संविधान दिवस पर पीएम मोदी ने किसी का नाम लिए बिना सोनिया से लेकर राहुल और लालू से लेकर अखिलेश तक को जमकर सुनाया

नई दिल्‍ली। पीएम मोदी ने संविधान दिवस के मौके पर संसद के केंद्रीय कक्ष से भाषण दिया। पीएम मोदी ने इस मौके पर विपक्ष पर निशाना साधा। प्रधानमंत्री ने बिना किसी का नाम लिए सोनिया गांधी से लेकर राहुल गांधी, लालू यादव से लेकर अखिलेश यादव सबको खूब सुनाया।
पीएम मोदी ने कहा कि जब मैं सदन में 2015 में बोल रहा था, तब भी… विरोध आज नहीं हो रहा है, उस दिन भी हुआ था। यह 26 नवंबर कहां से ले आए। क्यों कर रहे हो। क्या जरूरत थी। बाबा साहब आंबेडकर का नाम और आपने मन में यह भाव उठे, देश यह सुनने के लिए तैयार नहीं है। अब भी बड़ा दिल रखकर खुले मन से बाबा साहब का पुण्य स्मरण के लिए तैयार न होना, चिंता का विषय है।
तो वो लोकतंत्र की रक्षा कैसे करेंगे
संविधान की भावना को चोट पहुंची है। संविधान की एक-एक धारा को भी चोट पहुंची है, जब राजनीतिक दल अपने आप में अपना लोकतांत्रिक करेक्टर खो देते हैं। जो दल स्वयं में लोकतांत्रिक करेक्टर खो चुके हों, वह लोकतंत्र की रक्षा कैसे कर सकते हैं। आज देश में कश्मीर से कन्याकुमारी.. हिंदुस्तान के हर कोने में जाइए, भारत ऐसे संकट की तरफ बढ़ रहा है, जो संविधान को समर्पित लोगों के लिए चिंता का विषय है। लोकतंत्र के प्रति आस्था रखने वालों के लिए चिंता का विषय है। और वह है पारिवारिक पार्टियां।
परिवारवाद के जरिये सोनिया-राहुल पर परोक्ष निशाना
पीएम मोदी ने कहा कि राजनीतिक दल पार्टी फॉर द फैमिली, पार्टी बाय द फैमिली.. और आगे कहने की जरूरत मुझे नहीं लगती है। जब मैं कहता हूं पारिवारिक पार्टियां। इसका मतलब मैं यह नहीं कहता हूं कि एक परिवार से एक से ज्यादा लोग राजनीति में न आएं.. योग्यता के आधार पर.. जनता के आशीर्वाद से.. किसी परिवार से एक से अधिक लोग राजनीति में जाएं.. इससे पार्टी परिवारवादी नहीं बन जाती है। लेकिन जो पार्टी पीढ़ी दर पीढ़ी एक परिवार चलाता रहे। पार्टी की सारी व्यवस्था परिवारों के पास रहे, वह लोकतंत्र स्वस्थ लोकतंत्र के लिए संकट होता है।
बाबासाहेब अम्बेडकर, डॉ राजेन्द्र प्रसाद को याद करने का दिन
पीएम मोदी ने कहा कि आज का दिवस बाबासाहेब अम्बेडकर, डॉ राजेन्द्र प्रसाद जैसे दूरंदेशी महानुभावों का नमन करने का है। आज का दिवस इस सदन को प्रणाम करने का है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज पूज्य बापू को भी नमन करना है। आजादी के आंदोलन में जिन-जिन लोगों ने बलिदान दिया, उन सबको भी नमन करने का है।
​हजारों साल की महान परंपरा की अभिव्यक्ति है संविधान
पीएम ने कहा कि हमारा संविधान ये सिर्फ अनेक धाराओं का संग्रह नहीं है, हमारा संविधान सहस्त्रों वर्ष की महान परंपरा, अखंड धारा उस धारा की आधुनिक अभिव्यक्ति है। पीएम मोदी ने कहा कि इस संविधान दिवस को इसलिए भी मनाना चाहिए क्योंकि हमारा जो रास्ता है, वह सही है या नहीं है, इसका मूल्यांकन करने के लिए मनाना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि बाबासाहेब अम्बेडकर की 125वीं जयंती थी, हम सबको लगा इससे बड़ा पवित्र अवसर क्या हो सकता है कि बाबासाहेब अम्बेडकर ने जो इस देश को जो नजराना दिया है, उसको हम हमेशा एक स्मृति ग्रंथ के रूप में याद करते रहें।
-एजेंसियां

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