IIT बॉम्बे के दीक्षांत समारोह में पीएम ने छात्रों को दिया सफलता का मंत्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को मुंबई में IIT बॉम्बे के 56वें दीक्षांत समारोह में इंजिनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर चुके छात्रों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने आईआईटी बॉम्बे में इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए 1000 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया। उन्होंने IIT छात्रों को सफलता के मंत्र भी दिए। प्रधानमंत्री ने आईआईटी को न्यू इंडिया का स्तंभ बताते हुए इसे इंडियन इन्स्ट्रुमेंट ऑफ ट्रांसफॉर्मेशन बताया। शनिवार को ही कैंपस में डिपार्टमेंट ऑफ एनर्जी साइंस ऐंड इंजिनियरिंग और सेंटर ऑफ इन्वाइरनमेंटल साइंस ऐंड इंजिनियरिंग की नई बिल्डिंग का पीएम के हाथों उद्घाटन का कार्यक्रम है।
‘यहां बैठे सभी लोग या तो शिक्षक हैं या भविष्य के लीडर’
प्रधानमंत्री ने कहा कि यहां से निकलने के बाद आपकी असल परीक्षा होगी, इसके लिए शुभकामनाएं। IIT छात्रों को सफलता का मंत्र देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आप असफलता के उलझन को मन से निकालें और एस्पिरेशन पर फोकस करें। उन्होंने कहा कि उलझन टेलंट को सीमाओं में बांध देगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि सिर्फ आकांक्षा होना ही काफी नहीं है, लक्ष्य भी स्पष्ट होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ईज ऑफ लिविंग यानी जीवन को आसान करने के लक्ष्य में सरकार आपके साथ चलने के लिए तैयार है।
‘देश को IIT पर गर्व’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह आईआईटी बॉम्बे का हीरक जयंती वर्ष है। उन्होंने कहा कि देश को आईआईटी पर गर्व है और यह दुनिया में भारत के ब्रैंड के तौर पर उभरा है। उन्होंने कहा कि आईआईटी के छात्र भारत की विविधता का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो अलग-अलग पृष्ठभूमि से आते हैं। आईआईटी को आधुनिक भारत का ब्रैंड बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत दुनिया में आईटी का हब बन चुका है। मोदी ने कहा कि आईआईटी को दुनिया सर्टार्टअप के नर्सरी के तौर पर मान रही है। उन्होंने कहा कि आईआईटी से निकले लोगों ने कई बड़े और सफल स्टार्टअप को शुरू किया है। स्टार्टअप इंडिया स्कीम की तारीफ करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘हमने स्टार्टअप इंडिया शुरू किया…भारत आज स्टार्टअप के क्षेत्र में दुनिया का सबसे बड़ा ईकोसिस्टम है…इनोवेशन इंडेक्स की रैंकिंग में हम लगातार ऊपर बढ़ रहे हैं….इनोवेशन 21वीं सदी का बज वर्ड है…भारत स्टार्टअप के हब के तौर पर उभर रहा है…और इसके लिए इनोवेशन जिम्मेदार है।’
‘इनोवेट इन इंडिया, इनोवेट इन ह्यूमैनिटी’
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश को इनोवेशन के आकर्षक डेस्टिनेशन के तौर पर विकसित करना है और यह सिर्फ सरकार के प्रयासों से नहीं होगा। उन्होंने कहा, ‘देश को इनोवेशन के आकर्षक केंद्र के तौर पर विकसित करना है और यह सिर्फ सरकार के प्रयासों से नहीं होगा। यह होगा ऐसे कैंपसों से और युवाओं के दिमाग से।’ इस मौके पर उन्होंने ‘इनोवेट इन इंडिया, इनोवेट इन ह्यूमैनिटी’ का नया नारा भी दिया।
पीएम ने गुणवत्ता पर दिया जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने आईआईटी को इंजिनियरिंग संस्थानों का प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा कि आईआईटी से प्रेरणा लेकर देशभर में तमाम इंजिनियरिंग संस्थान खुले हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘देश के कैंपसों में हर साल लगभग 7 लाख इंजिनियर तैयार होते हैं लेकिन इनमें से कई सिर्फ डिग्री लेकर निकलते हैं, उनमें स्किल की कमी होती है…शिक्षकों से अपील है कि यहां से निकले इंजिनियरों की गुणवत्ता बढ़े, इसके लिए प्रयास करे..सरकार भी इस दिशा में प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार हर साल 1000 मेधावी छात्रों को रिसर्च के संसाधन और फेलोशिप उपलब्ध करा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आईआईएम की तरह आईआईटी में भी पूर्व छात्रों के लिए मंच बनना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘सरकार ने आईआईएम को कानून बनाकर अधिक स्वायत्तता दी है…आईआईएम के बोर्ड ऑफ गवर्नेंस में भी उसके पूर्व छात्रों को जगह दी जा रही है….आईआईटी को भी ऐसा करना चाहिए जिससे अलम्नाई को मंच मिले…मैंने सुना है कि सिर्फ मुंबई में 50 हजार आईआईटी अलम्नाई हैं।’ उन्होंने आईआईट को आउटरीच बढ़ाने का भी सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि यहां के छात्रों को उन छात्रों को मार्गदर्शन देना चाहिए, जो क्षमतावान होने के बावजूद आईआईटी में चयनित नहीं हो पाते। पीएम ने कहा कि यहां छोटे-छोटे बच्चों को लाना चाहिए और उनमें वैज्ञानिक अभिरुचि पैदा की जानी चाहिए।
-एजेंसियां

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