PMLA court ने माल्या को दिया 27 अग. तक हाजिर होने का आदेश

मुंबई। मुंबई की विशेष PMLA court ने भगोड़े अपराधी अध्यादेश के तहत भारत से भागे शराब कारोबारी विजय माल्या को समन जारी किया है। कोर्ट ने अपने आदेश शराब कारोबारी माल्या को 27 अगस्त कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया है। मामले से जुटे एक अधिकारी के अनुसार, विशेष PMLA court ने भगोड़े अपराधी अध्यादेश के तहत विजय माल्या को 27 अगस्त को तलब किया है।

इसके पहले विशेष PMLA court ने बीते 21 जून को फरार शराब कारोबारी विजय माल्या के खिलाफ एक गैर-जमानती वारंट जारी कर विजय माल्या को गिरफ्तार करने के आदेश दिये थे। कोर्ट ने हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दायर किये गये चार्जशीट का संज्ञान लेते हुए यह आदेश जारी किया है।

प्रवर्तन निदेशालय ने माल्या, उनकी कंपनियों किंगफ़िशर एयरलाइन और यूनाइटेड ब्रेवरीज होल्डिंग लिमिटेड (यूबीएचएल) समेत अन्य के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत नया आरोप पत्र दायर किया था. इसी आरोप पत्र का संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने 21 जून को माल्या के खिलाफ गिरफ्तारी के आदेश जारी किया था।

निदेशालय द्वारा दायर चार्जशीट में माल्या के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग और 13 बैंको के समूह के साथ करीब 6000 करोड़ रुपये की धोखधड़ी करने के आरोप लगाया गया है। कोर्ट में ईडी के वकीलों ने याचिका दी थी कि कोर्ट माल्या के खिलाफ दायर नये आरोप पत्र का संज्ञान लें। साथ ही, ईडी ने PMLA court को बताया था कि विजय माल्या कई समन के बावजूद भी जांच के लिए पेश नहीं हो रहा है, ऐसे में उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाये।

यह अध्यादेश कर्ज नहीं चुकाने वाले भगोड़ों की सभी संपत्ति जब्त करने का अधिकार देता है। ईडी ने विजय माल्या की संपत्तियां जब्त करने की मांग की है. इनमें वे संपत्तियां भी शामिल हैं जिनपर माल्या का परोक्ष नियंत्रण है।

ईडी ने याचिका में कहा था कि इन संपत्तियों का अनुमानित मूल्य करीब 12,500 करोड़ रुपये है। इनमें अचल संपत्तियां और शेयर्स जैसी चल संपत्तियां शामिल हैं। यह कदम 9 हजार करोड़ रुपये से अधिक के दो बैंक लोन की राशि का हेर-फेर करने के मामले में उठाया गया है। इन दो बैंक लोन में आईडीबीआई बैंक और भारतीय स्टेट बैंक की अगुआई वाले बैंक समूह शामिल हैं।

प्रवर्तन निदेशालय ने धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत पहले दायर किए गए दो चार्जशीट में पेश किए गए सबूतों के आधार पर माल्या को भगोड़ा अपराधी घोषित करने की अदालत से मांग की है। माल्या ने मनी लॉन्ड्रिंग (धनशोधन) कानून के तहत अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को लंदन की अदालत में चुनौती दी है।

भारत विजय माल्या को वापस लाने का कानूनी प्रयास कर रहा है। पीएमएलए के तहत कानून की मौजूदा प्रक्रिया के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय मामले की सुनवाई खत्म होने के बाद ही संपत्तियों को जब्त कर सकती है, जिसमें आमतौर पर कई साल लगते हैं।

अध्यादेश पर अमल करने के लिए प्राधिकृत ईडी ने इसके तहत यह पहला मामला दायर किया है। एजेंसी जल्दी ही भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी , उसके चाचा मेहुल चौकसी समेत अन्य बड़े बैंक लोन डिफॉल्टरों के खिलाफ भी इस तरह का कदम उठाने वाली है।

-Legend News

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