PIC की मीटिंग सोमवार से इस्लामाबाद में, भारतीय डेलिगेशन हिस्सा लेगा

PIC meeting in Islamabad from Monday, Indian delegation will take part
PIC की मीटिंग सोमवार से इस्लामाबाद में

नई दिल्‍ली। परमानेंट इंडस कमीशन यानी स्थायी सिंधु आयोग (PIC) की मीटिंग सोमवार से इस्लामाबाद में शुरू होगी। इसमें 10 मेंबर्स का एक भारतीय डेलिगेशन हिस्सा लेगा। डेलिगेशन रविवार को इस्लामाबाद के लिए रवाना हो गया। मीटिंग में भारत और पाकिस्तान के बीच 57 साल पुराने सिंधु जल समझौते (IWT) पर बातचीत होगी।
हालांकि सोर्सेस के मुताबिक नई दिल्ली ने इससे पहले ही यह क्लीयर कर दिया है कि भारत इस करार के तहत मिले अधिकारों पर कोई समझौता नहीं करेगा। बता दें कि उड़ी आतंकी हमले के करीब 6 महीने बाद दोनों देशों के बीच सरकार के लेवल पर बातचीत होगी।
न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक पिछले साल 18 सितंबर को उड़ी में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान से किसी भी मसले पर बातचीत से इंकार कर दिया था। अब बात तो होने जा रही है लेकिन PIC मीटिंग के एजेंडे को आखिरी रूप दिया जाना अभी बाकी है।
भारतीय डेलिगेशन में इंडस वाटर कमिश्नर पीके सक्सेना, फॉरेन मिनिस्ट्री के ऑफिशियल्स और टेक्निकल एक्सपर्ट्स शामिल हैं।
भारत ने और क्या कहा?
गवर्नमेंट सोर्सेस ने कहा, “भारत ने हमेशा पाकिस्तान से बातचीत का रास्ता खुला रखा है। हम IWT के तहत चल रहे प्रोजेक्ट्स पर पाकिस्तान की चिंताओं को दूर करेंगे लेकिन अपने हितों से कोई समझौता नहीं करेंगे।”
हालांकि मीटिंग के एजेंडे को लेकर रजामंदी बनने में देरी हुई तो क्या मुद्दों को छोड़ दिया जाएगा, यह पूछने पर सोर्सेस ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। सिर्फ इतना कहा, “भारत हमेशा ऐसी मीटिंग में उम्मीदों के साथ शिरकत करता है, एजेंडा तय होने में पहले भी देरी हुई है लेकिन मसले हल किए गए हैं।”
उड़ी-2, चुटक हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स पर सफल रही थी बातचीत
गवर्नमेंट सोर्सेस ने बताया कि 7 साल पहले उड़ी-2 और चुटक हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स पर पाकिस्तान की चिंताओं को उसके साथ बातचीत के जरिए ही दूर किया गया था।
पाकिस्तान ने बारामुला के 240 MW वाले उड़ी-2 और करगिल के 44 MW के चुटक प्रोजेक्ट्स पर एतराज जताया था और कहा था कि इससे समझौते के तहत पाकिस्तान को मिलने वाले पानी में दिक्कत पैदा होगी। हालांकि, मई 2010 में हुई बातचीत के बाद पाकिस्तान ने अपने एतराज वापस ले लिए थे। भारत ने कहा था कि वह उसे इस बारे में डिटेल जानकारी मुहैया कराएगा।
पाक को अब इन 5 प्रोजेक्ट्स पर एतराज
मौजूदा वक्त में भारत के 5 अन्य हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स पर पाकिस्तान ने चिंता जताई है। इनमें सिंधु नदी बेसिन के पाकल दुल (1000 MW), रातले (850 MW), किशनगंगा (330 MW), मियार (120 MW) और लोअर कालनई (48 MW) प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। पाक का कहना है कि ये प्रोजेक्ट्स समझौते का वॉयलेशन हैं।
दोनों देशों की तरफ से 57 साल पुराने पानी के डिस्ट्रीब्यूशन के समझौते से जुड़े मसलों को हल करने के लिए वर्ल्ड बैंक को मीडिएटर बनाया गया था। पिछले साल वर्ल्ड बैंक के सामने जम्मू-कश्मीर के किशनगंगा और रातले प्रोजेक्ट का मुद्दा उठाया गया था।
अभी ये क्लियर नहीं है कि इन दोनों प्रोजेक्ट से जुड़े मसलों पर PIC मीटिंग में चर्चा होगी या नहीं क्योंकि ये वर्ल्ड बैंक के सामने पेंडिंग हैं। गवर्नमेंट सोर्सेस ने बताया कि पाकल दुल, मियार और लोअर कालनई पर बातचीत हो सकती है।
-एजेंसी

