रोहतक में सर छोटूराम की प्रतिमा का अनावरण और सोनीपत में रेल कोच फैक्ट्री का भी शिलान्यास किया पीएम ने

रोहतक। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को हरियाणा के रोहतक जिले स्थित सांपला में दीनबंधु सर छोटूराम की 64 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया। इसके साथ ही पीएम मोदी ने सोनीपत जिले में बनने जा रही रेल कोच फैक्ट्री का भी शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणवी में अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए जाटलैंड के तकरीबन 28 फीसदी जाट मतदाताओं को आगामी लोकसभा चुनाव 2019 के मद्देनजर साधने की कोशिश की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘यह मेरा सौभाग्य है कि आज मुझे सांपला में किसानों की आवाज, किसानों के मसीहा, रहबर-ए-आजम, दीनबंधु चौधरी छोटूरामजी की इतनी भव्य प्रतिमा का अनावरण करने का मौका मिला। इससे पहले मैं चौधरी छोटूरामजी की याद में बने संग्रहालय में भी गया था। सांपला-रोहतक के लिए सर छोटूरामजी की यह प्रतिमा पहचान बन गई है।’
इन्होंने तैयार की हैं सर छोटूराम और सरदार पटेल की मूर्ति
पीएम मोदी ने कहा, ‘अक्टूबर महीने में हरियाणा की सबसे ऊंची सर छोटूरामजी की मूर्ति का अनावरण करने का मौका मिला और 31 अक्टूबर को दुनिया की सबसे ऊंची सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति का अनावरण करने का अवसर मिलेगा। दोनों ने किसानों लिए बहुत काम किया। बता दूं कि इस प्रतिमा का निर्माण किया है श्रीमान् सुतारजी ने, इन्हीं ने सरदार वल्लभ भाई पटेलजी की मूर्ति का भी निर्माण किया है। मैं हरियाणा, राजस्थान और पंजाब के साथ-साथ देश के सभी जागरूक नागरिकों को बधाई देता हूं।’
‘रेल कारखाने से युवाओं को मिलेगा मौका’
पीएम मोदी ने कहा, ‘सर छोटूरामजी की आत्मा जहां भी होगी, यह देखकर खुश होगी कि आज के ही दिन सोनीपत में रेल कोच कारखाने का शिलान्यास हुआ है। इस कोच फैक्ट्री के बनने के बाद यात्री डिब्बों के रखरखाव के लिए डिब्बों को दूर की फैक्ट्रियों में भेजने की मजबूरी समाप्त हो जाएगी। यात्री डिब्बों की उपलब्धता बनी रहेगी। इस कोच कारखाने से युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। यहां के इंजिनियरों और टेक्निशन को कारखाने की वजह से विशेषज्ञता हासिल करने का मौका मिलेगा।’
सरदार पटेल ने कही थी सर छोटूराम के लिए यह खास बात
संबोधन के दौरान नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘साथियों यह मेरा सौभाग्य रहा कि हरियाणा में मुझे बहुत काम करने का मौका मिला। जब मैं यहां काम करता था तो शायद ही ऐसा कोई दिन जाता हो कि सर छोटूरामजी का कोई न कोई प्रसंग न सुनाता हो। हरियाणा में ऐसा कोई गांव नहीं, जहां का कोई सदस्य सेना से न जुड़ा हुआ हो। सेना के साथ जुड़कर काम करने का श्रेय काफी हद तक दीनबंधु सर छोटूरामजी को जाता है। वह अपने जीवन में स्वतंत्र भारत को तो नहीं देख पाए लेकिन उन्होंने आवश्यकताओं, आकांक्षाओं को बखूबी समझा था। उन्होंने हमेशा अंग्रेजों की बांटों और राज करो के खिलाफ आवाज बुलंद की। सरदाल वल्लभ भाई पटेल ने कहा था कि यदि आज सर छोटूरामजी जीवित होते तो बंटवारे के समय पंजाब की चिंता मुझे नहीं करनी पड़ती…सर छोटूरामजी संभाल लेते।’ पीएम मोदी ने कहा, ‘यहीं रोहतक में चौधरी साहब ने कहा था कि मेरे लिए किसान, गरीबी का भी प्रतीक है और अंग्रेजी सेना के अत्याचार के खिलाफ झंडा बुलंद करने वाला सैनिक भी है।’
‘दायरे में क्यों सीमित किया गया महान व्यक्तित्व?’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘मैंने साहूकार वाला किस्सा कई बार सुना है। साहूकार ने सर छोटूरामजी को पटवारी बनने की सलाह दे दी थी। साहूकार को इस बात का बोध नहीं था कि जिसको पटवारी बनने की सलाह दी है वह हजारों पटवारियों का प्रमुख बनने वाला है। देश में बहुत से लोगों को तो यह तक नहीं पता होगा कि यह जो भाखड़ा बांध है वह सोच सर छोटूरामजी की ही थी। कई बार तो मुझे हैरानी होती है कि इतने महान व्यक्ति को एक दायरे में क्यों सीमित किया गया। हमारी सरकार देश का मान बढ़ाने वाले व्यक्तित्वों का सम्मान करने का काम कर रही है।’
-एजेंसी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »