Budget Critics को पीएम का जवाब, पेशेवर निराशावादियों के पास कोई समाधान नहीं होता

वाराणसी। पीएम नरेंद्र मोदी ने Budget Critics के लिए कहा कि पेशेवर निराशावादियों के पास कोई समाधान नहीं होता, वे सिर्फ समस्‍यायें गिनाते हैं, उनका हल नहीं।जो Budget Critics हम भारतीयों के सामर्थ्य पर शक कर रहे हैं, वो कह रहे हैं कि भारत के लिए ये लक्ष्य प्राप्त करना बहुत मुश्किल है।

भाजपा सदस्यता अभियान की शुरुआत , डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर यहां वृहद वृक्षारोपण करने के बाद भाजपा कार्यकताओं को संबोधित करते हुए उन्‍होंने कहा कि अंग्रेजी में एक कहावत है कि size of the cake matters, यानि जितना बड़ा केक होगा उसका उतना ही बड़ा हिस्सा लोगों को मिलेगा। अर्थव्यवस्था का लक्ष्य भी जितना बड़ा होगा, देश की समृद्धि उतनी ही ज्यादा होगी। बजट पेश होने के बाद 5 ट्रिलियन का शब्द चारों तरफ गूंज रहा है। नए संकल्प नए सपने लेकर आगे बढ़ेंगे, अर्थव्यवस्था का लक्ष्य बड़ा होगा तो समृद्धि भी बड़ी होगी। अच्छी आय से जीवन स्तर में बदलाव होता है।

पीएम मोदी ने कहा कि बजट के बाद टीवी पर और आज अखबारों में एक बात पढ़ी सुनी और देखी होगी- वो है $5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था। इस फाइव ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य का मतलब क्या है? एक आम भारतीय की जिंदगी का इससे क्या लेना-देना है, ये आपके लिए, सबके लिए जानना बहुत जरूरी है जबकि Budget Critics कह रहे हैं कि भारत के लिए ये लक्ष्य प्राप्त करना बहुत मुश्किल है।

वो जो सामने मुश्किलों का अंबार है उसी से तो मेरे हौसलों की मीनार है। चुनौतियों को देखकर, घबराना कैसा इन्हीं में तो छिपी संभावना अपार है। विकास के यज्ञ में जन-जन के परिश्रम की आहुति यही तो मां भारती का अनुपम श्रृंगार है।

बात होगी हौंसले की, नई संभावनाओं की, विकास के यज्ञ की, मां भारती के सेवा की और न्यू इंडिया के सपने की। ये सपने बहुत हद तक फाइव ट्रिलियन इकॉनमी के लक्ष्य से जुड़े हुए हैं।

गरीब-अमीर बनें, नए हिंद की भुजाएं बदलते भारत की, यही तो पुकार है। देश पहले भी चला, और आगे भी बढ़ा अब न्यू इंडिया दौड़ने को तैयार है, दौड़ना ही तो न्यू इंडिया का सरोकार है।

आज जिस लक्ष्य की मैं आपसे बात कर रहा हूं वो आपको नए सिरे से सोचने के लिए मजबूर करेगा, नया लक्ष्य और नया उत्साह भरेगा। नए संकल्प और नए सपने लेकर हम आगे बढ़ेंगे और यही मुश्किलों से मुक्ति का मार्ग है।

जल संरक्षण और जल संचयन के लिए पूरे देश को एकजुट होकर खड़ा करने की कोशिश की जा रही है। हमारे सामने पानी की उपलब्धता से भी अधिक पानी की फिजुलखर्ची और बर्बादी बहुत बड़ी समस्या है। लिहाजा घर के उपयोग में या सिंचाई में पानी की बर्बादी को रोकना आवश्यक है।

देश के हर घर को पानी मिल सके इसके लिए जल शक्ति मंत्रालय तो हम बना ही चुके हैं, साथ ही जल शक्ति अभियान भी शुरू किया गया है। इसका बहुत बड़ा लाभ हमारी माताओं-बहनों को मिलेगा जो पानी के लिए अनेक कष्ट उठाती हैं।

खेती के साथ-साथ ब्लू इकोनॉमी पर भी हम विशेष बल दे रहे हैं। समुद्री संसाधनों और तटीय क्षेत्रों में पानी के भीतर जितने भी संसाधन है, उनके विकास के लिए बजट में विस्तार से बात की गई है।

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत गहरे समुद्र में मछली पकड़ना, स्टोरेज, उनकी वैल्यू एडिशन को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे मछली के एक्सपोर्ट में हमारी भागीदारी कई गुना बढ़ेगी। जिससे देश को विदेशी मुद्रा भी मिलेगी और मछुआरों को अधिक दाम भी मिल पाएगा।

अब हम किसान को पोषक से आगे निर्यातक के रूप में देख रहे हैं। अन्न, दूध, फल-सब्जी, शहद या फिर ऑर्गेनिक उत्पाद इन सबके निर्यात के लिए हमारे पास भरपूर क्षमता है। इसलिए बजट में कृषि उत्पादों के निर्यात के लिए माहौल बनाने पर विशेष बल दिया गया है।

दीन दयाल हस्तकला संकुल में पीएम मोदी ने सदस्यता अभियान की शुरुआत वीडियो लांच कर के किया। इस दौरान पीएम मोदी ने पांच समाजसेवियों को सदस्य बनाया। पांचों समाजसेवियों ने 8980808080 पर मिस कॉल कर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।

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