सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के लैंड यूज में बदलाव को चुनौती देने वाली याचिका खारिज

नई दिल्‍ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के दायरे में आने वाले एक प्लॉट के लैंड यूज में बदलाव को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी.
गौरतलब है कि जिस प्लॉट के लैंड यूज में बदलाव को चुनौती दी गई थी, उसी जगह उपराष्ट्रपति का नया आधिकारिक आवास बनना है.
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एएम खानविलकर की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि प्रशासन सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को लेकर लैंड यूज में बदलाव से जुड़ी चिंताओं पर विस्तार से अपना पक्ष रख चुका है. इस बेंच में जस्टिस दिनेश महाश्वेरी और जस्टिस सीटी रविकुमार भी सम्मिलित हैं.
बेंच ने कहा, “इस मामले में और सुनवाई की हमारे पास कोई वजह नहीं है. इसलिए इस याचिका को खारिज कर हम पूरे विवाद पर विराम लगाते हैं.”
सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट की सितंबर 2019 में घोषणा की गई थी. इसके तहत एक त्रिकोणात्मक संसद भवन का निर्माण भारत की आज़ादी की 75वीं सालगिरह के मौके पर अगस्त, 2022 तक किया जाना है.
-एजेंसियां

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