पीएम आवास योजना: यूपी के 6.1 लाख लोगों को 2,691 करोड़ रुपये ट्रांसफर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम आवास योजना ग्रामीण के तहत यूपी के 6.1 लाख लोगों के खाते में 2,691 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। इस दौरान पीएम मोदी ने योजना के लाभार्थियों से भी बात की। पीएम मोदी ने लाभार्थियों से उनके घर बनने का सपना पूरा होने के बारे में भी पूछा। एक लाभार्थी से पीएम मोदी ने बातों-बातों में कहा कि घर पक्का बन गया तो मेहमान ज्यादा आएंगे और खाना भी ज्यादा बनाना पड़ेगा।
चित्रकूट के कर्वी निवासी राजकुमारी से पीएम मोदी ने पूछा, ‘अपना घर का सपना देखा था। सपना पूरा हो रहा है, कच्चे मकान में क्या दिक्कतें आती थीं?’ इस पर राजकुमारी ने कहा, ‘हां सरकार। बरसात में पानी चुअत रहा है, ओढ़ना, अनाज, लत्ता और हम भींग जात रहे हैं सरकार..।’
‘पक्का मकान बन जाने से मेहमान बहुत आएंगे’
पीएम मोदी ने कहा, ‘पक्का मकान बन जाने से मेहमान बहुत आएंगे। मेहमान के लिए अच्छा-अच्छा खाना बनाना पड़ेगा।’ राजकुमारी ने कहा, ‘हां सरकार बनाएंगे।’ पीएम मोदी ने कहा, ‘सहायता मिल रही है कितना पैसा मिलेगा।’ राजकुमारी ने कहा, ‘सरकार एक लाख बीस हजार।’
पीएम मोदी ने की योगी की तारीफ
पीएम मोदी ने कहा, ‘पूरा मिलेगा पक्का विश्वास है।’ राजकुमारी ने कहा, ‘हां विश्वास है।’ इसी तरह पीएम मोदी ने दूसरे लाभार्थियों से भी बात की। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में योगी सरकार की भी तारीफ की। पीएम मोदी ने कहा, ‘आज योगी जी की सरकार की सक्रियता का परिणाम है कि यहां आवास योजना के काम की गति भी बदल गई और तरीका भी बदल गया है।’
यूपी में बनेंगे 22 लाख ग्रामीण आवास
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘यूपी में करीब 22 लाख ग्रामीण आवास बनाए जाने हैं। इनमें से 21.5 लाख घरों को बनाए जाने की स्वीकृति भी दी जा चुकी है। देश ने आजादी के 75 वर्ष पूरे होने तक हर गरीब परिवार को पक्का घर देने का लक्ष्य तय किया था। बीते वर्षों में लगभग दो करोड़ घर सिर्फ ग्रामीण इलाकों में बनाए गए हैं।’
पीएम मोदी ने साधा विपक्ष पर निशाना
पीएम मोदी ने पूर्व की सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा, ‘अकेले प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भी करीब सवा करोड़ घरों की चाबी लोगों को दी जा चुकी है। पहले जो सरकारें रही उस दौरान उत्तर प्रदेश में क्या स्थिति थी यह आप सभी ने देखा है। गरीब को यह विश्वास ही नहीं था कि सरकार भी घर बनाने में उसकी मदद कर सकती है। जो पहले की आवास योजनाएं थीं, जिस तरह से घर उनके तहत बनाएं जाते थे, वो भी किसी से छिपा नहीं है।’
-एजेंसियां

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