Ad guru एलीक पदमसी का 90 की उम्र में निधन

Ad guru पदमसी साल 1982 में आई फिल्म गांधी में मोहम्मद अली जिन्ना के किरदार से काफी मशहूर हुए थे

मुंबई। हमारा बजाज और लिरिल जैसे एड बनाने वाले Ad guru और एक्टर एलीक पदमसी का 90 वर्ष की आयु में आज शनिवार की सुबह निधन हो गया। उम्र बढ़ने की वजह से उनका स्वास्थ्य खराब था। पिछले कुछ समय से उनका इलाज चल रहा था। Ad guru पदमसी साल 1982 में आई फिल्म गांधी में मोहम्मद अली जिन्ना के किरदार से काफी मशहूर हुए थे। विज्ञापनों से भी पदमसी ने दुनियाभर में पहचान बनाई थी। 80 से 90 के दशक में लिरिल गर्ल समेत पदमसी के बनाए विज्ञापन काफी मशहूर हुए थे। उन्होंने एविटा, जीसस क्राइस्ट सुपरस्टार और ब्रोकन इमेजेज जैसे अंग्रेजी नाटक भी प्रोड्यूस किए थे। पदमसी के निधन पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दुख जताया है।

पदमसी के 5 विज्ञापन मशहूर हुए थे

1982 में ‘गांधी’ फिल्म में मोहम्मद अली जिन्ना का किरदार पदमसी ने ही अदा किया था।
1989 में बजाज स्कूटर के ‘बुलंद भारत की बुलंद तस्वीर…हमारा बजाज’ टीवी कमर्शियल के पीछे पदमसी का ही दिमाग था।
झरने और मॉडल के साथ साबुन लिरिल का पहला विज्ञान एलक पदमसी ने ही बनाया था। इसकी शूटिंग महाराष्ट्र के खंडाला और तमिलनाडु के कोडाइकैनाल में हुई थी।
सर्फ का ललिताजी वाला विज्ञापन, चार्ली चैपलिन की मूक-हास्य फिल्मों की तरह बना चैरी ब्लॉसम शू पॉलिश का ऐड और एमआरएफ का मसलमैन विज्ञापन भी उन्हीं की रचना थी।

पहली नौकरी 300 रुपए से शुरू हुई थी
साल 2016 में एक इंटरव्यू के दौरान पदमसी ने कहा था कि “मुझे 19 साल की उम्र में अपनी पहली पत्नी पर्ल से प्यार हुआ था। मैं पर्ल से शादी करना चाहता था। लेकिन, मेरे मां-पिता ने पूछा कि बिना नौकरी और पैसों के शादी कैसे कर सकते हो? इसके बाद मैंने एड की दुनिया में कदम रखा। मुझे बतौर कॉपीराइटर 300 रुपए वेतन पर पहली नौकरी मिली थी।”

एलिक पदमसी के पिता जफरभाई और मां कुलसुमबाई गुजरात के खोजा मुस्लिम समुदाय से थे। एलिक के भाई अकबर पदमसी मॉडर्न आर्ट के कलाकार हैं। पदमसी 14 साल तक विज्ञापन एजेंसी लिन्टास इंडिया के सीईओ रहे। उनके कार्यकाल में लिन्टास ने देश की टॉप एजेंसियों में जगह बनाई।

बोमन ईरानी को थिएटर में पहला मौका दिया था

एक्टर बोमन ईरानी ने Ad guru पदमसी के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि थिएटर में उन्हें पहला मौका पदमसी ने ही दिया था। बोमन का कहना है कि पदमसी स्वतंत्र विचारों वाले थे। उनके जैसा कोई और नहीं हो सकता।

-एजेंसी

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