अपने 69वें जन्मदिन पर पीएम MODI ने कहा, एक भारत-श्रेष्ठ भारत के सपने को साकार होते देख रहा है देश

कैक्‍टस गार्डन में प्रधानमंत्री मोदी के साथ गुजरात के सीएम विजय रूपाणी
कैक्‍टस गार्डन में प्रधानमंत्री मोदी के साथ गुजरात के सीएम विजय रूपाणी

केवडिया (गुजरात)। अपने 69वें जन्मदिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र MODI ने अनुच्छेद 370 के फैसले का जिक्र देश को आश्वस्त किया है कि आजादी के दौरान जो काम अधूरे रह गए थे, उनको पूरा करने का प्रयास आज देश कर रहा है। सरदार सरोवर बांध के किनारे नर्मदा महोत्सव में शामिल हुए पीएम MODI ने आज एक जनसभा में हैदराबाद मुक्ति दिवस और सरदार पटेल की प्रतिबद्धता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कल्पना कीजिए, अगर सरदार पटेल की वो दूरदर्शिता ना रहती तो आज भारत का नक्शा कैसा होता और भारत की समस्याएं कितनी अधिक होतीं।
370, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख का जिक्र
पीएम MODI ने कहा कि सरदार साहब की प्रेरणा से एक महत्वपूर्ण फैसला देश ने लिया है। दशकों पुरानी समस्या के समाधान के लिए नए रास्ते पर चलने का निर्णय लिया गया है। मुझे पूरा विश्वास है कि जम्मू कश्मीर, लद्दाख और करगिल के लाखों साथियों के सक्रिय सहयोग से हम विकास और विश्वास की नई धारा बहाने में सफल होंगे। पीएम MODI ने कहा कि एक भारत, श्रेष्ठ भारत के सरदार के सपने को आज देश साकार होते हुए देख रहा है।
नर्मदा जिले के केवडिया में जनसभा को संबोधित करते हुए MODI ने कहा कि आजादी के दौरान जो काम अधूरे रह गए थे, उनको पूरा करने का प्रयास आज देश कर रहा है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों को 70 साल तक भेदभाव का सामना करना पड़ा है। इसका दुष्परिणाम, हिंसा और अलगाव के रूप में, अधूरी आशाओं और आकांक्षाओं के रूप में पूरे देश ने भुगता है।
आज हैदराबाद मुक्ति दिवस भी है
उन्होंने कहा कि 17 सितंबर का दिन सरदार साहब और भारत की एकता के लिए किए गए उनके प्रयासों का स्वर्णिम पृष्ठ है। MODI ने कहा कि आज हैदराबाद मुक्ति दिवस भी है। आज के ही दिन 1948 में हैदराबाद का विलय भारत में हुआ था और आज हैदराबाद देश की उन्नति और प्रगति में पूरी मजबूती से योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि कल्पना कीजिए, अगर सरदार पटेल की वो दूरदर्शिता तब ना रहती तो आज भारत का नक्शा कैसा होता और भारत की समस्याएं कितनी अधिक होतीं।
बोले, पहले से तेज गति से काम करेगी नई सरकार
PM MODI ने कहा कि भारत की एकता और श्रेष्ठता के लिए आपका यह सेवक पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, ‘बीते 100 दिनों में अपनी इस प्रतिबद्धता को हमने और मजबूत किया है। मैंने चुनाव के दौरान भी आपसे कहा था, आज फिर कह रहा हूं। हमारी नई सरकार, पहले से भी तेज गति से काम करेगी, पहले से भी ज्यादा बड़े लक्ष्यों को प्राप्त करेगी।’
सरदार सरोवर बांध से 4 राज्यों के लोगों को लाभ
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र MODI ने कहा कि गुजरात ही नहीं मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान के किसानों और जनता को सरदार सरोवर योजना का लाभ मिल रहा। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में हमेशा माना गया है कि पर्यावरण की रक्षा करते हुए भी विकास हो सकता है। प्रकृति हमारे लिए आराध्य, हमारा गहना है। पर्यावरण को संरक्षित करते हुए कैसे विकास किया जा सकता है, इसका जीवंत उदाहरण केवडिया में देखने को मिल रहा है।
हर रोज साढ़े 8 हजार पर्यटक आए: PM
पीएम MODI ने कहा कि टूरिज्म की बात जब आती है तो स्टेच्यु ऑफ यूनिटी की चर्चा स्वभाविक है। इसके कारण केवडिया और गुजरात पूरे विश्व के टूरिज्म मैप पर प्रमुखता से आ गया है। अभी इसका लोकार्पण हुए सिर्फ 11 महीने ही हुए हैं और अब तक 23 लाख से अधिक पर्यटक देश और दुनिया से यहां आ चुके हैं। हर दिन औसतन साढ़े 8 हजार टूरिस्ट आ रहे हैं। मुझे बताया गया है कि पिछले महीने जन्माष्टमी के दिन तो रिकॉर्ड 34 हजार से अधिक पर्यटक यहां पहुंचे थे।
