मेहुल चौकसी की नागरिकता पर Antigua और बारबूडा में राजनीतिक गतिविधि तेज

नई दिल्‍ली। मेहुल चौकसी की नागरिकता पर Antigua और बारबूडा में राजनीतिक गतिविधि तेज हो गई है। वहां निवेश पॉलिसी के तहत नागरिकता देने पर रोक लगाने की मांग की जा रही है साथ ही नागरिकता योजना की जांच की मांग भी तेज हो गई है।

गौरतलब है कि पीएनबी घोटाले के आरोपी मेहुल चौकसी को लेकर अभी तक भारत में ही राजनीतिक बयानबाजी का दौर चल रहा था। अब उसे नागरिकता देने वाले Antigua व बारबूडा की राजनीतिक पार्टियों में भी हलचल दिखने लगी है। वहां की राजनीतिक पार्टियों को अब लगने लगा है कि उनके देश ने मेहुल चौकसी को नागरिकता देकर आफत मोल ले ली है। वहां के प्रमुख विपक्षी दल यूनाइटेड प्रोग्रेसिव पार्टी (यूपीपी) ने, जिस निवेश कार्यक्रम के अंतर्गत मेहुल चौकसी को एंटीगुआ व बारबूडा की नागरिकता प्रदान की गई है, उसी पर सवाल उठा दिया है।

पार्टी के प्रवक्ता दमनी ताबोर ने तो यहां तक कह दिया कि निवेश कार्यक्रम के तहत नागरिकता देने की योजना एक घोटाले का रूप लेती जा रही है। इससे वैश्विक स्तर पर देश की छवि खराब हुई है।

13,400 करोड़ रुपये के पीएनबी घोटाले के आरोपी मेहुल चौकसी के देश से बाहर निकलने के मामले में सभी विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार को घेरा था। विपक्षी दलों का आरोप था कि केंद्र सरकार की ढिलाई के बिना मेहुल चौकसी बाहर नहीं जा सकता था। इस मामले को लेकर विपक्ष ने सत्तापक्ष पर तरह तरह के आरोप लगाए थे। उस वक्त तक किसी को यह अंदाजा नहीं था कि मेहुल चौकसी के पास विदेशी नागरिकता है।

अभी कुछ दिन पहले ही सीबीआई, जो कि पीएनबी घोटाले की जांच कर रही है, को यह मालूम पड़ा था कि चौकसी के पास एंटीगुआ बारबूडा की नागरिकता भी है। इसके बाद विदेश मंत्रालय हरकत में आया और इन दोनों देशों से मेहुल के हवा, पानी और जमीन पर आने-जाने की पाबंदी लगाने की मांग कर दी। मेहुल को भारत लाने की दिशा में यह पहला ठोस कदम माना जा रहा है।
निवेश कार्यक्रम के तहत नागरिकता योजना पर रोक की मांग

चौकसी के मामले की वजह से उनके देश की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा

संयुक्त प्रगतिशील पार्टी के प्रवक्ता दमनी ताबोर का कहना है कि चौकसी के मामले की वजह से उनके देश की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। हमारे द्वीप को लेकर तरह तरह की बातें हो रही हैं। हमने सरकार से मांग की है कि निवेश कार्यक्रम के तहत नागरिकता देने की प्रक्रिया को रोक दिया जाए। इसका फोरेंसिक ऑडिट कराया जाए।

कोई भी व्यक्ति जो किसी धोखाधड़ी के मामले में शामिल हैं, उसे यहां की नागकिता न मिले। चूंकि मेहुल चौकसी पर बड़े घोटाले का आरोप है और वह भारतीय जांच एजेंसियों द्वारा भगोड़ा घोषित किया गया है, ऐसे व्यक्ति को नागरिकता देने का मतलब है कि हम अपने देश की प्रतिष्ठा को स्वयं जोखिम में डाल रहे हैं।

Antigua- बारबूडा के पीएम ने दिया आश्वासन

Antigua बारबूडा के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन का भी मानना है कि निवेश कार्यक्रम के लिए दी जाने वाली नागरिकता पर गौर करना होगा। एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा, हम इस मामले में भारत सरकार का पूर्ण सहयोग करेंगे। हालांकि उन्होंने यह साफ किया है कि मौजूदा हालात में वे चौकसी के मामले में सभी नियमों का पालन करते हुए ही आगे बढ़ेंगे। भारत सरकार ने अभी तक इस मामले में इंटरपोल के साथ कोई आधिकारिक आदान-प्रदान नहीं किया है।

ब्राउन का कहना है कि जिस समय चौकसी ने नागरिकता के लिए आवेदन किया था, उस वक्त वह किसी अपराध में शामिल नहीं था। हमारी सरकार को यह मालूम नहीं था कि चौकसी निवेश कार्यक्रम की आड़ में किसी अन्य मकसद से नागरिकता ले रहा है। Antigua के न्यायिक प्रशासन के अधिकारी चौकसी के आवेदन की जांच कर रहें हैं कि उसने कोई झूठी सूचना या जानकारी देकर तो नागरिकता हासिल नहीं की है।
-एजेंसी

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