लखनऊ में कोरोना की दहशत, आशंका से अस्‍पताल पहुंच रहे हैं सामान्‍य मरीज

लखनऊ। कोरोना वायरस को लेकर लोगों में जागरूकता के साथ ही दहशत भी बढ़ती जा रही है। आलम यह है कि केजीएमयू सहित शहर के अन्य सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों में दस से बीस फीसदी कोरोना की आशंका में जांच करवाने पहुंच रहे हैं। यहां तक कि सांस और नाक-कान-गले की ओपीडी में मरीज खुद ही डॉक्टर से कोरोना की जांच करवाने की मांग कर रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार कुल आने वाले मरीजों में बीस से तीस फीसदी कोरोना जांच की मांग कर रहे हैं। हालांकि ज्यादातर में सामान्य सर्दी-खांसी के लक्षण होते हैं।
केजीएमयू के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के हेड डॉ. सूर्यकांत के अनुसार कुछ दिन पहले एक बड़े नेता का फोन आया था। उन्होंने बताया कि सिंगापुर से घूमकर आए बेट और बहू को खांसी आ रही है, कोरोना की जांच करवा दीजिए। इसी तरह ओपीडी में रोज बीस से तीस फीसदी मरीज सांस लेने में दिक्कत पर कोरोना जांच की मांग कर रहे हैं। इनमें से कई को पहले से सांस की बीमारी होती है। हालांकि सावधानी बरतते हुए सभी मरीजों की स्क्रीनिंग की जा रही है। सामान्य मरीजों से भी बैंकग्राउंड भी पूछा जा रहा है।
गर्भवतियों में भी दहशत
कोरोना की दहशत से गर्भवतियां भी जांच करवाने पहुंच रही हैं। सर्दी-खांसी की शिकायत होने पर डॉक्टरों से जांच करवाने को कह रही हैं। क्वीन मेरी अस्पताल की डॉ. उमा सिंह के अनुसार महिलाओं में डर है। ऐसे में ओपीडी में सबको लक्षण बताने के साथ ही जागरूक किया जा रहा है। अब तक एक भी संदिग्ध मरीज सामने नहीं आया है। वहीं, डफरिन अस्पताल की एसआईसी डॉ. नीरा जैन ने बताया अस्पताल में आइसोलेशन वॉर्ड तैयार है। डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों को मास्क पहनकर काम करने के निर्देश दे दिए गए हैं। झलकारीबाई अस्पताल की सीएमएस डॉ. सुधा वर्मा के अनुसार सावधानी के मद्देनजर आइसोलेशन वॉर्ड तेयार करवा लिया गया है।
सिविल: 20 से 25 फीसदी कर रहे टेस्ट की मांग
सिविल अस्पताल के डॉ. अशोक दुबे ने बताया कि ओपीडी में रोज 20 से 25 मरीज कोरोना टेस्ट करवाने आ रहे हैं। गले का सामान्य इंफेक्शन होने पर भी लोग कोरोना वायरस का असर समझ रहे हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि प्रभावित देशों की यात्रा करने या वहां से आने वालों के संपर्क में आने वालों को ही खतरा है। राजधानी में अब तक कोरोना का एक भी मरीज नहीं मिला है, ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है।
लोहिया और बलरामपुर में भी मांग
लोहिया संस्थान के डॉ. हेमंत कुमार ने बताया कि ओपीडी में आने वाले मरीजों में करीब दस फीसदी कोरोना के लक्षण और जांच के लिए आ रहे हैं। वहीं, बलरामपुर अस्पताल के डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी के अनुसार रोज आने वाले मरीजों में दस से पंद्रह फीसदी कोरोना की चपेट में आने की आशंका जताते हुए जांच की मांग कर रहे हैं।’
-एजेंसियां

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