राजस्थान में चार नए मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य और इंस्टिट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल का उद्घाटन किया पीएम मोदी ने

सौ साल की सबसे बड़ी महामारी ने दुनिया के हेल्थ सेक्टर के सामने अनके चुनौतियों ला दी हैं। इस महामारी ने बहुत कुछ सिखाया भी है और बहुत कुछ सीखा भी रहे है। हर देश अपने-अपने तरीके इस संकट से निपटने में जुटा है। भारत ने इस आपदा में आत्मनिर्भरता का संकल्प लिया है। राजस्थान में चार नए मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य का प्रारंभ और जयपुर में इंस्टिट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल का उद्घाटन इसी दिशा में एक अहम कदम है। गुरुवार को प्रदेश के चार जिले सिरोही, बांसवाड़ा, हनुमानगढ़ और दौसा के मेडिकल कॉलेज के वर्चुअल शिलान्यास कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने इसी तरह अपने विचार रखे। कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से जुड़े पीएम मोदी ने आगे कहा कि मैं राजस्थान के सभी नागरिकों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। आज मुझे राजस्थान के इस विशेष कार्यक्रम में वर्चुअली मिलने का मौका मिला है, तो मैं यहां के इस राज्य के उन बेटे-बेटियों को बधाई देना चाहता हूं जिन्होंने पैरा-ओलंपिक में भारत का झंडा बुलंद करने में अहम रोल निभाया।
2014 में 23 नए मेडिकल कॉलेजों को केंद्र ने दी थी स्वीकृति
पीएम मोदी ने कहा आज जब यह कार्यक्रम हो रहा है तब जयपुर सहित देश के 10 शहरों में वेस्ट मैनेजेंट से जुडा जागरूकता कार्यक्रम चल रहा है। इस पहल के लिए भी मैं देश के सभी गणमान्य नागरिकों को शुभकामनाएं देता हूं। साल 2014 के बाद से राजस्थान में 23 नए मेडिकल कॉलेजों के लिए केंद्र ने स्वीकृति दी थी, जिसमें से 7 काम करना शुरू कर चुके हैं। वहीं आज चार नए मेडिकल कॉलेजों के निर्माण का कार्य शुरू हो चुका है। यहां के जो भी जनप्रतिनिधि या जो सांसद हैं, उनसे जब भी बात होती तो वह मेडिकल कॉलेज के बनने से होने वाले फायदे बताते हैं। सांसद मनक भाई कटारा जी हों या सीनियर एमपी नेहालचंद, देवचंद पटेल हों, ये सभी मेडिकल इंफ्रा को लेकर जागरूक रहे हैं। मुझे विश्वास है कि राज्य सरकार के सहयोग से मेडिकल कॉलेज का निर्माण समय पर पूरा होगा।
मेडिकल एजुकेशन और हेल्थ सर्विस डिलिवरी में जो गैप था, उसे कम किया जा रहा है
2001 में जब मुझे गुजरात ने सीएम के रूप में सेवा करने का मौका दिया, तब वहां भी मेडिकल इंफ्रा की हालत बेहद खराब थी। हमने चुनौती को स्वीकारा और हालात सुधारे। बीते दो दशक के प्रयास से गुजरात ने मेडिकल सीटों की संख्या में छह गुना वृद्धि की है। हेल्थ राज्य का विषय है लेकिन मैंने केंद्र में आकर उन मुश्किलों को समझते हुए राज्यों को इस क्षेत्र में मदद कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि पहले मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) के हर फैसले पर अड़ेंगे, लगते थे। पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए जाते थे। बरसों से हर राज्य सरकारें सोचती थी कि कुछ करना चाहिए, बदलाव करना चाहिए, निर्णय करना चाहिए लेकिन नहीं हो पा रहा था। मुझे भी कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा लेकिन आखिरकार आज ऐसा हो पा रहा है। आज इस बातों का दायित्व नेशनल मेडिकल कमीशन के पास है। इसका बहुत बेहतर प्रभाव अब देश के मेडिकल और हेल्थ सेक्टर पर दिखना शुरू हो गया है। मेडिकल एजुकेशन और हेल्थ सर्विस डिलिवरी में जो गैप था, उसे लगातार कम किया जा रहा है।
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से मेडिकल रिकॉर्ड संभालने में मिलेगी मदद
पीएम मोदी ने कहा कि बरसों पुराने मेडिकल सिस्टम में समय के साथ बदलाव की जरूरत है। तीन चार दिन पहले शुरू हुआ आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन देश के कोने- कोने में स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने में बहुत मदद करेगा। वहीं इसके जरिए लोगों को अपने मेडिकल रिकॉर्ड को संभालने में मदद मिलेगी।
छह एम्स से 22 पर पहुंचे, 170 नए मेडिकल देश में बनाए जा चुके
स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल कॉलेजों के संबंध में बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज हम संतोष के साथ कह सकते हैं कि भारत में जहां पहले एम्स की संख्या 6 थी। वहीं आज बढ़कर 2 से ज्यादा हो चुकी है। इन 6-7 सालों में 170 से अधिक नए मेडिकल कॉलेज तैयार हो चुके हैं और 100 से ज्यादा नए मेडिकल कॉलेज पर काम तेज़ी से चल रहा है। 2014 में देश में मेडिकल क्षेत्र में अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट की कुल सीटें 82 हजार के करीब थी। आज इनकी संख्या बढ़कर एक लाख हजार तक पहुंच रही है। मेडिकल एजुकेशन की इस तेज प्रगति का बहुत बड़ा लाभ राजस्थान को भी मिल रहा है। राजस्थान में मेडिकल सीटों में दो गुनी से भी अधिक बढोत्तरी हुई है।
जयपुर में पेट्रोरसायन प्रोद्योगिकी संस्थान के उद्घाटन पर पीएम मोदी को याद आए पुराने दिन
जयपुर में पेट्रोरसायन प्रोद्योगिकी संस्थान की स्थापना पर पीएम मोदी बोले कि आज हम जब हम इस संस्थान का उदघाटन कर रहे हैं, तो मुझे वो 13 -14 साल पुराने दिन भी .याद आ रहे है। जब गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में हमने पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी के आइडिया पर काम किया था। उस वक्त कई लोग यह कहते थे कि इसमें पढ़ने वाले स्टूडेंट्स कहां से आएंगे लेकिन हमने इस आइडिया को ड्रॉप नहीं किया। इसके बाद कुछ ही समय में पंडित दीनदयाल पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी की स्थापना कर दी। आज पीडीपीयू ने दिखा दिया है कि उसका सामर्थ किया है। आज पूरे देश के विद्यार्थियों में वहां पढ़ने की होड लग गई है। आज इसी तरह के संस्थान विद्यार्थियों को आविष्कार का मार्ग दिखा रहे है।
सीएम गहलोत को मुझ पर भरोसा, यही लोकतंत्र की बड़ी ताकत
कार्यक्रम के आखिर में अपनी बात रखते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अभी जब मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री को सुन रहा था तो उन्होंने एक लंबी लिस्ट काम की गिना दी। मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री का धन्यवाद करता हूं कि उनका मुझ पर इतना भरोसा है और लोकतंत्र में यही बड़ी ताकत है। उनकी राजनीतिक विचारधारा पार्टी अलग है, लेकिन सीएम राजस्थान का मुझ पर जो भरोसा है कि उन्होंने दिल खोलकर बहुत सी बात रखी है। ये दोस्ती, ये विश्वास, ये भरोसा लोकतंत्र की बहुत बड़ी ताकत है।
-एजेंसियां

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