पुलिस कमिश्नर ने बताया, क्‍यों चलानी पड़ी आरोपियों पर गोली

हैदराबाद। हैदराबाद में आज सुबह डॉक्टर गैंगरेप के आरोपियों का एनकाउंटर किन परिस्थितियों में हुआ इसके बारे में पुलिस ने पूरी जानकारी दी।
साइबराबाद के पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार ने एनकाउंटर वाली जगह से ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि आरोपियों ने पुलिस के हथियार छीनकर भागने की कोशिश की थी। इसके बाद पुलिस को गोली चलानी पड़ी।
‘हर सवाल का जवाब देने को तैयार’
सज्जनार ने बताया कि जब आरोपी हथियार छीनकर भागने लगे तो घटनास्थल पर मौजूद अधिकारियों ने उन्हें चेतावनी भी दी, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि इस गोलीबारी में दो पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं। सज्जनार ने मानवाधिकार आयोग या किसी अन्य संगठन के सवालों पर दो टूक अंदाज में कहा कि हम हर सवाल जवाब देने के लिए तैयार हैं।
30 मिनट चला एनकाउंटर, आरोपियों ने फायरिंग की
पुलिस ने बताया, ‘हमने साइंटिफिक तरीके से जांच की और उसके बाद ही चारों आरोपियों को अरेस्ट किया गया था। पुलिस का कहना है कि पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तारी की गई और इसी के तहत 10 दिन की न्यायिक हिरासत कोर्ट ने दी। 4 और 5 दिसंबर को आरोपियों से पूछताछ की गई। आज सुबह सीन रीक्रिएशन के लिए हम हम चारों आरोपियों को लेकर गए। वहां आरोपी आरिफ और चिंताकुटा ने पुलिस से हथियार छीने। आरोपियों ने डंडे और पत्थर से पुलिस पर हमला भी किया और भागने की कोशिश की। 2 आरोपियों ने पुलिस के ऊपर गोली भी चलाई। घटना 5.45 से 6.15 के बीच हुई।’
आरोपियों के पास 2 हथियार बरामद, 2 पुलिसकर्मी भी घायल
कमिश्नर सज्जनार ने बताया कि आरोपियों के पास से 2 हथियार भी बरामद किए गए। पुलिस ने बताया, ‘हमने गोली चलाने से पूर्व हमने सरेंडर के लिए कई बार कहा, लेकिन वह पुलिस पर ही हमला कर रहे थे। ऐसी हालत में हमारे कर्मियों को गोली चलानी पड़ी। मृतक आरोपियों के शव को जब्त कर स्थानीय अस्पताल में मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है। हमारे 2 अधिकारी घायल हुए हैं जिनमें से एक की स्थिति गंभीर है।’
मानवाधिकार संगठनों का जवाब देने के लिए तैयार
पुलिस ने एनकाउंटर पर उठ रहे सवालों पर कहा कि हम एनएचआरसी, राज्य सरकार या किसी भी अन्य संगठन के जो भी सवाल हैं उनका जवाब देने के लिए तैयार हैं। साथ ही सीपी ने सोशल मीडिया या अन्य माध्यम पर पीड़िता की पहचान उजागर नहीं करने की अपील की।
पीड़िता का फोन घटनास्थल से बरामद
पुलिस ने बताया कि घटनास्थल से ही पीड़िता का फोन भी बरामद किया गया। चारों आरोपियों मोहम्मद आरिफ, नवीन, शिवा और चेन्नाकेशवुलु को लेकर घटनास्थल पर सीन के रीकंस्ट्रक्शन के लिए पहुंची थी। पुलिस का मकसद था कि सीन का रीकंस्ट्रक्शन करके घटना की कड़ियों को जोड़ा जा सके ताकि उसके लिए पूरे मामले को समझना आसान हो और जांच हो सके।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने घटनास्थल से भागने की कोशिश की, इस पर पुलिस ने पीछा किया तो आरोपियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। आरोपियों की ओर से हथियार छीनने की पुष्टि शम्शाबाद के डीसीपी प्रकाश रेड्डी ने भी की। एनकाउंटर की बाद की एक तस्वीर भी जारी की गई है। इसमें एक आरोपी के हाथ में पिस्टल दिख रही है।
-एजेंसियां

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