पीएम मोदी ने लॉन्च की नेशनल ऑटोमोबाइल स्क्रैपिंग पॉलिसी

नई दिल्‍ली। पीएम मोदी ने आज नेशनल ऑटोमोबाइल स्क्रैपिंग पॉलिसी को लॉन्च कर दिया है। पीएम मोदी ने बताया कि कैसे स्क्रैपिंग पॉलिसी भारत के बुहत अधिक फायदे का सौदा साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि इससे ना सिर्फ ऑटो और मेटल इंडस्ट्री को बूस्ट मिलेगा, बल्कि कामगारों को भी बहुत फायदा होगा। पीएम मोदी ने देश के युवाओं और स्टार्टअप ने इस प्रोग्राम से साथ जुड़ने का आह्वान भी किया है।
पीएम मोदी ने बताया कि पिछले साल करीब 23 हजार करोड़ रुपये का स्क्रैप स्टील भारत को आयात करना पड़ा। भारत में जो स्क्रैपिंग अभी तक होती आ रही है वह प्रोडक्टिव नहीं है, जिससे ना के बराबर एनर्जी रिकवरी होती है। कीमती मेटल रिकवरी मौजूदा वक्त में नहीं हो पाती है। ऐसे में साइंटिफिकक टक्नोलॉजी पर आधारित स्क्रैपिंग से फायदा होगा।
नेशनल स्क्रैपिंग पॉलिसी को लॉन्च करते वक्त पीएम मोदी ने कहा कि इससे आत्मनिर्भर भारत को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि ऑटो मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी वैल्यू चेन के लिए कम से कम इंपोर्ट पर निर्भर रहने की जरूरत है। ऐसे में कंपनियों के पास आने वाले 25 सालों को पूरा रोडमैप होना चाहिए। पुरानी प्रैक्टिस को बदलना होगा और ऐसा करने में सरकार की तरफ से ऑटोमोबाइल कंपनियों की हर संभव मदद की जाएगी।
नई स्क्रैप पॉलिसी से लोगों का क्या फायदा होगा?
नई पॉलिसी के तहत स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट दिखाने पर नई गाड़ी खरीदते वक्त 5 फीसदी छूट जाएगी। गाड़ी स्क्रैप करने पर कीमत का 4-6 फीसदी मालिक को दिया जाएगा। इसके साथ ही नई गाड़ी के रजिस्ट्रेशन के वक्त रजिस्ट्रेशन फीस माफ कर दी जाएगी।
क्या रोड टैक्स में कोई फायदा मिलेगा?
नई स्क्रैप पॉलिसी के तहत नई गाड़ी लेने पर रोड टैक्स में 3 साल के लिए 25 फीसदी तक छूट की बात कही गई है। राज्य सरकारें प्राइवेट गाड़ियों पर 25 परसेंट और कमर्शल गाड़ियों पर 15 परसेंट तक छूट दे सकते हैं।
नई पॉलिसी के तहत कितने साल तक गाड़ी चला सकेंगे?
नई स्क्रैप पॉलिसी में डीजल और पेट्रोल के प्राइवेट वाहनों के लिए 20 साल तक चलने की इजाजत दी गई है। 20 साल से अधिक पुराने प्राइवेट व्हीकल यदि ऑटोमेटेड फिटनेस टेस्ट पास करने में फेल हो जाते हैं या रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट रिन्यू नहीं कराते हैं तो 1 जून 2024 से खुद से रजिस्ट्रेशन खत्म हो जाएगा। फिटनेस में फेल होने पर गाड़ी स्क्रैप की जाएगी। हालांकि प्राइवेट वाहनों को सुधार का एक मौका दिया जाएगा। उसके बाद भी फिटनेस में फेल होती है तो गाड़ी स्क्रैप करनी पड़ेगी। 1 अप्रैल से 2023 से 15 साल पुराने कमर्शल व्हीकल का रजिस्ट्रेशन समाप्त हो जाएगा।
कैसे पता लगेगा कि गाड़ी स्क्रैप हो गई है?
सरकार का कहना है कि गाड़ियों को स्क्रैप करने के लिए पीपीपी आधार पर ऑटोमैटिक टेस्ट सेंटर और स्क्रैप सेंटर खोले जाएंगे। कोई वाहन इस ऑटोमैटिक टेस्ट को पास करने में नाकाम रहता है तो उसे सड़कों से हटाना पड़ेगा या भारी जुर्माना भरना पड़ेगा।
नई स्क्रैप पॉलिसी से सरकार का क्या फायदा होगा?
जब लोग पुरानी गाड़ियां स्क्रैप करेंगे और नई गाड़ियां खरीदेंगे तो इससे सरकार को सालाना करीब 40 हजार करोड़ का जीएसटी आएगा। इससे सरकार के रेवेन्यू में भी बढ़ोत्तरी होगी।
नई स्क्रैप पॉलिसी में विटेंज कारों का क्या होगा?
नई पॉलिसी में विंटेज कारों को शामिल नहीं किया जाएगा।
इस पॉलिसी के दायरे में कितनी गाड़ियां आएंगी?
इस पॉलिसी के दायरे में 20 साल से ज्यादा पुराने लगभग 51 लाख हल्के मोटर वाहन (एलएमवी) और 15 साल से अधिक पुराने 34 लाख अन्य एलएमवी आएंगे। इसके तहत 15 लाख मीडियम और हैवी मोटर वाहन भी आएंगे जो 15 साल से ज्यादा पुराने हैं और वर्तमान में इनके पास फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं है।
गाड़ी मालिक को मिलेंगे ये फायदे
स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट दिखाने पर नई गाड़ी खरीदते वक्त 5 फीसदी छूट। गाड़ी स्क्रैप करने पर कीमत का 4-6 फीसदी मालिक को दिया जाएगा। नई गाड़ी लेने पर रोड टैक्स में 3 साल के लिए 25 फीसदी तक छूट। नई गाड़ी के रजिस्ट्रेशन के वक्त रजिस्ट्रेशन फीस माफ कर दी जाएगी।
-एजेंसियां

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