पासपोर्ट मामला: अब पुलिस वेरीफिकेशन से गुजरना होगा अनस सिद्दीकी व तन्वी सेठ को

लखनऊ। पासपोर्ट सेवा केंद्र पर आवेदन के दौरान पासपोर्ट ग्रांटिंग अफसर के ऊपर धर्म की आड़ लेकर अपमान का आरोप लगाने वाले अनस सिद्दीकी व तन्वी सेठ को अब पुलिस वेरीफिकेशन से गुजरना होगा। गुरुवार को क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी ने उन्हें भले ही घंटे भर में पासपोर्ट सौंप दिए लेकिन अब पुलिस छानबीन करेगी।
नोएडा में नौकरी करने वाले अनस ने अंडरटेकिंग दी है कि वह जिस मल्टीनेशनल कंपनी में कार्य करते हैं उसने उन्हें वर्क फ्रॉम होम की अनुमति दे रखी है। अगर लखनऊ में स्थाई रूप से रहने की बात गलत साबित हुई तो दोनों को पासपोर्ट लौटाने पड़ सकते हैं। धर्म के नाम पर अपमान के आरोप से डरे विदेश मंत्रालय के दबाव पर अफसरों ने तन्वी व अनस को पासपोर्ट सौंपने में कदम-कदम पर नियमों की अनदेखी की है। विषम परिस्थितयों को छोड़कर इस तरह पासपोर्ट जारी करने का कोई नियम नहीं है।
सीसीटीवी फुटेज से भी पता चल सकेगी हकीकत
पीजीओ विकास मिश्र व तन्वी के मध्य क्या बातचीत हुई इसकी पोल पासपोर्ट सेवा केंद्र में लगे सीसीटीवी कैमरे से पता चल सकती है। इसके अलावा जांच में तन्वी के पीछे कतार में लगे आवेदक के बयान से भी हकीकत सामने आ सकती है लेकिन अब विभाग ने जो गलती खुद की है, उसे वह सही साबित करने में जुटा हुआ है। अफसर खुद इस पचड़े में फंसने के बजाए किसी तरह बचकर निकलना चाहते हैं।
अफसरों ने की अनदेखी
रीजनल पासपोर्ट ऑफिसर पीयूष वर्मा से लेकर उनके दफ्तर के सभी अफसरों को भली भांति पता था कि अनस सिद्दीकी नोएडा में नौकरी करते हैं। इसके बावजूद उन्हें लखनऊ से पासपोर्ट जारी कर दिया। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी वर्क फ्रॉम होम पर उन्हें लखनऊ में रहने की छूट दिए है। इसकी सच्चाई जानने के विभाग ने भी जहमत नहीं उठाई। पासपोर्ट दफ्तर में लखनऊ के ही सैकड़ों छात्रों को दिल्ली, गुड़गांव में पढ़ने की वजह से पासपोर्ट नहीं मिल पाता है। नियमत: उनसे संबंधित कॉलेज या संस्थान से प्रॉविजनल सर्टिफिकेट लाने या फिर वहीं से पासपोर्ट बनवाने के लिए कहा जाता है। उनकी पुलिस रिपोर्ट भी मूल पते व पढ़ने या नौकरी करने वाले जिले की पुलिस से मंगाने के बाद ही पासपोर्ट बनाया जाता है।
लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय के रीजनल पासपोर्ट ऑफिसर पीयूष वर्मा ने कहा, ‘अगर किसी के पास तीन आईडी हैं तो उनके आधार पर पुलिस वेरीफिकेशन बगैर पासपोर्ट निर्गत किया जा सकता है। इसी वजह से उनके पासपोर्ट, पोस्ट पुलिस वेरीफिकेशन रिपोर्ट के आधार पर बनाए गए हैं।’
-एजेंसी

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