लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों पर PM का नज़रिया: बीज रोपने वाला फल की चिंता नहीं करता, लोग समझदार हैं… अच्‍छी चीज का साथ देते हैं

नई दिल्‍ली। नरेंद्र मोदी के बाद कौन, विपक्ष इस सवाल का जवाब खोजने में लगा है। बीजेपी के भीतर भी इस सवाल की चर्चा ज्‍यादा होती है। अमित शाह, नितिन गडकरी, योगी आदित्‍यनाथ… कई नाम हैं, जिन्‍हें राजनीतिक पंडित मोदी के बाद बीजेपी का अगला पोस्‍टर बॉय करार देते हैं। यह भी बात होती है कि मोदी ने जो कदम उठाए हैं, उनका असर दिखने में समय लगेगा। ऐसे में 2024 के लोकसभा चुनाव में मोदी को इसका फायदा नहीं मिलेगा तो फायदा उठाएगा कौन?
‘ओपन’ मैगजीन को दिए एक इंटरव्‍यू में पीएम मोदी ने इस सवाल का जवाब दिया है।
…तो 20 साल तक सरकार नहीं चलाता
मोदी से पूछा गया था कि ‘कई एक्‍सपर्ट्स ने कहा कि अर्थव्‍यवस्‍था से लेकर गवर्नेंस और इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर को मजबूत करने के लिए जो कदम उठाए गए हैं, वे सही दिशा में हैं लेकिन वे यह भी कहते हैं कि फायदे दिखने में समय लगेगा और आप शायद 2024 में उन कदमों की बदौलत कोई फायदा हासिल न कर पाएं।’ जवाब में मोदी ने कहा कि यह सवाल राजनीतिक पंडितों के पुराने विचारों का नतीजा है। मोदी ने कहा कि ‘अगर यह सच होता तो मुझे लगातार सरकार के मुखिया के रूप में काम करने का मौका नहीं मिलता।’
उन्‍होंने कहा कि जो बीज रोपता है, उसे इस बात की चिंता नहीं करनी चाहिए कि उसके फल किसको मिलेंगे। बात यह नहीं है कि मैं अपनी आर्थिक नीतियों का लाभ उठाने को मिलेगा या नहीं, बात यह है कि देश को (फायदा) होगा।
लोग समझदार हैं, अच्‍छी चीज का साथ देते हैं
पीएम ने कहा कि ‘जो लोग ऐसा सोचते हैं, वे न तो अपने देश के लोगों को जानते हैं और न ही उनकी सोच को। देश के लोग इतने समझदार हैं कि निस्‍वार्थ भाव से, अच्‍छी नीयत से किए गए अच्‍छे कामों को समझ कर उनका समर्थन कर सकें। और इसी वजह से देश के लोगों ने मुझे लगातार सरकार के मुखिया की तरह काम करने का मौका दिया।’ मोदी ने उन विशेषज्ञों का शुक्रिया अदा किया जिन्‍होंने यह माना कि उनकी सरकार ने विकास दर बढ़ाने, अर्थव्‍यवस्‍था और गवर्नेंस में सुधार और इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर को मजबूत करने के लिए सही दिशा में कदम उठाए हैं।
लोग नोटिस कर रहे हैं: मोदी
मोदी के अनुसार उनकी नीतियों का असर दिखने में समय लग सकता है मगर लोग स्‍मार्ट हैं और उनकी नीतियों का सकरात्‍मक दृष्टि से आंकलन कर रहे हैं। लोग ग्‍लोबल एजेंसियों और कंपनियों के बीच भारत की आर्थिक प्रगति और विकास की बात कर रहे हैं। लोग रिकॉर्ड FDI निवेश का नोटिस कर रहे हैं, वे बढ़ते निर्यात को नोटिस कर रहे हैं, जीएसटी के अच्‍छे आंकड़ों को देख रहे हैं, लोग दर्जनों स्टार्टअप्‍स को यूनिकॉर्न बनते देख रहे हैं।
-एजेंसियां

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