Parliamentary समिति का Twitter को आदेश, 10 दिन में जवाब दाखिल करें

नई दिल्‍ली। सूचना एवं तकनीक से जुड़ी Parliamentary समिति के प्रमुख अनुराग ठाकुर ने Twitter को आदेश दिया है कि वे सभी अनुत्‍तरित सवालों 10 दिन में जवाब दाखिल करें।

साथ ही ट्विटर से सुनिश्चित करने को कहा है कि विदेशी संस्थाओं द्वारा भारतीय चुनाव कतई प्रभावित न किए जा सकें।

सूचना एवं तकनीक से जुड़ी Parliamentary समिति के प्रमुख अनुराग ठाकुर ने ट्विटर के सीईओ जैक डोरसी का लिखा व्यक्तिगत खत पढ़ा, और ट्विटर उपाध्यक्ष तथा ग्लोबल पॉलिसी प्रमुख कॉलिन क्रोवेल को पेश होने की अनुमति दी अनुराग ठाकुर ने ट्विटर से सुनिश्चित करने को कहा है कि विदेशी संस्थाओं द्वारा भारतीय चुनाव कतई प्रभावित न किए जा सकें।

सूत्रों के मुताबिक, अनुराग ठाकुर ने ज़ोर देकर कहा कि ट्विटर को इन मुद्दों पर चुनाव आयोग के साथ रीयल-टाइम में काम करना होगा। ट्विटर ने अनुत्तरित प्रश्नों का उत्तर देने के लिए दस दिन का वक्त मांगा है, जिसके बाद उन्हें दोबारा संसदीय समिति के समक्ष बुलाया जा सकता है।

दरअसल, यूथ फॉर सोशल मीडिया डेमोक्रेसी (वाईएसएमडी) ने ट्विटर पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए में नई दिल्ली स्थित इसके ऑफिस के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था। 31 जनवरी को अनुराग ठाकुर को सौंपे गए दस्तावेज में वाईएसएमडी ने कहा था, ‘वामपंथी विचारधारा वाले उन खातों के प्रति कोई कार्रवाई नहीं होती है, जो लगातार आक्रामक, गाली गलौच से भरपूर और धमकी वाले पोस्ट करते हैं। जबकि यह ट्विटर के नियमों के खिलाफ होता है।

नागरिकों के अधिकार की सुरक्षा के मुद्दे पर समिति ने समिति ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म को समन किया था। संसदीय कमिटी की अध्यक्षता भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर कर रहे हैं। समिति ने एक फरवरी को ट्विटर को पत्र भेजकर समन जारी किया था।

पहले सात फरवरी को बैठक तय थी, लेकिन उसे 11 फरवरी को रखा गया था ताकि ट्विटर के सीईओ समेत कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को आने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। इसके बाद ट्विटर ने सुनवाई के लिए कम समय मिलने को कारण बताते हुए इन्कार कर दिया था।

-एजेंसी

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