पीएम ने दिया NDA के पूर्व सहयोगियों को गठबंधन में शामिल होने का न्योता

चेन्नै। पीएम मोदी ने आज NDA के पूर्व सहयोगियों को फिर से गठबंधन में शामिल होने का न्योता दिया है। बीजेपी के दिग्गज नेता रहे अटल बिहारी वाजपेयी का नाम लेकर उन्होंने तमिलनाडु के सियासी दलों की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाया है। बता दें कि डीएमके और एआईएडीएमके पहले भी केंद्र में बीजेपी की सहयोगी रही हैं।
बीजेपी ने लोकसभा चुनाव की तैयारियों के लिए कमर कस ली है। पीएम नरेंद्र मोदी एक बार फिर से 2014 की कामयाबी दोहराने के लिए हर जतन कर रहे हैं। मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी ने दक्षिण भारत के राज्यों पर निगाहें गड़ा दी हैं।
तमिलनाडु बीजेपी कार्यकर्ताओं से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चर्चा के दौरान पुराने सहयोगियों को साथ आने का संकेत दिया। कार्यकर्ताओं से बातचीत में उन्होंने कहा कि राजनीतिक पार्टियों के दरवाजें हमेशा खुले रहते हैं। उनकी पार्टी पुराने दोस्तों की कद्र करती है। उन्होंने यह भी कहा कि अटल जी (अटल बिहारी वाजपेयी) सफल गठबंधन की राजनीति की नई संस्कृति लेकर आए हैं।
पीएम मोदी का चुनाव से पहले संभावित महागठबंधन की राह रोकने के लिए सहयोगियों को एकजुट करने का दांव चला है। तमिलनाडु में सत्ताधारी एआईएडीएमके, अभिनेता रजनीकांत की पार्टी या डीएमके में से किसी के साथ गठबंधन की चर्चा पर पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ’20 साल पहले, अटल जी सफल गठबंधन की राजनीति की नई संस्कृति लेकर आए। बीजेपी ने हमेशा अटल जी के दिखाए रास्तों का अनुसरण किया है।’
‘इसमें कोई मजबूरी नहीं छिपी’
उन्होंने कहा कि NDA की मजबूती आपसी विश्वास को बताता है, इसमें कोई मजबूरी नहीं छिपी है। उन्होंने आगे कहा, ‘जब बीजेपी पूर्ण बहुमत से जीतकर आई तब भी हमने हमारे सहयोगियों के साथ सरकार चलाने को तरजीह दी।’ बत दें कि वाजपेयी सरकार के दौरान डीएमके NDA की सहयोगी रही है। वहीं जयललिता की एआईएडीएमके ने भी बीजेपी को केंद्र में समर्थन दिया था।
पीएम मोदी ने कहा, ‘हम अपने पुराने दोस्तों की कद्र करते हैं और हमारे दरवाजे राजनीतिक दलों के लिए हमेशा खुले हैं लेकिन राजनीतिक मुद्दों से ज्यादा एक विजयी गठबंधन असल में लोगों के साथ गठबंधन है।’ इसी के साथ पीएम मोदी ने कांग्रेस पर भी हमला बोला है। उन्होंने कहा, ‘कई लोग ऐसा सोचते हैं कि कांग्रेस की सबसे बड़ी असफलता अर्थव्यवस्था का मिस-मैनेजमेंट और घोटाले हैं लेकिन उन्होंने हमारे सैन्य बलों को भी गहरा नुकसान पहुंचाया है।’
‘वह बिचौलिया किसका करीबी है?’
उन्होंने कहा, ‘दशकों से वे (कांग्रेस) रक्षा क्षेत्र को दलालों और बिचौलियों का अड्डा बनाते रहे। हाल ही में एक बिचौलिये (क्रिश्चियन मिशेल) को पकड़कर भारत लाया गया। क्या आपको पता है कि वह बिचौलिया किसका करीबी है? बिचौलिया कांग्रेस के वर्तमान ‘पहले परिवार’ का करीबी है।
उन्होंने आगे कहा, ‘देश के लोगों को यह जानने का हक है कि कैसे वह बिचौलिया मिशेल एक-एक बात जानता था? उसे रक्षा मामलों पर कैबिनेट मीटिंग की टाइमिंग के बारे में कैसे पता था? वह एक सरकारी फाइल का स्टेटस भी जानता था। उसने 10 साल तक राफेल डील को लटकाने में क्या भूमिका निभाई? देश की रक्षा को खतरे में डालने में उसका क्या योगदान रहा है?’ उन्होंने आगे कहा, ‘हमारे रक्षा खरीदों में हमला करने वाले अक्सर कांग्रेस के शासन के बिचौलिये और अंतर्राष्ट्रीय ताकतें रही हैं जो नहीं चाहतीं कि भारत की सैन्य क्षमता मजबूत हो।’
-एजेंसियां

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