पीएम मोदी ने बोहरा समुदाय से कहा, आप लोग दुनिया में वसुधैव कुटुम्बकम की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं

PM Modi told the Bohra community, you are pushing the tradition of Vasudhaiva Kutumbakam in the world
पीएम मोदी ने बोहरा समुदाय से कहा, आप लोग दुनिया में वसुधैव कुटुम्बकम की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं

इंदौर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित सैफी मस्जिद का दौरा किया। बोहरा समुदाय के धर्मगुरु सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन ने मस्जिद के दरवाजे पर ही पीएम मोदी की अगवानी की और उन्हें मंच तक लेकर आए। पीएम मोदी को गले लगाकर सैयदना ने सैफी मस्जिद में उनका स्वागत किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आप लोग दुनिया में हमारी वसुधैव कुटुम्बकम की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। पीएम मोदी ने स्वच्छ भारत का जिक्र करते हुए कहा कि हमें अपने दिल और आत्मा को भी स्वच्छ रखना है।
दाऊदी बोहरा समुदाय की सराहना करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘इमाम हुसैन के पवित्र संदेश को आपने अपने जीवन में उतारा है और सदियों से देश और दुनिया तक पैगाम पहुंचाया। इमाम हुसैन अमन और इंसाफ के लिए शहीद हो गए। उन्होंने अन्याय और अहंकार के विरुद्ध अपनी आवाज बुलंद की थी। उनकी यह सीख जितनी तब जरूरी थी, उतनी ही आज की दुनिया के लिए अहम है।’
पीएम मोदी ने कहा कि इन परंपराओं को मुखरता से प्रचारित करने की आवश्यकता है। मुझे विश्वास है कि सैयदना साहब और बोहरा समाज का एक-एक जन इसमें जुटा हुआ है। पीएम मोदी ने कहा कि वसुधैव कुटुम्बकम की हमारे समाज और विरासत की यही शक्ति है कि हमें दुनिया के दूसरे देशों से अलग पहचान मिलती है। उन्होंने कहा कि हमारी इस परंपरा से बोहरा समुदाय पूरी दुनिया को अवगत करा रहा है। मोदी बोले, ‘मैं दुनिया में जहां भी जहां गया वहां शांति और विकास के लिए अपने समाज के योगदान की बातें जरूर करता हूं। शांति, सद्भाव, सत्याग्राह, राष्ट्रवाद और सौहार्द के प्रति बोहरा समुदाय की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण है। सैयदना साहब हमेशा देश और समाज के लिए काम करने की प्रेरणा देते रहे हैं।’
सैफी विला में रुके थे महात्मा गांधी
पीएम मोदी ने कहा कि महात्मा गांधी की बोहरा समुदाय के सैयदना से मुलाकात हुई थी और इंदौर में सैफी विला में वह रुके थे। इस जगह को बाद में राष्ट्र को समर्पित कर दिया गया। बोहरा समुदाय से मेरा पुराना नाता रहा है। आज भी मेरे दरवाजे आपके परिजनों के लिए हमेशा खुले रहते हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि आपका और आपके पूरे परिवार का स्नेह मुझ पर बना रहेगा। गुजरात का शायद ही कोई गांव हो, जहां बोहरा व्यापारी समाज का कोई प्रतिनिधि वहां न मिले। जब मैं गुजरात का सीएम था तो बोहरा समुदाय ने कदम-कदम पर साथ दिया।
कुपोषण से जंग में बोहरा समुदाय ने दिया साथ
पीएम मोदी ने कहा कि आज से कुछ साल पहले मैंने एक कार्यक्रम में कुपोषण के खिलाफ लड़ाई के लिए बोहरा समाज से सहयोग मांगा था। इसे भी बोहरा समाज और सैयदना साहब ने हाथों हाथ लिया। संयोग देखिए कि जब बोहरा समुदाय अशरा मुबारक के मौके पर जुटा है, तब पूरे देश में पोषण माह मनाया जा रहा है।
बोहरा समुदाय की कम्युनिटी किचन को सराहा
पीएम मोदी ने कहा कि कम्युनिटी किचन के माध्यम से बोहरा समाज यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि समाज का कोई व्यक्ति भूखा न सोए। आप लोगों के स्वास्थ्य का ख्याल रखते हुए कई अस्पताल चलाते हैं। आपके प्रयासों से अब तक 11,000 लोगों को अपना घर मिल चुका है। अब सरकार भी सबको घर देने की कोशिश में है। 2022 तक इस पर काम पूरा करने की योजना है। 1 करोड़ लोगों को अब तक हम घर की चाबी दे चुके हैं।
मुफद्दल सैफुद्दीन संग मंच तक आए पीएम मोदी
पीएम मोदी यहां शिया मुस्लिमों के दाऊदी बोहरा समुदाय के अशरा मुबारक कार्यक्रम में शामिल हुए हैं। सीएम शिवराज सिंह चौहान भी इस दौरान उनके साथ मौजूद रहे। इससे पहले पीएम मोदी सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन के साथ मस्जिद के द्वार से मंच तक आए। सैफी मस्जिद दाऊदी बोहरा समुदाय की मस्जिद है। बता दें नवंबर में मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इसे देखते हुए पीएम मोदी का यह दौरा और दाऊदी बोहरा समुदाय के कार्यक्रम में शामिल होना काफी अहम माना जा रहा है।
बोहरा समुदाय के 53वें धर्मगुरु हैं सैयदना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को इंदौर में दाऊदी बोहरा समुदाय के धर्मगुरु सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन से मुलाकात की। दाऊदी बोहरा समुदाय के सैयदना 53वें धर्मगुरु हैं, उनके 12 सितंबर से इंदौर में धार्मिक प्रवचन चल रहे हैं। सैयदना पहली बार इंदौर आए हैं, इससे पहले उनका सूरत में आना हुआ था। सैयदना के पिता अपने जीवनकाल में दो बार इंदौर आए थे।
मध्य प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पीएम के इस कदम को अहम माना जा रहा है। बोहरा समुदाय मुख्यत: व्यापार करने वाला समुदाय है। ‘बोहरा’ गुजराती शब्द ‘वहौराउ’, अर्थात ‘व्यापार’ का अपभ्रंश है।
– बोहरा समुदाय अपनी सफाई पसंदगी और पर्यावरण रक्षा की पहलों के लिए भी जाना जाता है। चैरिटेबल ट्रस्ट बुरहानी फाउंडेशन इंडिया 1992 से ही बर्बादी रोकने, रिसाइकलिंग और प्रकृति संरक्षण के लिए काम कर रहा है।
-दाऊदी बोहरा समुदाय काफी समृद्ध, संभ्रांत और पढ़ा-लिखा समुदाय है।
-दाऊद और सुलेमान के अनुयायियों में बंटे होने के बावजूद बोहरों के धार्मिक सिद्धांतों में खास सैद्धांतिक फर्क नहीं है। बोहरे सूफियों और मज़ारों पर खास विश्वास रखते हैं। सुन्नी बोहरा हनफ़ी इस्लामिक कानून पर अमल करते हैं, जबकि दाऊदी बोहरा समुदाय इस्माइली शिया समुदाय का उप-समुदाय है। यह अपनी प्राचीन परंपराओं से पूरी तरह जुड़ी कौम है, जिनमें सिर्फ अपने ही समाज में ही शादी करना शामिल है| कई हिंदू प्रथाओं को भी इनके रहन-सहन में देखा जा सकता है।
-एजेंसियां

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