याच‍ी आनंदगोपाल दास ने कोर्ट में द‍िया Affidavit, मेरी हत्या करा सकता है प्रशासन

नई द‍िल्ली/मथुरा। गिरिराज परिक्रमा संरक्षण संस्थान द्वारा एनजीटी में गोवर्धन परिक्रमा मार्ग को लेकर याचिकाकर्ता बाबा आनंद गोपाल दास द्वारा न्यायालय में आज एक Affidavit दाखिल कर यह कहा गया है कि गोवर्धन के कुछ आसामाजिक तत्वों द्वारा एक वीडियो बना कर सोशल मीडिया में वायरल की गई है, जिसमें साफ तौर पर न्यायालय की अवमानना करते हुए आनंद गोपाल दास को जान से मारने तक कि धमकी दी गई है और कहा गया है कि आनंद गोपाल दास व गोवर्धन में उसका साथ देने वालों को जान से मार दिया जाएगा ।

याचिकाकर्ता बाबा आनंद गोपाल दास ने अपने शपथ पत्र में कहा है कि सभी 17 बिंदुओं पर सरकार द्वारा कोई भी कार्य नहीं किया जा रहा। न्यायालय से फटकार पड़ने के बाद बौखलाए प्रशासन ने गोवर्धन में लोगों को परेशान कर तांडव मचा रखा है, जिससे गोवर्धन की आम जनता और वहां जा रहे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिला प्रशासन अपनी सहूलियत के हिसाब से न्यायालय के दिशा निर्देशों का गलत अनुपालन कर रहा है।

बाबा आनंद गोपाल दास ने अपने Affidavit में कहा कि स्थानीय प्रशासन उनके खिलाफ लगातार गलत माहौल बना रहा है तथा कुछ असामाजिक तत्वों को प्रेरित कर गोवर्धन की जनता को भ्रम‍ित कर उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है ।

याचिकाकर्ता बाबा आनंद गोपाल दास ने यह साफ कर दिया कि एन जी टी ने सरकारी अधिकारियों को परिक्रमा मार्ग साफ रखने की कड़ी हिदायत दी थी जिसकी एवज में स्थानीय प्रशासन ने भंडारों पर रोक लगा दी तथा न्यायालय में सरकार व जिला प्रशासन ने ही ई रिक्शा बंद करने की मांग रखी थी जिस पर न्यायालय ने ई रिक्शा बंद करने का आदेश ना देकर उचित रास्ता निकालने के लिये स्थानीय प्रशासन को आदेशित किया था ।

बाबा आनंद गोपाल दास ने अपने शपथ पत्र में साफ कहा कि पिछले 5 सालों से सर्विस रोड बनाने की मांग कर रहे हैं जिससे कि स्थानीय नागरिक तथा वहां आ रहे परिक्रमार्थियों को किसी भी प्रकार की दिक्कत का सामना ना करना पड़े लेकिन इसके विपरीत इतने सालों में सरकार द्वारा कछुआ चाल से काम किया जा रहा है और इसका सारा दोष याचिकाकर्ता व न्यायालय पर थोपा जा रहा है ।

याचिकाकर्ता आनंद गोपाल दास ने अपने शपथ पत्र में साफ कहा कि स्थानीय नागरिकों को जानबूझकर पुलिस व प्रशासन द्वारा परिक्रमा मार्ग में रोका जा रहा जिससे कि लोगों का गुस्सा उनके खिलाफ निकले और गोवर्धन की हर समस्या के लिए बाबा को दोषी ठहराया जा सके, जबकि याचिकाकर्ता का ध्येय है कि गोवर्धन का विकास हो और उसका वास्तविक स्वरूप भी बचा रहे ।

गोवर्धन में होने वाले विकास कार्यों पर सरकार द्वारा जो शिथिल रवैया अपनाया हुआ है उससे स्थानीय नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उत्तर प्रदेश तीर्थ विकास परिषद व सरकार के पास गोवर्धन की तलहटी में करोड़ों रुपए खर्च करके होटल बनाना मंजूर है लेकिन जो जनता के लिए जरूरी कार्य हैं जैसे कि सर्विस रोड, सीवर, रिंग रोड व अन्य महत्वपूर्ण कार्यों को करने में समय लगाया जा रहा है। मामले की सुनवाई 28 को होना तय है जिसमें याचिकाकर्ता के शपथ पत्र पर भी सुनवाई होगी ।

-Legend News

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