Yamuna Expressway की सर्विस रोड पर पौधारोपण सफल नहीं

Yamuna Expressway के मुख्य कैरेज-वे के दोनों ओर ढ़ालू सतह पर नहीं होगा पौधारोपण

आगरा। आगरा से ग्रेटर नोएड को जोड़ने वाले 165 किमी0 लम्बे Yamuna Expressway के दोनों ओर कुल 65 किमी0 लम्बी सर्विस रोड है, जिस पर जे0पी0 इन्फ्राटैक द्वारा वृहद स्तर पर वन विभाग की देखरेख में वर्ष 2012 के उपरान्त पौधारोपण हुआ किन्तु मवेशियों के चरने के कारण और ग्रामीणों द्वारा पौधों को उखाड़ने के कारण वह सफल नहीं हो सका। यह बात यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (येडा) ने सूचना अधिकार के अंतर्गत जे0पी0 इन्फ्राटैक द्वारा अपने पत्र दिनांक 23.7.2018 के हवाले से बताई। यह सूचना वरिष्ठ अधिवक्ता एवं सोशल एक्टिविस्ट के0सी0 जैन को पत्र दि0 25.7.2018 से प्राप्त हुई।

प्राप्त सूचना से यह भी खुलासा हुआ कि यमुना एक्सप्रेसवे के मुख्य कैरेज-वे के दोनों ओर जो ढालू स्थान है, वहाँ पर पौधारोपण का कार्य जे0पी0 इन्फ्राटैक द्वारा इण्डियन रोड कॉग्रेस (आईआरसी) की गाइडलाइन्स के अनुसार करना ही नहीं है। के0सी0 जैन के अनुसार इस ढालू स्थान पर विलायती बबूल खड़े हैं और वहाँ पौधारोपण सफलतापूर्वक किया जा सकता है जो न केवल सुन्दरता को ही बढायेगा अपितु हरियाली में भी भारी वृद्धि करेगा। इस ढालू स्थान पर उन प्रजातियों के पौधे लगाये जा सकते हैं, जिन्हें कम पानी की आवश्यकता हो और वाहनों से निकलने वाली विषैली गैसों को भी सोख सकते हैं।
उपलब्ध कराई गई सूचना में बताया गया कि यमुना एक्सप्रेसवे पर 1,35,800 वृक्ष एवं 1,50,000 झाड़ियाँ लगाई गई हैं।

अन्य उपलब्ध कराई गई सूचना के अनुसार यमुना एक्सप्रेसवे बनाते समय वन विभाग की स्वीकृति के उपरान्त 5280 वृक्षों को काटा गया, जो कि यमुना एक्सप्रेसवे के लिए 1952 हैक्टेयर भूमि पर स्थित थे।
के0सी0 जैन द्वारा यह मांग की गई कि यमुना एक्सप्रेसवे के मुख्य कैरेजवे के दोनों ओर ढालू भूमि पर व उसके सर्विस रोड पर वृहद स्तर पर पौधारोपण यमुना एक्सप्रेसवे को और अधिक पर्यावरण की दृष्टि से बेहतर बना सकेगा। अनेकों संस्थायें मुख्य कैरेज-वे के दोनों ओर पौधारोपण के लिए तैयार हैं, जो सीएसआर के अंतर्गत भी किया जा सकता है। इस मामले को मुख्यमंत्री के पोर्टल पर भी भेजकर शासन के संज्ञान में यह प्रकरण लाया जायेगा।

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