पीएम मोदी की संपूर्ण विपक्ष को चेतावनी: देश लूटने वालों को मुझसे डरना ही होगा, मैं उन्‍हें छोड़ने वाला नहीं

नई दिल्‍ली। पीएम मोदी ने आज कांग्रेस सहित सारी विपक्षी पार्टियों को चेतावनी देते हुए कहा कि देश के धन को लूटने वालों को मुझसे डरना ही होगा। उन्‍हें डरना होगा क्‍योंकि वह देश के गुनहगार हैं और देश के प्रत्‍येक गुनहगार को सजा देने के लिए ही देश की जनता ने मुझे चौकीदारी सौंपी है।
पीएम मोदी ने इस दौरान विपक्ष के सभी आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम है विरोध करना पर मोदी और बीजेपी की आलोचना करते-करते देश की बुराई की जाने लगी।
लोकसभा में आज जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद देने के लिए खड़े हुए तो उन्होंने विपक्ष के हर आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष का काम है विरोध करना, मोदी की बुराई की जानी चाहिए लेकिन मोदी-बीजेपी की आलोचना करते-करते लोग देश की बुराई करने लग जाते हैं। आक्रामक तेवर अपनाते हुए पीएम ने कहा, ‘हममें से किसी को भी देश की बुराई करने वाली बातें नहीं करनी चाहिए।’
उन्होंने कांग्रेस से सवाल पूछते हुए कहा कि लंदन में झूठी प्रेस कॉन्फ्रेंस करके आप देश की कौन सी इज्जत बढ़ा रहे थे? मोदी ने आगे कहा कि अच्छा है…मैं अपनी मर्यादा में रहूं। उन्होंने कहा, ‘आज खड़गे जी बता रहे थे कि मोदी जी जो बात पब्लिक में बोलते हैं, वही बात राष्ट्रपति जी बोल रहे थे।’ पीएम ने चुटीले अंदाज में कहा कि सच बोलने वाले बाहर और अंदर एक ही बात बोलते हैं। इससे आपने मान भी लिया कि पीएम और राष्ट्रपति सच बोलते हैं। आपकी तो झूठ सुनने की आदत हो गई है।
पीएम मोदी पर विपक्ष संस्थाओं को बर्बाद करने का आरोप लगाता रहा है। इस पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा, ‘कहा जा रहा है कि मोदी संस्थाओं को बर्बाद कर रहा है। एक कहावत है- उल्टा चोर कोतवाल को डाटे।’ पीएम ने सवाल उठाते हुए कहा, ‘देश में आपातकाल थोपा कांग्रेस ने, सेना को अपमानित किया कांग्रेस ने, सेनाध्यक्ष को गुंडा कहा कांग्रेस ने, कहानियां गढ़ी गईं तख्तापलट की… इन सबके बाद भी आप कहते हैं कि मोदी देश की संस्थाओं को बर्बाद कर रहे हैं।’
उन्होंने आगे कहा कि चुनाव आयोग दुनिया में हमारे गौरव का केंद्र है। छोटी-मोटी शिकायत के बाद भी पार्टियां उसके हिसाब से चल रही हैं, लेकिन आप अपनी विफलता ईवीएम पर फोड़ रहे हैं। पीएम ने कहा, ‘आप इतने डरे हुए हैं…आपको क्या हो गया है? न्यायपालिका को कांग्रेस धमकाती है, पहले कभी नहीं हुआ। हमें पसंद न हो इसलिए कुछ भी बुला दें। महाभियोग के नाम पर पूरी व्यवस्था को हिलाने की कोशिश की गई और आप हम पर सवाल उठा रहे हैं।’
पीएम ने याद दिलाते हुए कहा, ‘कांग्रेस पार्टी के एक पूर्व पीएम ने ही योजना आयोग को जोकरों का समूह कहा था। आर्टिकल 356 का दुरुपयोग करीब 100 बार आपने (कांग्रेस) किया। चुनी हुई सरकारों को आपने बर्खास्त करने का काम किया। इंदिरा गांधी ने 50 बार ऐसा कदम उठाया। 1959 में जब नेहरू पीएम थे और इंदिरा कांग्रेस की अध्यक्ष थीं….केरल की सरकार को बर्खास्त कर दिया गया। आपने मंत्रिमंडल के फैसले प्रेस कॉन्फ्रेंस में फाड़ दिए इसलिए कृपा करके मोदी पर उंगली उठाने से पहले आपको पता होना चाहिए कि चार उंगली आपकी तरफ होती है।’
मोदी के निशाने पर कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे रहे। उन्होंने अपने भाषण के दौरान कई बार खड़गे का जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘खड़गे जी डिसेंट व्यक्ति हैं लेकिन पता नहीं क्या मजबूरी है कि हर बार डिसेंट…हर बार डिसेंट।’ इस पर सदन में सत्तापक्ष के सदस्य ठहाका लगाते हुए हंस पड़े। पीएम ने आगे कहा कि इनकी परेशानी का सबसे बड़ा कारण यह है कि एक गरीब इंसान जिसने दिल्ली को देखा नहीं था, उसने दिल्ली की सल्तनत को चुनौती दे दी। इनके दिमाग से वह बात जाती नहीं है, वही नशा (सत्ता का) इन्हें परेशान कर रहा है।
