सबरीमाला पर केरल में सियासी संग्राम, जगह-जगह विरोध प्रदर्शन

तिरुवनंतपुरम। सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सबरीमाला मंदिर के दरवाजे महिलाओं के लिए खुलने से दो दिन पहले केरल में सियासी संग्राम छिड़ा है। महिलाओं की एंट्री के विरोध में जगह-जगह भगवान अयप्पा के भक्त प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं, बीजेपी ने इस मुद्दे को लपक लिया। सोमवार को केरल सचिवालय के सामने बड़े विरोध-प्रदर्शन की तैयारी की है। एक अनुमान के मुताबिक करीब 30 से 40 हजार बीजेपी कार्यकर्ता और अयप्पा भक्त इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा ले रहे हैं। इनके अलावा राज्य में पार्टी के बड़े नेता मुरलीधर राव और तुषार वेल्लापल्ली भी प्रदर्शन में मौजूद हैं।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पी एस श्रीधरन पिल्लै के नेतृत्व में पिछले 5 दिनों से चल रहे लंबे मार्च का अंत भी इस विरोध प्रदर्शन के बाद सचिवालय के सामने होना है। केरल के कई हिस्सों से होता हुआ बीजेपी का यह मार्च रविवार को तिरुवनंतपुरम पहुंचा था। बीजेपी इस मार्च के समापन समारोह को एक ‘ग्रैंड शो’ बनाना चाहती है। राज्य के कई हिस्सों से समर्थक सोमवार को प्रस्तावित इस प्रदर्शन में हिस्सा लेने पहुंचे हैं।
बता दें कि बीजेपी का यह राज्यव्यापी मार्च 10 अक्टूबर को पंडलम से शुरू हुआ था। बीजेपी ने राज्य की एलडीएफ सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का फैसला लागू करने को लेकर मोर्चा खोल रखा है।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पिल्लै ने कहा कि पंडलम से तिरुवनंतपुरम तक का यह मार्च इस बात को दिखाने के लिए था कि अयप्पा भक्त सरकार के इस फैसले से कितना नाराज हैं। उन्होंने कहा, ‘केरल सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले को जल्दबाजी में लागू कर हिंदू भावनाओं के साथ खेल रही है।’
दो दिन बाद ही खुलने हैं मंदिर के कपाट
बता दें कि दो दिन बाद ही प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर मासिक पूजा के लिए दोबारा से खुल जाएगा। इस बार सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के चलते पहली बार महिलाएं भी मंदिर में प्रवेश करेंगी। हालांकि इस पर विवाद अभी गर्माया हुआ है। इसी के चलते त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) ने तंत्री परिवार, पंडलम पैलेस के प्रतिनिधि और अयप्पा सेवा संगम के नेताओं को मंगलवार को चर्चा के लिए बुलाया है।
-एजेंसियां

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