लद्दाख में पीएम मोदी ने जवानों से कहा, आपने मां भारती की ताकत दुन‍िया को द‍िखा दी

चीन पर तंज कसा , कहा- विस्तारवाद का जमाना चला गया
नई द‍िल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लद्दाख दौरे के दौरान आज लेह में जवानों को संबोधित भी किया। इस संबोधन में एक तरफ पीएम मोदी ने भारतीय जवानों का उत्साह बढ़ाया, दूसरी तरफ उन्होंने चीन को जमकर सुनाया भी। मोदी ने कहा कि भारतीय जवानों ने दुनिया को अपनी बहादुरी का नमूना दिखा दिया है। लद्दाख में चीनी हरकतों पर तंज सकते हुए मोदी ने कहा कि अब विस्तारवाद का जमाना चला गया है, विकासवाद का वक्त है। अचानक फॉरवर्ड लोकेशन पर पहुंचे मोदी ने जवानों से कहा- आपने जो वीरता दिखाई, उससे दुनिया ने भारत की ताकत देखी।

जिनके सिंहनाद से सहमी, धरती रही अभी तक डोल, कलम, आज उनकी जय बोल
मोदी ने जवानों को संबोधित करते हुए कवि रामधारी सिंह दिनकर की लिखी कविता पढ़ते हुए कहा- जिनके सिंहनाद से सहमी धरती रही अभी तक डोल कलम, आज उनकी जय बोल। पहले से इसकी जानकारी नहीं थी, लेकिन मोदी के लद्दाख पहुंचने की खबर अचानक आई।

मोदी ने कहा- आपकी जीवटता किसी से कम नहीं, आपका ये हौसला, शौर्य और मां भारती के मान-सम्मान की रक्षा के लिए आपका समर्पण अतुलनीय है। आपकी जीवटता भी जीवन में किसी से कम नहीं है। जिन कठिन परिस्थितियों में जिस ऊंचाई पर आप मां भारती की ढाल बनकर उसकी रक्षा, उसकी सेवा करते हैं, उसका मुकाबला पूरे विश्व में कोई नहीं कर सकता। आपका साहस उस ऊंचाई से भी ऊंचा है, जहां, आप तैनात हैं। आपका निश्चय, उस घाटी से भी सख्त है, जिसको आप रोज अपने कदमों से नापते हैं। आपकी भुजाएं, उन चट्टानों जैसी मजबूत हैं, जो आपके इर्द-गिर्द हैं। आपकी इच्छा शक्ति आस पास के पर्वतों की तरह अटल हैं।

भारत ने दुनिया को ताकत दिखाई

अभी जो आपने और आपके साथियों ने वीरता दिखाई है, उसने पूरी दुनिया में ये संदेश दिया है कि भारत की ताकत क्या है। जब देश की रक्षा आपके हाथों में है, आपके मजबूत इरादों में है, तो सिर्फ मुझे ही नहीं बल्कि पूरे देश को अटूट विश्वास है और देश निश्चिंत भी है।

हर आक्रमण के बाद देश और मजबूत होकर उभरा
पूर्व-पश्चिम, उत्तर-दक्षिण से देश के हर कोने से देश के वीरों ने अपना शौर्य दिखाया। उनके सिंहनाद से धरती अब भी उनका जयकारा कर रही है। आज हर देशवासी का शीश आपके सामने आदरपूर्वक नतमस्तक होकर नमन करता है। हर आक्रमण के बाद भारत और मजबूत होकर उभरा है। राष्ट्र की, दुनिया की, मानवता की प्रगति के लिए शांति और मित्रता हर कोई मानता है। हम ये भी जानते हैं कि कमजोर शांति की पहल नहीं कर सकता। वीरता ही शांति की शर्त होगी। भारत आज जल-थल-नभ तक अपनी ताकत बढ़ा रहा है तो उसके पीछे का लक्ष्य मानव कल्याण ही है।

– एजेंसी

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