पीएम मोदी की All party meeting, नहीं पहुंचे कांग्रेस व कई दल के नेता

नई दिल्‍ली। #OneNationOnePoll को लेकर  आज पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा बुलाई गई All party meeting में कांग्रेस सहित विपक्ष के कई नेता नहीं पहुंचे। ‘एक देश एक चुनाव’ #OneNationOnePoll को लेकर बुलाई गई All party meeting शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई नेता बैठक में पहुंच चुके हैं। वहीं विपक्ष के कई बड़े नेताओं ने इस बैठक से किनारा कर लिया है।

खबर है कि कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों से कोई नेता बैठक में नहीं पहुंचा है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, बसपा प्रमुख मायावती, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल पहले ही All party meeting में शामिल होने से इनकार कर कर चुके हैं।

All party meeting में ये नेता नहीं हुए शामिल
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, बसपा प्रमुख मायावती, डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन, के चंद्रशेखर राव और टीडीपी प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया है। वहीं, कांग्रेस पर अभी तक सस्पेंस बना हुआ है क्योंकि पार्टी की तरफ से अभी कोई बयान नहीं आया है।
ये नेता होंगे शामिल
एनसीपी प्रमुख शरद पवार, सीपीएम के महासचिव सीताराम येचुरी और भाकपा महासचिव एस सुधाकर रेड्डी प्रधानमंत्री के द्वारा बुलाई गई बैठक में शामिल होंगे।
ममता बनर्जी ने लिखी थी चिट्ठी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ राजनीतिक दलों के प्रमुखों की होने वाली बैठक में भाग नहीं लेंगी। उन्होंने इस संबंध में संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी को मंगलवार को पत्र लिखकर सरकार को सलाह दी कि वह ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर ‘‘जल्दबाजी’’ में फैसला करने के बजाए इस पर एक श्वेत पत्र तैयार करे।
मायावती भी नहीं पहुंचीं
वहीं बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी ‘एक राष्ट्र एक चुनाव’ मुद्दे पर दिल्ली में होने वाली चर्चा में हिस्सा नहीं लिया। उन्होंने ट्वीट कर ये जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव ईवीएम की जगह बैलेट से कराने पर चर्चा होती तो वह जरूर जातीं।

उन्होंने ट्वीट किया कि बैलेट पेपर के बजाए ईवीएम के माध्यम से चुनाव की सरकारी जिद से देश के लोकतंत्र व संविधान को असली खतरा है। उन्होंने कहा कि ईवीएम के प्रति जनता का विश्वास घट रहा है। ऐसे में अगर ईवीएम के प्रयोग पर चर्चा करने के लिए बैठक बुलाई गई होती तो मैं जरूर जाती।

‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के विचार को लागू करना मुश्किल कार्य है: टीआरएस नेता
तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के एक वरिष्ठ नेता ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव ’ के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि इसे लागू करना एक मुश्किल कार्य है। लोक सभा के पूर्व सदस्य बी विनोद कुमार ने कहा कि उनकी पार्टी ने राजग सरकार के पिछले कार्यकाल के दौरान विधि समिति के समक्ष एक साथ चुनाव आयोजित करने को लेकर अपना पक्ष रखा था। पार्टी का रुख एक ही साथ चुनाव कराने के पक्ष में था। कुमार ने कहा कि तब भी हमारा यही रुख था और अब भी हमारा यही रूख है।

एक राष्ट्र, एक चुनाव भाजपा का फैंसी आइडिया: भाकपा
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने कहा है कि एक राष्ट्र, एक चुनाव भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का फैंसी आइडिया है और यह न तो संभव है और न ही इसकी आवश्यकता है। भाकपा महासचिव एस सुधाकर रेड्डी ने सवाल करते हुये कहा कि अगर कोई राज्य सरकार किसी वजह से अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाती है तो ऐसे में क्या होगा। उन्होंने कहा कि जब कोई राज्य सरकार अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सकेगी तो वहां पर उपचुनाव होगा ही। आप लोगों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित नहीं कर सकते हैं और न ही उन्हें अगले चुनाव तक इंतजार करने के लिए कहा जा सकता है।

– एजेंसी

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