बैंकों का प्लान ‘बी’, Jet Airways के लिए खरीदने के लिए निविदाएं खुलीं

नई दिल्‍ली। खस्ताहाल वित्तीय हालत से जूझ रही Jet Airways को खरीदने के लिए बैंकों के कंशोर्सियम ने निविदाएं स्वीकार करना शुरू कर दिया है जो छह अप्रैल से शुरू होकर के नौ अप्रैल तक चलेगी हालांकि एसबीआई सहित बैंकों के कंशोर्सियम ने खरीदार नहीं मिलने की स्थिति में एक प्लान बी भी तैयार कर रखा है। फिलहाल विदेशी कंपनियों के अलावा कुछ भारतीय कंपनियों ने भी इसमें हिस्सेदारी खरीदने की इच्छा जताई है।

1900 करोड़ का करेगी NIIF निवेश
राष्ट्रीय निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (एनआईआईफ) ने Jet Airways में 1900 करोड़ रुपये का निवेश करने पर अपनी सहमति जताई है। Jet Airways के पास इतनी अचल संपत्ति भी नहीं है कि उसको दिवालिया प्रक्रिया के तहत ले जाया जाए। इसके साथ में निजी निवेश कंपनी टीपीजी और इंडिगो पार्टनर भी बोली में भाग ले सकते हैं। वहीं विदेशी एयरलाइन कंपनियां डेल्टा और एयर फ्रांस के साथ भी बातचीत चल रही है।

नहीं हुई बात सफल तो यह है प्लान बी
अगर बोलीदाताओं की निविदा तय वक्त तक नहीं आई तो फिर बैंकों ने एक प्लान बी भी तैयार किया है। इसके तहत जेट एयरवेज में इतना निवेश किया जाएगा ताकि यह अगले छह महीने तक बिना किसी दिक्कत के चलता रहे। इसके साथ ही जेट एयरवेज के बोर्ड में विमानन क्षेत्र से जुड़े लोगों को लाएगा। बैंक फिर एक समय सीमा के अंदर कंपनी की हालत सही करने पर काम करेंगे ताकि परिचालन में कोई दिक्कत पैदा न हो।

आपके लिए क्यों जरूरी है जानना
विगत कुछ महीने से जेट एयरवेज की हालत दिन पर दिन पतली होती जा रही है। जेट एयरवेज में फिलहाल सीधे तौर पर 16 हजार कर्मचारी कार्यरत हैं। कंपनी की गिरती हालत का असर इन कर्मचारियों के परिवार पर भी पड़ रहा है। इसके साथ ही देश के विमानन क्षेत्र पर इस कंपनी की हालत पर नजर रखी जा रही है।

चुनाव के वक्त केंद्र सरकार का भी जेट एयरवेज को डूबने से बचाना जरूरी है, क्योंकि इसका दूरगामी असर भविष्य में देखने को मिल सकता है। अगर आप Jet Airways से संबंधित कुछ और जानना चाहते हैं तो हमको बताएं, हम वो खबरें भी आपके सामने रखेंगे।

-एजेंसी

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