सिंगापुर में पीएम मोदी ने छात्रों को बताया प्रेशर पॉलिटिक्स से निपटने का तरीका

सिंगापुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सिंगापुर में नान्यांग टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी में छात्रों को संबोधित किया। इस मौके पर स्टूडेंट्स ने उनसे कई सवाल भी किए। इस दौरान पीएम ने प्रेशर पॉलिटिक्स से लेकर कई मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने बच्चों को बताया कि वह कैसे पॉलिटिकल प्रेशर से निपटते हैं।
पीएम मोदी के संबोधन से पहले दोनों देशों के बीच कई एमओयू भी साइन किए गए। छात्रों के साथ चर्चा में पीएम ने कहा कि आने वाला समय एशिया का है और यह साफ नजर आ रहा है। पीएम ने यह भी कहा कि चीन और एशिया अतीत में भी दुनिया के व्यापार पर राज करते रहे हैं। मोदी ने छात्रों से कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री बनने से पहले जैसे उनका जीवन था वैसा ही वह आज भी खुद को महसूस करते हैं।
पीएम ने कहा, ‘लोकतंत्र में पॉलिटिकल प्रेशर ग्रुप की एक दुनिया होती है। और उसके झेलना बड़ा मुश्किल होता है लेकिन टेक्नोलॉजी से उसे झेला जा सकता है। पहले के जमाने में पॉलिटिकल प्रेशर ज्यादा था। यहां अस्पताल बनाओ, यहां स्कूल बनाओ… मैंने स्पेस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए मैप तैयार किया। इसमें स्क्वेयर किलोमीटर की परिधि में स्कूल और हॉस्पिटल होंगे। कोई भी नेता आता था तो उसे दिखाता था कि देखो तुम्हारे यहां है, नया नहीं बनेगा। उसका नतीजा हुआ कि सबको समान रूप से विकास में मदद मिली।’
प्रधानमंत्री मोदी ने एशिया के सामने क्या चुनौतियां हैं, प्रश्न पूछने पर कहा कि भविष्य एशिया का है और हमें इसे इस रूप में ही देखना चाहिए। हमें अपने सामने आने वाले अवसरों को देखना चाहिए और उन अवसरों को ही भविष्य में उपयोग करने के बारे में सोचना चाहिए। एशिया के सामने क्या चुनौतियां हैं, को हम इस रूप में भी देख सकते हैं कि हर चुनौती हमारे लिए एक अवसर है।
हिंदी में दिए अपने संबोधन में पीएम ने कहा कि 2001 से पहले वह सीएम नहीं थे, लेकिन उनका जीवन आज भी वैसा है। देश के प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके जीवन में कितना दबाव रहा, इस पर उन्होंने कहा कि मैं कभी खुद को पहले से अलग महसूस नहीं करता हूं। पीएम ने कहा, ‘जब देश के सैनिक सेना पर लड़ते हैं और हमारी माएं संघर्ष कर रही होती हैं तो मुझे लगता है कि मुझे भी आराम नहीं करना चाहिए। मैंने 2001 के बाद से अब तक कभी 15 मिनट की भी छुट्टी नहीं ली है।’
टेक्नोलॉजी के विस्तार पर पीएम ने कहा, ‘तकनीक से सामाजिक खाई भरने में मदद मिली है। लोगों को लगा था कि कंप्यूटर से नौकरियां चली जाएंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मैंने गुजरात का सीएम रहने के दौरान स्पेस टेक्नोलॉजी का प्रयोग राज्य के मछुआरों के लिए किया था। आज जरूरत है कि हम तकनीक के जरिए ऊर्जा के दूसरे माध्यमों के बारे में सोचना चाहिए।’
-एजेंसी

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