फसलों के अवशेष जलाने पर जुर्माना लगेगा-डीएम

Penalty for burning of residues of crops-DM
फसलों के अवशेष जलाने पर जुर्माना लगेगा-डीएम

आगरा। डीएम आगरा ने आज आदेश देते हुए कि राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण, नई दिल्ली द्वारा हाल के दिनों में पर्यावरणीय क्षति को कम करने हेतु अपने आदेश में कृषि अपशिष्टों जैसे फसलों के अवशेष, डंठलों या भूसा को जलाये जाने पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगा दिया है।
ऐसा करने वाले किसानों को 2500/ से लेकर 15 हजार रूपया तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है। साथ ही ऐसा करने वाले किसान को बीज एवं उन्नतशील कृषि यन्त्रों पर दी जाने वाली सब्सिडी से भी वंचित किया जा सकता है।
कृषि अपशिष्टों को जलाये जाने से वायुमण्डल में कार्बन डाई आॅक्साइड गैस की मात्रा बढाती है, जिससे वायुमण्डलीय के साथ-साथ मृदा तापक्रम भी बढ जाता है। इसके परिणाम स्वरूप मिट्टी में पाये जाने वाले लाभदायक जीवाणुओं की क्रियाशीलता पर विपरीत प्रभाव पड़ता है जिससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति निरन्तर क्षीण हो रही है तथा पर्यावरणीय सन्तुलन बिगड़ रहा है।

इस सम्बन्ध में जिलाधिकारी गौरव दयाल ने बताया कि इसे देखते हुए एनजीटी ने फसल अवशेषों को जलाये जाने से रोकने हेतु कम्बाइन हारवेस्टर स्टाªॅ रीपर विद बाइन्डर का प्रयोग अनिवार्य कर दिया है। कोई भी कृषक बगैर स्टाªॅ रीपर के कम्बाइन हारवेस्टर का प्रयोग नहीं करेगा।
किसान भाई मनरेगा योजनान्तर्गत अपने खेत में गड्ढे की खुदाई कराकर तथा कृषि अवशेषों को उसमें डालकर कम्पोस्ट खाद का निर्माण कर सकते हैं जिससे किसान भाई मृदा की उर्वरा शक्ति को बढाने के साथ-साथ पर्यावरण को भी स्वच्छ रख सकते हैं।
यदि कोई कृषक कृषि अवशेष जलाये जाने का दोषी पाया जाता है तो पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के रूप में उसमें कृषक जिनकी जोत 2 एकड़ से कम है- 2500 रूपये प्रति घटना, जोत 2 से 5 एकड़ होने पर- 5 हजार रूपये प्रति घटना, जोत 5 एकड़ से अधिक होने पर- 15 हजार रूपये प्रति घटना, पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के रूप में अर्थदण्ड वसूल किया जायेगा।
– Legend News

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