Parliamentary Conference में पीएम मोदी ने कहा, प्रवासी भारतीयों की आत्‍मा का अंश भारत की मिट्टी में

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के विज्ञान भवन में मंगलवार को प्रवासी सांसदों के Parliamentary Conference को संबोधित किया। इस संबोधन में पीएम ने एक तरफ जहां अपनी सरकार की उपलब्धियों की चर्चा की, वहीं उन्होंने भारतीय मूल्यों और आदर्शों का भी जिक्र किया। पीएम ने बिना पूर्ववर्ती सरकारों के नाम लिए ही उन पर इशारों में ही निशाना भी साधा।
प्रधानमंत्री ने प्रवासी भारतीयों के योगदान का जिक्र करते हुए कहा, ‘हम किसी की सीमाओं में दखल नहीं देते और न ही किसी और की स्वायत्ता पर हमारी नजर है। हमारा फोकस अपनी क्षमताओं के विस्तार और अपने संसाधनों के अधिकतम उपयोग पर रहा है।’ पीएम ने यह भी कहा कि उनकी सरकार में प्रवासियों की समस्या को गहराई से समझा गया और इसके लिए विदेश मंत्रालय ने बहुत अच्छा काम किया है।
पीएम ने प्रवासी भारतीयों के देश से लगाव का जिक्र करते हुए कहा, ‘प्रवासी भारतीय भले ही चले गए हों या जाना पड़ा, लेकिन अपनी मिट्टी और आत्मा का एक अंश यहीं छोड़ गए। आज जब आप भारत के किसी एयरपोर्ट पर उतरते हैं तो उस वक्त आत्मा का एक अंश महसूस करते हैं। आपकी आंखें नम हो जाती हैं, गला रूंध जाता है और उनमें भारत आने की एक चमक महसूस होती है।’
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत का प्रतिनिधित्व प्रवासी भारतीय दुनियाभर में कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘स्पोर्ट्स, आर्ट, सिनेमा ऐसे क्षेत्र हैं जहां भारतीय मूल के लोगों ने अपनी छाप ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर छोड़ी है। आज भारतीय मूल के लोग मॉरीशस, पुर्तगाल, आयरलैंड में प्रधानमंत्री है। गयाना के पूर्व राष्ट्रपति भरत जगदेव हमारे बीच मौजूद हैं। आप सभी देश के लोग अपने-अरने देशों में प्रमुख राजनीतिक भूमिका अदा कर रहे हैं।’
पूर्ववर्ती सरकारों का नाम लिए बिना ही पीएम ने कहा, ‘पिछले 3-4 वर्षों में भारत के प्रति पूरे विश्व का नजरिया बदल गया है। विश्व का हमारे प्रति जो नजरिया बदल रहा है उसका मुख्य कारण है कि भारत स्वयं बदल रहा है। यह बदलाव आर्थिक-सामाजिक स्तर के साथ वैचारिक स्तर पर आया है। पहले यही भाव था कि चलता है। अब इस सोच से भारत बहुत आगे बढ़ गया है। भारत के लोगों की आशाएं, आकाक्षांए उच्चतम सतर पर हैं। इसका नतीजा है 2016-17 में 16 बिलियन डॉलर का अभूतपूर्व एफडीआई भारत में आया। 42 स्थानों का सुधार सुगमता से बिजनेस करने वाले देश में आया है। 2 वर्षों में ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में 21 स्थानों का सुधार हुआ है।’

विश्व में भारत के बढ़ते प्रभुत्व का श्रेय मेादी को: सुषमा
प्रथम प्रवासी सांसद सम्मेलन को संबोधित करते हुए सुषमा स्वराज ने कहा कि विश्व में भारत का प्रभुत्व बढ़ रहा है और इसका श्रेय किसी को जाता है, तो वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जाता है. भारत आज वैश्विक एजेंडा तय करने वाला देश बनकर उभरा है. जब प्रधानमंत्री जी20 में हिस्सा लेने जाते हैं तब कालेधन के विषय को केंद्र में रखकर बात करते हैं.
विदेश मंत्री ने कहा कि वह इस बारे में सिर्फ कह कर नहीं आते बल्कि जब घर लौट कर आते हैं तब नोटबंदी, जीएसटी जैसी साहसिक पहल का निर्णय करते हैं और दुनिया को यह दिखाते हैं कि हम जो कहते हैं, वह करते भी है.
सुषमा ने कहा कि प्रधानमंत्री जब हैम्बर्ग जाते हैं तब आतंकवाद से कैसे लड़ा जाए, इस बारे में 11 सूत्री एजेंडा पेश करते हैं. संयुक्त राष्ट्र में जब टिकाऊ विकास लक्ष्य (एसडीजी) पर बोलने जाते हैं तब गरीबी उन्मूलन के विषय को सामने रखते हैं. इसके अलावा भी प्रधानमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस जैसी पहल को आगे बढ़ाने का काम किया.
प्रवासी भारतीय सांसदों को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि इस सम्मेलन का आयोजन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सुझाव पर किया गया है. इसमें हिस्सा लेने के लिये 134 प्रतिनिधि अभी मौजूद हैं. इसमें 2 सत्र हैं जिसमें एक सत्र का विषय प्रवासी सांसद (संघर्ष से संसद तक का सफर) और दूसरे सत्र का विषय है विश्व में उभरते भारत में प्रवासी सांसद की भूमिका.
सुषमा स्वराज ने कहा कि इस सम्मेलन में हिस्सा लेने वालों में ज्यादातर गिरमिटिया देशों के सांसद है. ये ऐसे लोग हैं जिनके पुरखे भोजपुरी और मगधी बोलते थे और एक समझौते के तहत इन्हें ले जाया गया था.
-एजेंसी