संवासिनों की मौत का मामला, आसरा गृह के सचिव सहित Manisha Dayal गिरफ्तार

Manisha Dayal की बिहार के पूर्व मंत्री श्याम रजक (जेडयू), पूर्व मंत्री शिवचन्द्र राम (आरजेडी ) और आजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी के साथ तस्वीर वायरल हो रही है

पटना। राजीवनगर के नेपालीनगर स्थित आसरा गृह के दो संवासिनों की मौत मामले में चार पर एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने आसरा गृह के संचालक सचिव चिरंतन कुमार और कोषाध्यक्ष Manisha Dayal को गिरफ्तार किया है।

रविवार देर रात मजिस्ट्रेट नीलू पॉल के बयान पर राजीवनगर थाने में एफआईआर की गई है।एफआईआर में चिरंतन कुमार और मनीषा दयाल के अलावा एक डॉक्टर और एएनएम का भी नाम है। दर्ज केस में बताया गया है कि संवासिनों के इलाज में लापरवाही बरती गई। पुलिस ने ‘आसरा गृह’ की कर्मी रेणु सिन्हा व अन्य दो को हिरासत में भी लिया है। उनसे भी पूछताछ की जा रही है। इधर, देर रात सीआईडी की टीम ने ‘आसरा गृह’ पहुंच कर जांच की है। वहीं डीएम और एसएसपी ने भी ‘आसरा गृह’ जाकर वहां के संवासिनों से बात की और उनका बयान लिया है।

Manisha Dayal उर्फ मिलि, ग्लैमर और सियासी कनेक्शन
मनीषा दयाल उर्फ मिलि, ग्लैमर और सियासी कलेक्शन। शुरुआती दौर से ही मनीषा का ग्लैमर से नजदीकी नाता रहा है। शुरू में उसने मॉडलिंग भी की। बाद में कई मॉडलिंग प्रतियोगिता करवाने में भी मनीषा का नाम सामने आया। खेल प्रतियोगिताओं में भी मनीषा की दिलचस्पी थी। मनीषा दयाल का लंबा-चौड़ा सियासी और खाकी कनेक्शन भी है। एक नेता उसके दूर के संबंधी बताये जाते हैं। जबकि पुलिस महकमे में भी मनीषा की अच्छी पहुंच है। बड़ी सिफारिश होने के कारण ही मनीषा के एनजीओ को आसरा गृह चलाने का काम मिला था। खबर यहां तक है कि आगे भी उसे कई बड़े काम मिलने वाले थे। बड़ी पैरवी का ही असर था कि चार लड़कियों के भागने की कोशिश करने के बावजूद मनीषा के एनजीओ के ऊपर एफआईआर दर्ज नहीं की गयी थी। जबकि उस रोज भी एनजीओ की लापरवाही सामने आयी थी।

मनीषा दयाल से जब पूछा गया तो उसने बताया कि शुक्रवार को हमलोग चार-साढ़े बजे थाने से होम पहुंचे। हम चार-पांच लोग दोनों संवासिनों को लेकर पीएमसीएच गये। संवासिनों को साढ़े चार-पांच बजे होम से हॉस्पिटल ले जाया गया। जबकि पीएमसीएच के रजिस्टर में 9. 26 दर्ज है। आखिर करीब पांच घंटे तक दो संवासिनें कहां थी?

डॉक्टर और एएनएम की तलाश में छापेमारी
‘आसरा गृह’ में प्राय: आने वाले एक डॉक्टर और एएनएम की तलाश में पटना पुलिस की विशेष टीम ने रविवार देर रात तक अलग-अलग इलाकों में छापेमारी की है। हालांकि दोनों नहीं मिले। एएनएम काफी दिन पहले से नहीं आ रही थी। इस कारण बीमार संवासिनों का इलाज नहीं हो पाया। डॉक्टर भी नहीं आते थे।

बुखार और डायरिया था या कुछ और
डीएम कुमार रवि ने बताया कि प्रथमदृष्टया उन्हें यह जानकारी मिली है कि दोनों संवासिनें बुखार और डायरिया से पीड़ित थीं। एकाएक दोनों की तबीयत बिगड़ी। डीएम ने कहा कि छानबीन के बाद चीजें स्पष्ट होंगी। इधर, दो संवासिनों की मौत की खबर डीएम-एसएसपी को भी सही समय पर खबर नहीं दी गयी। वहीं आसरा गृह ने भी राजीवनगर थाने की घटना की जानकारी नहीं दी।

मुजफ्फरपुर बालिकागृह से आने की बात चर्चा में रही
चर्चा रही कि जिन संवासिनों की मौत हुई है उन्हें पूर्व में मुजफ्फरपुर बालिका गृह से ही यहां भेजा गया था। मुजफ्फरपुर बालिका गृह से 34 लड़कियों को पटना, मोकामा और मधुबनी भेजा गया था। हालांकि पटना डीएम ने इससे इनकार किया है।

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कभी सियासी भूचाल तो कभी आश्रयगृहों में रह रहीं बच्चियों के साथ ज्यादतियों को लेकर इनदिनों बिहार सुर्खियों में हैं। ताजा मामला  पटना आसरा गृह में दो लड़कियों की मौत का है। लड़कियों की मौत के बाद संस्था के संचालक चिन्तन और संचालिका मनीषा दयाल को गिरफ्तार तो कर लिया गया है। लेकिन महज कुछ सालों में मनीषा कैसे बुलंदियों तक पहुंची उनका यह सफर भी काफी रोचक रहा है। फिलहाल, मनीषा दयाल की बिहार के पूर्व मंत्री श्याम रजक (जेडयू), पूर्व मंत्री शिवचन्द्र राम (आरजेडी ) और आजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी के साथ तस्वीर वायरल हो रही है।

मुजफ्फरपुर बालिका गृह रेप कांड में बचे भूचाल के बाद बच्चियों की आश्रय गृह में मौत ने एकबार फिर इन अनाथ आश्रमों में रहने वाली बच्चियों की स्थिति को लेकर संदेह की सूई घूम रही है। माना ये भी जा रहा है कि Manisha Dayal की राजनीतिक पैठ गहरी थी जबकि आरजेडी प्रवक्ता भाई वीरेंद्र और कांग्रेस के विधान पार्षद प्रेमचंद्र मिश्रा ने बयान दिया है कि नेताओं के साथ कोई भी तस्वीर ले सकता है।
-एजेंसी

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