नवाज शरीफ के मुंबई हमलों वाले बयान पर उनके पक्ष में खड़ी हुई PML-N

इस्लामाबाद। मुंबई हमलों को लेकर नवाज शरीफ के बयान से पाकिस्तान में मचे कोहराम के बीच उनकी पार्टी PML-N शरीफ के पक्ष में आ गई है और सारा दोष भारतीय मीडिया के सिर मढ़ा है। पार्टी ने एक बयान जारी किया है जिसमें 26/11 को लेकर नवाज शरीफ के बयान पर सभी दावों को खारिज करते हुए कहा गया है कि उनके बयान की भारतीय मीडिया ने पूरी तरह गलत व्याख्या की है।
PML-N की इस सफाई को नवाज की बेटी मरियम ने अपने ट्विटर पर शेयर किया है।
बयान में लिखा गया है, ‘PML-N’ अपने मुखिया के डॉन को दिए इंटरव्यू पर बयान देना चाहती है। हमारे नेता के बयान की भारतीय मीडिया ने पूरी तरह गलत व्याख्या की। दुर्भाग्य से पाकिस्तानी इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया इरादतन या गैर इरादतन ही सही लेकिन बिना सच जाने भारतीय मीडिया के इस प्रॉपेगैंडा को सही ठहराया।’
बयान में कहा गया है, ‘देश की सबसे लोकप्रिय राजनीतिक पार्टी और इसके मुखिया को पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा को बनाए रखने के प्रति उनके समर्पण भाव के लिए किसी के सर्टिफिकेट की जरूरत नही है। आखिरकार, वह प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ही थे जिन्होंने पाकिस्तान के इतिहास में राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए मई 1998 में देश को परमाणु शक्ति बनाने जैसे सबसे महत्वपूर्ण और कठिन फैसले लिए हैं।’
बयान में नवाज के अपने भाई शाहबाज को लेकर दिए बयान को भी तोड़-मरोड़कर पेश करने की बात कही गई है।
बयान के मुताबिक मियां शाहबाज शरीफ PML-N के निर्वाचित अध्यक्ष हैं। वह चुनावी अभियान में सबसे आगे हैं और PML-N के संदेश को देश के हर कोने तक पहुंचा रहे हैं इसलिए भविष्य में उनकी भूमिका और जिम्मेदारियों को लेकर कोई भ्रम नहीं है।
बता दें कि ‘डॉन’ को दिए इंटरव्यू में शरीफ ने पहली बार सार्वजनिक रूप से एक साक्षात्कार में माना था कि पाकिस्तान में आतंकी संगठन सक्रिय हैं। उन्होंने सरकार से इतर तत्वों के सीमा पार करने और लोगों की हत्या करने देने की पाकिस्तान की नीति पर सवाल उठाए थे। इसके साथ ही नवाज ने कहा था कि आतंकी संगठन सक्रिय हैं, क्या उन्हें सीमा पार करने और मुंबई में 150 लोगों की हत्या करने की इजाजत दे देनी चाहिए?

नवाज के बयान से पाकिस्तानी सेना नाराज
मुंबई हमलों में पाकिस्तानी आतंकियों की भूमिका मानने वाले पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के बयान से पाकिस्तानी सेना बेहत नाराज है। इतना ही नहीं पाकिस्तानी आर्मी को यह भी चिंता है कि शरीफ के बयान से भारत के इस दावे को भी मजबूती मिली है कि पाकिस्तान अपनी धरती पर पलने और संचालित होने वाले आतंकवाद के खात्मे के लिए ठोस कदम नहीं उठा रहा है।
सूत्रों से यह जानकारी मिली है कि सेना के उच्च अधिकारियों को इस बात की भी चिंता सता रही है है कि शरीफ का बयान पैरिस स्थित अंतर-सरकारी पाकिस्तान को फाइनैंशल ऐक्शन टास्क फोर्स (FATF) की ब्लैक लिस्ट में डालने के लिए काफी है।
इस संगठन की स्थापना 1989 में G-7 देशों ने की थी ताकि मनी लॉन्ड्रिंग रोकने के लिए नीतियां बनाई जा सके। पाकिस्तान बीते 3 महीने से ग्रे लिस्ट में शामिल है।
सूत्रों की माने तो शरीफ पर उनकी सत्ताधारी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज और सेना का दबाव बना रही है ताकि वह तुरंत प्रभाव से अपना बयान वापस लें या फिर स्पष्टीकरण दें। हालांकि, अभी तक ऐसे कोई संकेत नहीं मिले हैं कि नवाज अपना बयान वापस लेंगे।
कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तानी आर्मी सोमवार को नवाज के मुंबई हमलों को लेकर दिए बयान पर उच्च स्तरीय बैठक करने जा रही है।
बता दें कि भारत लंबे समय से साल 2008 में हुए मुंबई हमलों के लिए पाकिस्तान से संचालित होनेवाले आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा पर आरोप लगाता रहा है। भारत सरकार के मुताबिक, ये हमलावर कराची से नाव पर सवार होकर भारत आए थे और मुंबई में कई जगह हमले किए थे।
26/11 हमले की सुनवाई पाकिस्तान की आतंरोधी अदालत में साल 2009 से चल रही है लेकिन अभी तक इसमें कोई प्रगति नहीं हुई है। भारत का कहना है कि पाकिस्तान ने बिना पूरी जांच किए ही मामला कोर्ट भेज दिए जबकि पाकिस्तान नई दिल्ली पर पर्याप्त सबूत मुहैया न करवाने का आरोप लगाता रहता है।
बता दें कि ‘डॉन’ को दिए इंटरव्यू में शरीफ ने पहली बार सार्वजनिक रूप से एक साक्षात्कार में माना था कि पाकिस्तान में आतंकी संगठन सक्रिय हैं। उन्होंने सरकार से इतर तत्वों के सीमा पार करने और लोगों की हत्या करने देने की पाकिस्तान की नीति पर सवाल उठाए थे। इसके साथ ही नवाज ने कहा था कि आतंकी संगठन सक्रिय हैं, क्या उन्हें सीमा पार करने और मुंबई में 150 लोगों की हत्या करने की इजाजत दे देनी चाहिए?
-एजेंसी

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