आदर्श हमारे सामने रखा है। धनुर्धारी अर्जुन का प्रत्येक बाण लक्ष्यवेध करता था, क्योंकि वह सतत श्रीकृष्ण, श्रीकृष्ण ऐसा नामजप करता था। यह है नाम का सामर्थ्य ! इसके लिए प्रत्येक हिंदू ने देवताओं का नाम जप करना आवश्यक है। नामजप के कारण धर्मरक्षा के लिए हम सभी में आत्म बल निर्माण होगा और हिन्दू राष्ट्र के स्थापना के लिए अध्यात्मिक बल भी मिलेगा ऐसे मोनिका जी ने साधना का महत्व विशद करते हुए कहा।

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