AIIB की बैठक में पीएम ने कहा, हम आर्थिक विकास का विस्‍तार करने को प्रतिबद्ध

मुंबई। एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक AIIB की तीसरी सालाना बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के अलग-अलग आर्थिक मुद्दों पर बात की।
पीएम मोदी ने अपने भाषण के दौरान सबसे पहले कहा, ‘एक विकासशील देश होने के नाते हम सब की चुनौतियां लगभग एक जैसी हैं।’
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि एशिया में अभी भी शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी समस्याएं हैं और एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक AIIB यहां रिसोर्सेज पैदा करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
पीएम मोदी के अनुसार एआईआईबी बैंक AIIB और भारत दोनों ही साथ मिलकर आर्थिक विकास को विस्तृत और सस्टैनबल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि भारत में वे नया पीपीपी मॉडल, इन्फास्ट्रकचर डेबिट फंड और इन्फास्ट्रकचर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट लागू कर रहे हैं। भारत के आर्थिक विकास पर रोशनी डालते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ग्लोबल इकॉनमी में भारत एक ब्राइट स्पॉट की तरह उभरा है। इसके अलावा एक लंबे इंतजार के बाद आर्थिक मामलों में भारत की रेटिंग्स भी सुधरी हैं। यहां उन्होंने इज ऑफ डूइंग बिजनेस का भी जिक्र किया।
निवेश के मुद्दे पर पीएम बोले कि भारत सबसे अधिक इन्वेस्टमेंट फ्रेंडली देश है और हमने बिजनस के लिए नियमों को और अधिक आसान बना दिया है। इसके अलावा भारत ने निवेशकों को सबसे बेहतर निवेश का माहौल दिया है और विदेशी निवेशकों के लिए यह देश लो रिस्क पॉलिटिकल इकॉनमी है। साथ ही पीएम ने कहा कि तेल के दाम में बढ़ोत्तरी होने के बावजूद भारत में महंगाई मैनडेट रेंज पर रही।
अपने संबोधन के दौरान पीएम ने भारतमाला, सागरमाला और उड़ान जैसी अलग-अलग परियोजनाओं का जिक्र भी किया। साथ ही उन्होंने तेजी से डिजिटल होते भारत की खूबियों से भी वहां मौजूद लोगों को अवगत कराया। पीएम ने खेती को भारत की रोजी-रोटी बताई और कहा कि वे वेयर हाउसेज, कोल्ड चेन, फूड प्रोसेसिंग, क्रॉप इंश्योरेंस जैसी चीजों में निवेश कर रहे हैं। इसके अलावा पीएम ने कहा कि भारत आगे बढ़ रहा है और अब भारत आर्थिक अवसर, समग्र विकास, डिजिलट इन्फ्रास्ट्रकचर और नॉलेज इकॉनमी के पिलर्स पर खड़ा है।
-एजेंसी

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