फिल्म Batla House के खिलाफ द‍िल्ली हाईकोर्ट में याचिका

नई द‍िल्ली। Batla House एनकाउंटर पर बनी जॉन अब्राहम की फिल्म ‘बाटला हाउस’ की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की गई है। Batla House फिल्म के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका में दायर की गई है। याची का कहना है कि इस फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाई जाए क्योंकि इससे केस की सुनवाई प्रभावित होगी।

मामले की सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति विभू बाखरू ने याचिका पर सुनवाई करते हुए आदेश दिया है कि सोमवार को इस फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग हाई कोर्ट में होगी और उसमें देखा जाएगा कि जॉन अब्राहम की यह फिल्म केस की सुनवाई को प्रभावित तो नहीं करेगी।

मामले में आरोपित आरिज खान और शहजाद आलम ने यह याचिका दायर की है। शहजाद को निचली अदालत से उम्रकैद की सजा हो चुकी है। उसने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दे रखी है।

राजधानी में 13 सितंबर 2008 में को सीरियल धमाके हुए थे। इसके बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बाटला हाउस के एक फ्लैट में छापेमारी की थी इस पर आतंकियों ने उस पर गोली चला दी थी।

पूरे एनकाउंटर की कहानी 

13 सितंबर 2008 को दिल्ली में पांच सिलसिलेवार बम धमाके हुए, जिनमें 26 लोग मारे गए और सौ से अधिक घायल हुए। 19 सितंबर 2008 दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल के इंस्पेक्टर मोहन चंद्र शर्मा के नेतृत्व में विशेष टीम और जामिया नगर के बटला हाउस के एल-18 मकान में छिपे इंडियन मुजाहिद्दीन के कथित आतंकवादियों में मुठभेड़ हुई। पुलिस ने दावा किया कि मुठभेड़ में दो कथित चरमपंथी मारे गए, दो गिरफ़्तार किए गए और एक फ़रार हो गया। इन्हें दिल्ली धमाकों के लिए ज़िम्मेदार बताया गया।

19 सितंबर 2008 को मुठभेड़ में घायल इंस्पेक्टर मोहन चंद्र शर्मा को नजदीकी होली फैमिली अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां आठ घंटे इलाज के बाद उनकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक़ उन्हें पेट, जांघ और दाहिने हाथ में गोली लगी थी। उनकी मौत अधिक खून बहने के कारण हुई। पुलिस ने मोहन चंद्र शर्मा की मौत के लिए शहज़ाद अहमद को ज़िम्मेदार ठहराया, 21 सितंबर 2008 को  पुलिस ने कहा कि उसने इंडियन मुजाहिदुदीन के तीन कथित चरमपंथियों और बटला हाउस के एल-18 मकान की देखभाल करने वाले व्यक्ति को गिरफ़्तार किया। दिल्ली में हुए विस्फोटों के आरोप में पुलिस ने कुल 14 लोग गिरफ़्तार किए। ये गिरफ़्तारियां दिल्ली और उत्तर प्रदेश से की गईं। मानवाधिकार संगठनों ने बटला हाउस एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मामले की न्यायिक जांच की माँग की। दिल्ली हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से पुलिस के दावों की जांच कर दो महीने में रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष अपनी रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट में दिल्ली पुलिस को क्लीन चिट दी गई।

दिल्ली हाईकोर्ट ने एनएचआरसी की रिपोर्ट स्वीकार करते हुए न्यायिक जांच से इनकार किया। हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की गई, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने भी न्यायिक जांच से इंकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामले की जांच से पुलिस का मनोबल प्रभावित होगा। बटला हाउस एनकाउंटर के दो साल पूरे होने पर दिल्ली की जामा मस्जिद के पास मोटर साइकिल सवारों ने विदेशी पर्यटकों पर गोलीबारी की। इसमें दो ताइवानी नागरिक घायल हुए।

पुलिस इंस्पेक्टर मोहन चंद्र शर्मा की मौत के सिलसिले में पुलिस ने शहज़ाद अहमद को गिरफ़्तार किया। अदालत ने शहज़ाद अहमद के मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद फ़ैसला सुरक्षित किया।अदालत ने शहजाद अहमद को दोषी क़रार दिया।
– एजेंसी

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