वर्चुअल राइफल सिस्टम से पीएम मोदी ने भी निशाना लगाया

लखनऊ। लखनऊ में आयोजित दुनिया के सबसे बड़े हथियार मेले डिफेंस एक्‍सपो 2020 का उद्धाटन करने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हथियारों के बारे में बारीकी से जानकारी ली।
वर्चुअल राइफल सिस्टम को परखने के लिए खुद पीएम मोदी ने भी निशाना लगाया। बिना गोली खर्च किए ही उन्‍होंने इस वर्चुअल राइफल से एक के बाद एक कई निशाने लगाए। प्रधानमंत्री मोदी ने प्रदर्शनी में मौजूद एक रोबोट से भी हाथ मिलाया और अधिकारियों से अत्‍याधुनिक हथियारों की बारीकियों को जाना।
क्या है वर्चुअल सिस्टम और सिमुलेशन?
बदलते समय के साथ हर देश रक्षा क्षेत्र में तकनीकी के इस्तेमाल को बढ़ाता जा रहा है। सिमुलेशन का इस्तेमाल करके सैनिक और अधिकारी बिना गोला-बारूद खर्च किए प्रैक्टिस कर लेते हैं। इसका फायदा यह है कि रक्षा क्षेत्र में प्रैक्टिस के लिए गोलियां, बारूद या अन्य सामान इस्तेमाल नहीं होते हैं। इसके लिए सिर्फ कंप्यूटर और वर्चुअल हथियारों का इस्तेमाल किया जाता है।
सिमुलेटर सिस्टम पर जब किसी भी बंदूक या अन्य हथियार से फायर किया जाता है तो चलने वाली गोली डिजिटल फॉर्मैट में स्क्रीन पर दिखती है। इसका मतलब है कि बिना गोली चले भी निशाना लगता है। इन दिनों दुनियाभर में इस तकनीक की इस्तेमाल किया जाता है। भारत में भी अब इसका इस्तेमाल बढ़ रहा है। भारतीय सैनिकों के लिए भी सिमुलेटर सिस्टम लाए जा रहे हैं। एयरफोर्स के पायलट्स को भी शुरुआती ट्रेनिंग इसी पर दी जाती है।
अफसरों ने पीएम को समझाई पूरी प्रक्रिया
लखनऊ के डिफेंस एक्सपो में हथियारों के बारी में जानकारी लेते समय जब पीएम मोदी वर्चुअल राइफल सिस्टम के पास पहुंचे तो काफी देर तक वहीं रुके। उनके साथ मौजूद अधिकारियों ने पीएम को पूरी प्रक्रिया समझाई तो वह खुद को रोक नहीं पाए। उन्होंने वर्चुअल राइफल उठाई और खुद भी कई गोलियां चलाकर इसकी टेस्टिंग कर डाली।
इससे पहले पीएम मोदी ने आज डिफेंस एक्सपो का उद्घाटन किया। हथियारों की दृष्टि से यह एशिया का सबसे बड़ा ‘बाजार’ है। वृंदावन योजना के सेक्टर-15 में 43 हजार वर्गमीटर में फैले ‘डिफेंस एक्सपो’ क्षेत्र में देश-विदेश की दिग्गज रक्षा कंपनियां अपने-अपने तरकश के ‘तीर’ दिखा रही हैं। वहीं, बुंदेलखंड डिफेंस कॉरिडोर के लॉन्चिंग पैड के तौर पर देखे जा रहे एक्सपो में देश और यूपी का निशाना दुनियाभर की कंपनियों के निवेश पर होगा।
वृंदावन योजना में आठ हॉल बनाए गए हैं। भारत की पहली स्वदेशी तोप धनुष पर केंद्रित ‘इंद्रधनुष’ इंडिया पवेलियन की केंद्रीय थीम है। रक्षा निर्माण क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों और उत्पादों का इसमें शोकेस होगा। 80 भारतीय कंपनियों के 90 से अधिक रक्षा उत्पाद इसमें दिखेंगे। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के भी 16 नए रक्षा उत्पाद लॉन्च होंगे। वहीं, यूपी पवेलियन में दुनियाभर के रक्षा निवेशकों को यहां की संभावनाओं से परिचित करवाया जाएगा। डिफेंस कॉरिडोर, एक्सप्रेस-वे, रक्षा निर्माण नीति, यूपी में निवेश के अवसर, पर्यटन से संस्कृति तक की झलक यहां दिखेगी।
-एजेंसियां

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