पीएम ने गोरखपुर से लॉन्‍च की ‘किसान सम्मान निधि योजना’, किसानों को किया संबोधित

गोरखपुर। पीएम नरेंद्र मोदी ने गोरखपुर में ‘किसान सम्मान निधि योजना’ को लॉन्च करते हुए एक तरफ किसानों को संबोधित किया तो दूसरी तरफ विपक्ष पर भी तीखे वार किए। पीएम मोदी ने स्कीम के फायदे गिनाते हुए कहा कि इस योजना के बारे में जब हमारे विरोधियों ने संसद में सुना तो चेहरे लटक गए थे। महामिलावटी लोग परेशान हो गए और अब अफवाहें फैला रहे हैं। मुझे लगता है कि यह उनका जन्मजात स्वभाव है। अब उन्होंने ऐसी अफवाह चालू की है कि मोदी ने अभी 2,000 रुपये दिए हैं, फिर देगा, लेकिन साल भर के बाद इसे वापस ले लेगा।
पीएम मोदी ने विपक्षी दलों की राज्य सरकारों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वे किसानों की सूची नहीं सौंपते हैं तो फिर अन्नदाता के शाप से उनका विनाश हो जाएगा।
पीएम मोदी ने कहा, ‘मैं उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, गुजरात, बिहार और महाराष्ट्र जैसी सरकारों का अभिनंदन करता हूं, जिन्होंने प्राथमिकता दी। ऐसी भी कई सरकारें हैं, जिनकी नींद अभी खुली नहीं है। मैं ऐसी राज्य सरकारों को चेतावनी देता हूं कि यदि आपने सूची नहीं पहुंचाई तो किसानों का शाप और बद्दुआएं आपको तहस-नहस कर देंगी।’
योजना के साथ ही शुरू किया चुनावी मिशन
पीएम मोदी ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि यह जो पैसा दिया जा रहा है, आपके हक का है। कोई इसे वापस नहीं ले सकता है। न मोदी और न ही राज्य की सरकार। ऐसी अफवाह फैलाने वालों को मुंहतोड़ जवाब दे देना।
मोदी मिला है, महंगा पड़ जाएगा
कर्जमाफी को लेकर कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वे कर्जमाफी की रेवड़ी बांटकर आंख में धूल झोंकना चाहते हैं। लेकिन उन्हें मोदी मिला है, महंगा पड़ जाएगा। उनकी पोल खोल कर रख देगा। इस योजना का जब हमने संसद में ऐलान किया तो उनके चेहरे लटके थे। हमने बजट में पैसों का प्रावधान करके ऐलान किया है।
‘कांग्रेस ने दिए 52,000 करोड़, हम देंगे 7.5 लाख करोड़’
पीएम मोदी ने 2009 के आम चुनाव से पहले कांग्रेस की ओर से किसान कर्जमाफी का जिक्र करते हुए कहा कि बैंकों के हिसाब से देश में किसानों का कुल कर्ज 6 लाख करोड़ रुपया था। अब उन्होंने कर्जमाफी की घोषणा की तो यह माफ होना चाहिए था, लेकिन 2009 में चुनाव हुआ और कुर्सी से चिपक गए। रिमोट चालू हो गया। माफ हुआ था सिर्फ 52,000 करोड़। देश को अंधेरे में रखा गया। पीएम मोदी ने कहा कि तब लाभार्थियों में 35 लाख लोग तो ऐसे थे, जिनका किसानी से लेना-देना ही नहीं था। अपने सिपहसालारों को ही पैसे बांट दिए। हम जो योजना लाए हैं, उस से हर साल 75,000 करोड़ रुपया किसानों के खाते में जमा होगा। 10 साल में उन्होंने 52.000 करोड़ रुपये दिए थे, हम साढ़े सात लाख करोड़ रुपये देंगे।
‘मोदी काम करता है, चुनावी खेल नहीं खेलता’
पीएम मोदी ने कर्जमाफी न करने को लेकर कहा कि हमारे लिए भी कर्जमाफी आसान थी। रेवड़ी बांट देते, खेल खेल लेते। लेकिन मोदी ऐसा नहीं करता। हमारी सरकार पीएम सिंचाई योजना पर ही एक लाख करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इस स्कीम पर पैसा इसलिए लगा रहे हैं कि देश की सिंचाई परियोजनाओं को पूरा किया जा सके, जो 40-40 साल से लटकी हुई थीं। हमने 99 ऐसी परियोजनाओं को चुना था, जिनमें से 70 योजनाओं पर काम पूरा हो चुका है।
1 लाख से ज्यादा किसानों को जारी की पहली किस्त
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कार्यक्रम की शुरुआत 1 लाख से अधिक किसानों को 2,000 रुपये की पहली किस्त जारी करके की। पीएम मोदी ने एक क्लिक में ही किसानों को 2,021 करोड़ रुपये की रकम जारी की। इसके अलावा बाकी बचे किसानों के खाते में भी पहली किस्त के कुछ सप्ताह में ही पहुंचने का भरोसा दिलाया। इस योजना से 12 करोड़ से अधिक किसानों को सालाना 6,000 रुपये की सालाना गारंटीड आय मिलेगी। यह रकम तीन किस्तों में किसानों को जारी की जाएगी।
-एजेंसियां

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