उन्होंने विपक्ष के हर आरोप का जवाब देते हुए कांग्रेस के 55 साल और अपनी सरकार के 55 महीने के विकास की तुलना की। उन्होंने महागठबंधन की कोशिशों को ‘महामिलावट’ कहते हुए तंज कसा। पीएम मोदी ने कहा कि 2014 में 30 साल के बाद देश की जनता ने पूर्ण बहुमत की सरकार दी और आज देश को अनुभव हो गया है कि मिलावटी सरकार क्या होती थी और पूर्ण बहुमत की सरकार के क्या मायने हैं।
उन्होंने कहा, ‘महामिलावट का हाल आपने कोलकाता में देखा लेकिन केरल में ये लोग एक दूसरे का मुंह नहीं देख पाएंगे, यूपी में महामिलावट का खेल देखिए, बाहर कर दिए गए। चुनाव से ठीक पहले विपक्षी गठबंधन पर करारा प्रहार करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश ने 30 साल तक मिलावट की स्थिति देखी है। उन्होंने कहा कि हेल्दी डिमॉक्रेसी वाले अब महामिलावट से दूर रहने वाले हैं।
‘मैं समझता हूं कि चुनाव का साल है’
PM ने कहा, ‘हमारी सरकार की पहचान ईमानदारी, पारदर्शिता, गरीबों के लिए संवेदना, राष्ट्रहित सर्वोपरि रखने वाली, भ्रष्टाचार पर कार्रवाई करने और तेज गति से काम करने के लिए है।’ सदन के सदस्यों का आभार जताते हुए पीएम ने चुटकी लेते हुए कहा, ‘वैसे, कुछ बेसिरपैर की बातें भी हुई हैं पर मैं मानता हूं यह चुनाव का वर्ष है और इस कारण सबकी मजबूरी है तो कुछ न कुछ बोलना पड़ता है। यह भी सही है कि हम लोग यहां से जाने के बाद जनता को अपना लेखा-जोखा देने वाले हैं। मैं आप सभी को आगामी चुनाव में हेल्दी कॉम्पिटिशन के लिए शुभकामनाएं देता हूं।
PM बोले, चुनौतियों को दे रहे हैं चुनौती
पीएम मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, ‘आशा और विश्वास की बात करने वाले ही कुछ कर पाते हैं। रोना रोने वाले को 5-10 लोग ही मिल पाते हैं। उन्होंने कहा, ‘स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि अतीत में जिस दौर से हमें गुजरना पड़ा, वे सब आवश्यक थे क्योंकि विनाश का जो कार्यकाल आया, उससे ही भविष्य का भारत आ रहा है, वह अंकुरित हो चुका है। उस विशालकाय वृक्ष का उगना शुरू हो चुका है।’ पीएम ने कहा कि चुनौतियों को ही चुनौती देते हुए हम आम आदमी की आकांक्षाओं को पूरा करने में जुटे हुए हैं।
कांग्रेस पर BC, AD तंज
कांग्रेस पर मोदी ने तंज कसते हुए कहा, ‘जब हम इतिहास की बात करते हैं तो 1947 से 2014 की बात करते हैं। कांग्रेस में हमारे मित्र दो ही टाइम पीरियड देखते हैं। पहला BC, जो उनके लिए Before Congress है- जब कुछ भी नहीं हुआ और दूसरा है AD यानी After Dynasty- जब सब कुछ हुआ। साढ़े चार साल पहले क्या होता था और आज क्या है, सब दिखता है।’
पीएम ने विपक्ष पर वार करते हुए कहा कि भारत साढ़े चार साल पहले 10-11वें अर्थव्यवस्था था और आज 6वें नंबर पर आ गया है। उस समय 11वें नंबर पर पहुंचने का गौरव किया था, मैं समझ नहीं पाता हूं कि उन्हें 6 पर पहुंचने पर पीड़ा क्यों होती है? इसके साथ ही पीएम ने नए वोटरों का जिक्र करते हुए कहा कि 21वीं शताब्दी के उन करोड़ों युवाओं का मैं स्वागत करता हूं जो पहली बार संसदीय चुनाव के लिए वोट करने वाले हैं। वे एक प्रकार से नीति निर्धारक प्रक्रिया के हिस्सेदार बनने वाले हैं इसलिए मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं।
-एजेंसियां

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