PIC की मीटिंग सोमवार से इस्लामाबाद में, भारतीय डेलिगेशन हिस्सा लेगा

PIC meeting in Islamabad from Monday, Indian delegation will take part
PIC की मीटिंग सोमवार से इस्लामाबाद में

नई दिल्‍ली। परमानेंट इंडस कमीशन यानी स्थायी सिंधु आयोग (PIC) की मीटिंग सोमवार से इस्लामाबाद में शुरू होगी। इसमें 10 मेंबर्स का एक भारतीय डेलिगेशन हिस्सा लेगा। डेलिगेशन रविवार को इस्लामाबाद के लिए रवाना हो गया। मीटिंग में भारत और पाकिस्तान के बीच 57 साल पुराने सिंधु जल समझौते (IWT) पर बातचीत होगी।
हालांकि सोर्सेस के मुताबिक नई दिल्ली ने इससे पहले ही यह क्लीयर कर दिया है कि भारत इस करार के तहत मिले अधिकारों पर कोई समझौता नहीं करेगा। बता दें कि उड़ी आतंकी हमले के करीब 6 महीने बाद दोनों देशों के बीच सरकार के लेवल पर बातचीत होगी।
न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक पिछले साल 18 सितंबर को उड़ी में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान से किसी भी मसले पर बातचीत से इंकार कर दिया था। अब बात तो होने जा रही है लेकिन PIC मीटिंग के एजेंडे को आखिरी रूप दिया जाना अभी बाकी है।
भारतीय डेलिगेशन में इंडस वाटर कमिश्नर पीके सक्सेना, फॉरेन मिनिस्ट्री के ऑफिशियल्स और टेक्निकल एक्सपर्ट्स शामिल हैं।
भारत ने और क्या कहा?
गवर्नमेंट सोर्सेस ने कहा, “भारत ने हमेशा पाकिस्तान से बातचीत का रास्ता खुला रखा है। हम IWT के तहत चल रहे प्रोजेक्ट्स पर पाकिस्तान की चिंताओं को दूर करेंगे लेकिन अपने हितों से कोई समझौता नहीं करेंगे।”
हालांकि मीटिंग के एजेंडे को लेकर रजामंदी बनने में देरी हुई तो क्या मुद्दों को छोड़ दिया जाएगा, यह पूछने पर सोर्सेस ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। सिर्फ इतना कहा, “भारत हमेशा ऐसी मीटिंग में उम्मीदों के साथ शिरकत करता है, एजेंडा तय होने में पहले भी देरी हुई है लेकिन मसले हल किए गए हैं।”
उड़ी-2, चुटक हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स पर सफल रही थी बातचीत
गवर्नमेंट सोर्सेस ने बताया कि 7 साल पहले उड़ी-2 और चुटक हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स पर पाकिस्तान की चिंताओं को उसके साथ बातचीत के जरिए ही दूर किया गया था।
पाकिस्तान ने बारामुला के 240 MW वाले उड़ी-2 और करगिल के 44 MW के चुटक प्रोजेक्ट्स पर एतराज जताया था और कहा था कि इससे समझौते के तहत पाकिस्तान को मिलने वाले पानी में दिक्कत पैदा होगी। हालांकि, मई 2010 में हुई बातचीत के बाद पाकिस्तान ने अपने एतराज वापस ले लिए थे। भारत ने कहा था कि वह उसे इस बारे में डिटेल जानकारी मुहैया कराएगा।
पाक को अब इन 5 प्रोजेक्ट्स पर एतराज
मौजूदा वक्त में भारत के 5 अन्य हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स पर पाकिस्तान ने चिंता जताई है। इनमें सिंधु नदी बेसिन के पाकल दुल (1000 MW), रातले (850 MW), किशनगंगा (330 MW), मियार (120 MW) और लोअर कालनई (48 MW) प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। पाक का कहना है कि ये प्रोजेक्ट्स समझौते का वॉयलेशन हैं।
दोनों देशों की तरफ से 57 साल पुराने पानी के डिस्ट्रीब्यूशन के समझौते से जुड़े मसलों को हल करने के लिए वर्ल्ड बैंक को मीडिएटर बनाया गया था। पिछले साल वर्ल्ड बैंक के सामने जम्मू-कश्मीर के किशनगंगा और रातले प्रोजेक्ट का मुद्दा उठाया गया था।
अभी ये क्लियर नहीं है कि इन दोनों प्रोजेक्ट से जुड़े मसलों पर PIC मीटिंग में चर्चा होगी या नहीं क्योंकि ये वर्ल्ड बैंक के सामने पेंडिंग हैं। गवर्नमेंट सोर्सेस ने बताया कि पाकल दुल, मियार और लोअर कालनई पर बातचीत हो सकती है।
-एजेंसी

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