कन्याकुमारी में पीएम बोले, 26/11 का कुछ नहीं किया गया लेकिन हमने उरी और पुलवामा का बदला लिया

तमिलनाडु के कन्याकुमारी पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुलवामा हमले का जिक्र करते हुए जवानों को सलाम किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि पिछली सरकारों में आतंकी हमले पर सख्त ऐक्शन नहीं लिया जाता था लेकिन हमारी सरकार ने सेना को आतंकियों से बदला लेने की खुली छूट दी है। पीएम ने अपने भाषण की शुरुआत विंग कमांडर अभिनंदन की तारीफ से की।
बता दें कि अभिनंदन को आज अटारी बॉर्डर पर भारत के हवाले किया जाने वाला है। वह बुधवार से पाकिस्तानी सेना की हिरासत में हैं।
पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा, ‘हर भारतीय को गर्व है कि विंग कमांडर अभिनंदन तमिलनाडु के हैं।’ इस दौरान पीएम ने आतंकवाद का जिक्र करते हुए कहा, ‘कई वर्षों से देश आतंकवाद का सामना कर रहा था। 2004 से 2014 तक कई आंतकवादी हमले हुए। जयपुर, मुंबई, पुणे, हैदराबाद कई जगहों पर हमले हुए लेकिन किसी ने इस पर सख्त कार्यवाही नहीं की।’
पीएम ने जवानों को सलाम करते हुए कहा, ’26/11 भारत में हुआ लेकिन कुछ नहीं किया। लेकिन जब उरी हुआ और पुलवामा हुआ, तो हमने बदला लिया। मैं सलाम करता हूं उन सैनिकों को जो हमारे देश की सेवा कर रहे हैं। एक समय था जब अखबारों में खबरें निकलती थीं कि फोर्स बदला चाहती है लेकिन उन्हें यूपीए सरकार अनुमति नहीं दे रही। आज खबरें होती हैं कि सेना को खुली छूट दे दी गई है जो चाहे करें। आंतकवादियों से बदला लें। ‘
पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों के साथ झड़प के दौरान पाकिस्तान में गिरे मिग-21 के पायलट विंग कमांडर अभिनंदन के परिवार का सेना से गहरा जुड़ाव रहा है। उनके पिता सिम्हाकुट्टी वर्तमान एयर मार्शल के पद से रिटायर हुए थे। उन्होंने 1999 के कारगिल युद्ध में हिस्सा लिया था। वह ईस्टर्न एयर कमान के हेड रह चुके हैं, जो चीन के खिलाफ अभियानों का जिम्मा संभालती है। वह उस एक्सपर्ट कमेटी के हेड भी थे, जिसे तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने 2017 में यह अध्ययन करने के लिए बनाया था कि रूस के साथ मिलकर फिफ्थ जेनरेशन फाइटर एयरक्राफ्ट डिवेलप करने के प्रोजेक्ट से एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट डिवेलप करने के स्वदेशी कार्यक्रम में बाधा पड़ेगी या नहीं।
एयर मार्शल सिम्हाकुट्टी वर्तमान फाइटर पायलट के रूप में 1973 में वायु सेना में शामिल हुए थे। वह वायु सेना के उन चुनिंदा पायलटों में से हैं, जिन्होंने 4000 फ्लाइंग ऑवर्स के अनुभव के साथ 40 तरह के विमान उड़ाए हैं। वह वायु सेना के एयरक्राफ्ट सिस्टम्स टेस्टिंग एस्टैब्लिशमेंट के चीफ टेस्ट पायलट भी थे, जो सेना में शामिल किए जाने से पहले विमानों और वायु रक्षा प्रणालियों का फ्लाइट टेस्ट करता है। वह ग्वालियर में चीफ ऑपरेशंस ऑफिसर भी थे, जहां उन्होंने मिराज 2000 विमान के अपग्रेडेशन में को-ऑर्डिनेशन किया था। बाद में 2001 में संसद पर आतंकी हमले के बाद शुरू किए गए ऑपरेशन पराक्रम के दौरान उन्होंने वेस्टर्न सेक्टर में एक एयर बेस का नेतृत्व किया था।
अपने पिता के इन गौरवशाली पदचिन्हों पर चलते हुए अभिनंदन 2000 में स्कूली शिक्षा पूरी करने के तुरंत बाद नेशनल डिफेंस अकेडमी में गए थे। 2004 में फाइटर पायलट के रूप में वह वायुसेना में शामिल हुए। मिग-21 उड़ाना शुरू करने से पहले वह सुखोई 30 एमकेआई के पायलट थे। बुधवार सुबह वह मिग-21 उड़ाते हुए उन पायलटों में शामिल थे, जिन्होंने भारतीय एयर स्पेस में आए पाकिस्तानी विमानों को दौड़ाया।
मई 2011 में वायु सेना के सुखोई 30एमकेआई पर एक टीवी डॉक्युमेंट्री में शो के आयोजक ने अभिनंदन से पूछा था कि सुखोई-30 का पायलट बनने के लिए क्या जरूरी है, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया था, ‘बैड एटिट्यूड।’ तब वह फ्लाइट लेफ्टिनेंट थे। उन्होंने कहा था, ‘हमें जो ट्रेनिंग मिली है, वही काम आती है।’
-एजेंसियां

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