भगवान विश्वकर्मा से मांगा आशीर्वाद
उन्होंने कहा कि आज ही निर्माण और सृजन के देवता विश्वकर्मा की भी जयंती है। नए भारत के निर्माण के जिस संकल्प को लेकर हम आगे बढ़ रहे हैं, उसमें विश्वकर्मा जैसी सृजनशीलता आवश्यक है। भगवान विश्वकर्मा का आशीर्वाद बना रहे, यही प्रार्थना है। मुझे विश्वास है कि सरदार पटेल की प्रेरणा से हम हर लक्ष्य को प्राप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने जो सपना देखा था वह उनकी भव्य प्रतिमा की आंखों के सामने हो रहा है।
PM MODI ने कहा कि हमने पहली बार सरदार सरोवर बांध को पूरा भरा हुआ देखा है। एक समय था जब 122 मीटर के लक्ष्य तक पहुंचना ही बड़ी बात थी लेकिन आज 5 वर्ष के भीतर-भीतर 138 मीटर तक सरदार सरोवर का भर जाना, अद्भुत है, अविस्मरणीय है।
आज केवडिया में जितना उत्साह है, उतना ही जोश पूरे गुजरात में है। आज तालों, तालाबों, झीलों, नदियों की साफ-सफाई का काम किया जा रहा है। आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर वृक्षारोपण का भी कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि आज कच्छ और सौराष्ट्र के उन क्षेत्रों में भी मां नर्मदा की कृपा हो रही है, जहां कभी कई-कई दिनों तक पानी नहीं पहुंच पाता था। बेटियों को 10 किमी दूर तक पैदल चलना पड़ता था। पहले तो पानी के लिए गोलियां तक चल जाती थीं।
2000 में जब देश में पहली वॉटर ट्रेन चलानी पड़ी
उन्होंने साल 2000 की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि गर्मियों में हालत काफी खराब हो गई कि पानी पहुंचाने के लिए देश में पहली बार स्पेशल वॉटर ट्रेन चलाने की नौबत आई थी। पुराने दिनों की याद करते हैं तो लगता है कि आज गुजरात कितना आगे निकल आया है।
उन्होंने कहा कि आपने जब मुझे यहां का दायित्व दिया, तब हमारे सामने दोहरी चुनौती थी। सिंचाई के लिए, पीने के लिए, बिजली के लिए, डैम के काम को तेज करना था, दूसरी तरफ नर्मदा कैनाल के नेटवर्क को और वैकल्पिक सिंचाई व्यवस्था को भी बढ़ाना था। हालांकि गुजरात के लोगों ने हिम्मत नहीं हारी और आज सिंचाई की योजनाओं का एक व्यापक नेटवर्क गुजरात में खड़ा हो गया है। बीते 17-18 सालों में लगभग दोगुनी जमीन को सिंचाई के दायरे में लाया गया है।
PM ने कहा कि माइक्रो इरिगेशन का दायरा साल 2001 में सिर्फ 14 हजार हेक्टेयर था और सिर्फ 8 हजार किसान परिवारों को इसका लाभ मिल पा रहा था। आज 19 लाख हेक्टेयर जमीन माइक्रो इरिगेशन के दायरे में है और करीब 12 लाख किसान परिवारों को इसका लाभ मिल रहा है।
IIM की स्टडी, हर घर जल का लक्ष्य
पीएम ने बताया कि IIM अहमदाबाद की स्टडी से सामने आया है कि माइक्रो इरिगेशन के कारण ही गुजरात में 50 प्रतिशत तक पानी की बचत हुई है, 25 प्रतिशत तक फर्टिलाइजर का उपयोग कम हुआ, 40 प्रतिशत तक लेबर कॉस्ट कम हुई और बिजली की बचत भी हुई। उन्होंने कहा कि नल से जल का दायरा भी बीते दो दशकों में करीब 3 गुना बढ़ा है। साल 2001 में गुजरात के सिर्फ 26 प्रतिशत घरों में नल से जल आता था। आज राज्य के 78 प्रतिशत घरों में नल से पानी आता है। अब इसी प्रेरणा से हमें देशभर में हर घर जल के लक्ष्य को प्राप्त करना है।
नर्मदा का पानी, पानी नहीं पारस है: मोदी
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि आज खुशी है कि मां नर्मदा का जल सिर्फ कच्छ ही नहीं गुजरात के एक बड़े हिस्से के लिए पारस सिद्ध हो रहा है। नर्मदा का पानी, सिर्फ पानी नहीं है। वह तो पारस है, जो मिट्टी को स्पर्श करते ही उसे सोना बना देता है।
पीएम ने कहा कि गुजरात सहित देश के हर किसान परिवार की आय को 2022 तक दोगुना करने के लिए निरंतर प्रयास चल रहा है। नई सरकार बनने के बाद बीते 100 दिनों में इस दिशा में अनेक कदम उठाए गए हैं।
-एजेंसियां

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