पटना हाईकोर्ट की निगरानी में होगी Muzaffarpur कांड की सीबीआई जांच

पटना। बिहार के Muzaffarpur शेल्‍टर होम मामले की सीबीआई जांच अब पटना हाईकोर्ट की निगरानी में होगी। बच्चियों के साथ बलात्कार के मामले की केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की जांच पटना उच्च न्यायालय के निगरानी में होगी। चीफ जस्टिस राजेन्द्र मेनन और न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद की खंडपीठ ने आज मामले की सीबीआई जांच की निगरानी करने और दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने के लिए त्वरित अदालत का गठन करने के राज्य सरकार के अनुरोध को स्वीकार कर लिया है। मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी।

समाज कल्याण विभाग के निर्देश पर मुंबई के टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस (टीआईएसएस) ने Muzaffarpur में बालिका अल्पावास गृह का संचालन करने वाले गैर सरकारी संस्थान (एनजीओ) सेवा संकल्प एवं विकास समिति की सोशल ऑडिट की थी। टीआईएसएस ने अपनी रिपोर्ट इस वर्ष 26 मई को विभाग को सौंप दी। इस रिपोर्ट में ही खुलासा हुआ कि बालिका गृह में रहने वाली बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न किया गया है।

रिपोर्ट सौंपे जाने के लगभग एक माह के बाद इस मामले में कार्रवाई की गयी। चिकित्सीय जांच में 34 बच्चियों के साथ बलात्कार किये जाने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद बालिका गृह से 44 बच्चियों को मुक्त कराया गया। मुक्त करायी गयी बच्चियों को पटना, मोकामा और मधुबनी के बालिका गृह में भेजा गया। इस मामले में बालिका गृह के संचालक ब्रजेश ठाकुर समेत दस लोगों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है। राज्य सरकार ने इस मामले की 26 जुलाई को केन्द्रीय जांच ब्यूरो(सीबीआई) से जांच कराने की अनुशंसा की थी।

इस मामले की जांच फिलहाल सीबीआई कर रही है। जांच की जिम्मेवारी संभाल रही सीबीआई ने समाज कल्याण विभाग से बालिका गृह से जुड़े सभी दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले लिया है। सीबीआई ने सील किये गये बालिका गृह के सभी कमरों की छानबीन करने के बाद पीड़ित बच्चियों से भी जानकारी ली है। सीबीआई के रडार पर समाज कल्याण विभाग Muzaffarpur के कई अधिकारी भी हैं।
-एजेंसी

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